उन्नाव दुष्कर्म के आरोपी की बनारस जेल में मौत

उन्नाव दुष्कर्म के आरोपी की बनारस जेल में मौत।परिजनो ने जेल प्रशासन पर उत्पीड़न और हत्या का लगाया आरोप।

राकेश यादव

लखनऊ। गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के निहालीखेड़ा उन्नाव निवासी राहुल निषाद की वाराणसी जेल में मौत हो गई। वह दुष्कर्म और मारपीट के मामलों में आरोपी था। परिजनों ने जिला कारागार के बाहर हंगामा किया। उन्होंने जेल प्रशासन पर यातनाएं देने और हत्या का आरोप लगाया।परिजनों का आरोप है कि राहुल को ढाई बीघा जमीन के विवाद में फंसाया गया था। उस पर 2021 से 2025 के बीच दुष्कर्म के चार और अनुसूचित जाति उत्पीड़न व मारपीट के चार मुकदमे दर्ज हुए थे। राहुल को आठ महीने पहले बांगरमऊ से गिरफ्तार किया गया था। चाचा राजू ने बताया कि सामूहिक दुष्कर्म के एक मामले में उसे जमानत मिल गई थी। हालांकि अन्य मामलों में जमानत अर्जी खारिज हो गई थी। उन्होंने जेल में राहुल को यातनाएं देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उसे करंट लगाया गया और तन्हाई में रखा गया। बाद में उसे मानसिक बीमार बताकर 24 मार्च को वाराणसी जेल स्थानांतरित किया गया।

बीते मंगलवार की शाम करीब सात बजे राहुल ने अपने चाचा जगदीश से फोन पर बात की थी। उस समय उसने कोई बीमारी या दिक्कत नहीं बताई थी। उसी रात 12:07 बजे उसकी बनारस जेल में मौत हो गई। जेल प्रशासन ने बुधवार दोपहर 12 बजे मौत की सूचना दी। परिजनों ने इसे जेल प्रशासन की सोची समझी साजिश बताया। राहुल की मौत से उसकी मां कुंती और अन्य परिजन बेहाल हैं। राजू ने बताया कि गांव के एक व्यक्ति ने फर्जी मुकदमे दर्ज कराए। यह सब ढाई बीघा जमीन पर कब्जे के विवाद के कारण हुआ। राहुल खेती और संपत्ति के कारोबार का काम करता था। प्रधानी का चुनाव लड़ना चाहता था। उसके विपक्षी उसे प्रतिद्वंद्वी मानने लगे थे। इसी कारण उसे मुकदमों में फंसाया गया। परिजनों ने जेल प्रशासन पर उत्पीड़न और प्रताड़ना के बाद हत्या कराने का आरोप लगाया। उन्होंने जेल अधिकारियों की फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग और जेल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की जांच की मांग की।

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