विकास की नई नीति, हर क्षेत्र को मिलेगा बराबर अवसर:मुख्यमंत्री

  • हर विधानसभा क्षेत्र को मिलेगा विकास कार्यों में समुचित स्थान, कोई भी क्षेत्र नहीं रहेगा अछूता।
  • ₹6568.36 करोड़ की 1284 विकास परियोजनाएं चिन्हित, मेरठ मंडल में विकास कार्यों को मिलेगी नई रफ्तार।
  • जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता के अनुसार तैयार हों कार्ययोजनाएं, सभी प्रस्तावों पर शीघ्र स्वीकृति के निर्देश।
  • धार्मिक स्थलों एवं धर्मार्थ कार्यों के प्रस्ताव श्रद्धालु संख्या और उपयुक्तता को ध्यान में रखकर हों तैयार।
  • जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर मुख्यमंत्री ने पीडब्ल्यूडी की वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना पर की समीक्षा।

गौतमबुद्धनगर। मुख्यमंत्री योगी ने लोक निर्माण विभाग की मेरठ मंडल की वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना में जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकताओं को सर्वोच्च महत्व देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सांसद एवं विधायक अपने-अपने लोकसभा तथा विधानसभा क्षेत्रों की विकास आवश्यकताओं के अनुरूप प्रस्तावों का प्राथमिकता क्रम निर्धारित करें, ताकि जनहित की परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति देकर समयबद्ध ढंग से क्रियान्वित किया जा सके। अब तक मेरठ मंडल में ₹6568.36 करोड़ लागत की कुल 1284 विकास परियोजनाएं अब तक चिन्हित की जा चुकी हैं।

गौतमबुद्धनगर में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने मेरठ मंडल के जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि विकास कार्यों के प्रस्ताव ऐसे क्षेत्रों के लिए तैयार किए जाएं, जहां इस प्रकार के कार्य पूर्व में नहीं हुए हैं, ताकि विकास का लाभ नए क्षेत्रों तक पहुंचे तथा उपलब्ध संसाधनों का संतुलित एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के विकास प्रस्तावों को कार्ययोजना में समुचित स्थान दिया जाए। कोई भी विधानसभा क्षेत्र विकास कार्यों से वंचित न रहे तथा संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी स्वीकृत परियोजना का कोई अवशेष कार्य शेष है, तो उसे भी कार्ययोजना में सम्मिलित कर शीघ्र पूर्ण कराया जाए, ताकि जनता को उसका लाभ समय पर मिल सके।

READ ALSO: 01 जुलाई से लागू होगी जी राम जी योजना:उप मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि धर्मार्थ कार्यों से संबंधित प्रस्ताव ऐसे स्थलों के लिए तैयार किए जाएं, जहां श्रद्धालुओं की संख्या अधिक हो तथा निर्माण कार्यों के लिए पर्याप्त एवं उपयुक्त स्थान उपलब्ध हो। ऐसे प्रस्ताव स्थानीय आवश्यकता एवं जनसुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी कार्ययोजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, जिससे विकास परियोजनाओं का क्रियान्वयन बिना किसी अनावश्यक विलंब के प्रारंभ हो सके। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता तथा समयबद्धता सुनिश्चित करते हुए जनप्रतिनिधियों के सुझावों एवं स्थानीय आवश्यकताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

Related Articles

Back to top button