लखनऊ। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा हल्द्वानी में आयोजित कांग्रेस पार्टी के जनसभा के बाद जनसभा स्थल पर गंगाजल से तथाकथित शुद्धिकरण का अनुष्ठान अत्यंत घृणित कृत्य है और यह भाजपा द्वारा पोषित की जा रही मूलतः भेदभावपूर्ण मानसिकता का स्पष्ट प्रतिबिंब है और उनके नेतृत्व द्वारा निरंतर आगे बढ़ाए जा रहे प्रतिगामी एवं विभाजनकारी मार्ग को उजागर करता है। यह शर्मनाक और प्रतिगामी कृत्य केवल कांग्रेस अध्यक्ष जी का अपमान नहीं है, बल्कि करोड़ों भारतीयों की गरिमा तथा समानता, बंधुत्व, सामाजिक न्याय एवं मानवीय गरिमा के संवैधानिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है। अ.भा. कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय जी पूर्व मंत्री के आवाहन पर इस अत्यंत निंदनीय घटना के विरोध में आज पूरे प्रदेश के सभी जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटियों द्वारा एक विशाल मार्च एवं सत्याग्रह का आयोजन किया गया।
राजधानी लखनऊ में प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, लखनऊ से शांतिपूर्ण मार्च का आयोजन किया गया जिसका नेतृत्व जिला कंाग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रूद्रदमन सिंह बबलू, शहर अध्यक्ष उत्तरी अमित श्रीवास्तव त्यागी एवं शहर अध्यक्ष दक्षिणी डा0 शहजाद आलम द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से मार्च निकलकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की प्रतिमा जीपीओ की ओर कूच किया जहां रास्ते में लालबहादुर शास्त्री मार्ग के पहले भारी पुलिस बल द्वारा बैरीकेडिंग लगाकर कांग्रेसजनों को रोक लिया गया। जहां पर सभी कांग्रेसजन बैठ गये और खड़गे जी का यह अपमान नहीं सहेगा हिन्दुस्तान, दलितों का यह अपमान नहीं सहेगा हिन्दुस्तान, के नारे लगाये।
इस मौके पर जिला कांग्रेस कमेटी लखनऊ के अध्यक्ष रूद्र दमन सिंह बबलू ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष एवं राज्यसभा में विपक्ष के नेता और मल्लिकार्जुन खड़गे जी की हल्द्वानी में रैली के बाद उसी जगह पर किया जाने वाला तथाकथित ‘‘शुद्धिकरण‘‘ समारोह न केवल शर्मनाक है बल्कि बेहद निंदनीय भी है। यह आरएसएस/भाजपा और उनके सहयोगी संगठनों की जातिगत भेदभाव और छुआछूत वाली घटिया सोच को दर्शाता है। लखनऊ उत्तरी के शहर अध्यक्ष अमित श्रीवास्तव त्यागी ने ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे जी राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष के संवैधानिक पद पर हैं। इस घटना के बाद पूरे देश के दलितों में आक्रोश व्याप्त है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा किये गये इस संविधान विरोधी और घिनौने कृत्य के लिए प्रधानमंत्री देश से माफी मांगे।
लखनऊ दक्षिणी के शहर अध्यक्ष डाॅ0 शहजाद आलम ने कहा कि भारत के संविधान से संचालित एक लोकतांत्रिक समाज में ऐसी भेदभावपूर्ण प्रथाओं और मानसिकता का कोई स्थान नहीं है। ऐसा कृत्य मल्लिकार्जुन खड़गे जी का सिर्फ अपमान नहीं है, बल्कि यह करोड़ों दलितों, पिछड़े वर्ग और हाशिए पर रहने वाले समुदायों की गरिमा और बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा स्थापित संवैधानिक मूल्यों का भी अपमान है। इस घटना से भाजपा का दलित विरोधी चेहरा बेनकाब हो गया है।
प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमैन-पूर्व मंत्री डाॅ0 सी0पी0 राय ने बताया कि आज पूरे प्रदेश में जिला एवं शहर अध्यक्षों के नेतृत्व में शांति मार्च निकालकर भाजपा और आरएसएस की दलित विरोधी सोच और दलितों के किये जा रहे अपमान के खिलाफ विरोध दर्ज किया गया।
शांति मार्च में प्रमुख रूप से प्रदेश कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष डा0 प्रमोद कुमार पाण्डेय, विचार विभाग के उपाध्यक्ष सुरेन्द्र यादव, संजय शर्मा, पंकज तिवारी,अनामिका यादव, सुशीला शर्मा, बृजेन्द्र कुमार सिंह, नरेन्द्र गौतम, वेद प्रकाश त्रिपाठी, ललन कुमार,तारिक सिद्दीकी, नरेश बाल्मीकि,आशुतोष मिश्रा, राकेश पाण्डेय, विशम सिंह, शीला मिश्रा, आर0पी0 सिंह,शशांक त्रिपाठी अंशू, अयाज खान अच्छू,सुशील तिवारी सोनू पंडित,शैलेन्द्र दीक्षित, मो0 नईम, अजीत मौर्या, राम प्रकाश शुक्ला, बाबा पाण्डेय, तीरथराज मिश्रा, माशूक अली आदि सैंकड़ों कांग्रेसजन शामिल रहे।



