

कारागार विभाग के तबादलों में शुरू हुआ खेल। पैसा फेंको मनमाफिक कमाऊ जेल पाओ। आगरा, गोरखपुर और मेरठ परिक्षेत्र की सूची से हुआ खुलासा। कारागार विभाग में हुए हालिया तबादलों को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। आगरा, गोरखपुर और मेरठ परिक्षेत्र की सूची सामने आने के बाद तबादला प्रक्रिया की पारदर्शिता पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। आरोप लगाए जा रहे हैं कि मनचाही और कथित रूप से लाभदायक जेलों में तैनाती को लेकर प्रभाव और आर्थिक लेनदेन की भूमिका रही है। इन दावों ने प्रशासनिक व्यवस्था और तबादला नीति की निष्पक्षता पर नई बहस को जन्म दे दिया है।
लखनऊ। पैसा फेंको, कमाऊ जेल पाओ। यह बात कारागार विभाग के सुरक्षाकर्मियों की तबादला सूची ने सच साबित कर दी है। विभाग के तीन परिक्षेत्र के वार्डर और हेड वार्डर संवर्ग की पहली तबादला सूची ने इस बात को प्रमाणित भी कर दिया है। सूची में जमकर नशे में धुत होकर जेल में बवाल काटने वाले और अधिकारियों को कमाकर देने वाले सुरक्षाकर्मियों को कमाऊ जेलों पर तैनात कर दिया गया है। चर्चा है कि पश्चिम की कमाऊ जेलों पर तैनात करने के लिए वार्डर और हेड वार्डरों से एक से डेढ़ लाख रुपए तक की रकम वसूल की गई है। परिक्षेत्र की ओर से जारी की गई सूची में करीब सवा से डेढ़ सौ कर्मियों के तबादले किए गए है। सुरक्षाकर्मियों की तबादला सूची को लेकर तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक दो दिन पहले 15 मई को आगरा, गोरखपुर और मेरठ परिक्षेत्र की जेलों पर तैनात सुरक्षाकर्मियों की तबादला सूची जारी की गई है। आगरा जेल परिक्षेत्र के डीआईजी पी एन पांडेय की ओर से जारी की गई सूची में 45 वार्डर और हेड वार्डर के तबादले किए गए। सूची में आगरा जिला कारागार के अधिकांश वॉर्डरो को अलीगढ़ और मैनपुरी जेल पर स्थानांतरित किया गया है। चुनिंदा वॉर्डर कांसगंज जेल भेजे गए हैं। इसी प्रकार गोरखपुर के परिक्षेत्र डीआईजी शैलेन्द्र मैत्रेय की जारी सूची में 39 वार्डर और हेड वार्डर के तबादले किए गए हैं। इस सूची में एक वर्ग विशेष के सुरक्षाकर्मियों से उगाही कर उन्हें मऊ से गोरखपुर, आजमगढ़ से संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर से गोरखपुर, बस्ती जेल पर तैनात किया गया गया है। सूत्रों का कहना है कि इस परिक्षेत्र में भी सुरक्षाकर्मियों से मोटी रकम वसूली की गई है।
इसी प्रकार पश्चिम की कमाऊ जेलों पर तैनाती में भी बड़ा खेल किया गया। मेरठ जेल परिक्षेत्र के डीआईजी सुभाष शाक्य ने 48 सुरक्षाकर्मियों की तबादला सूची जारी की है। इस सूची में हाल ही में बुलंदशहर जेल में नशे में धुत होकर अपने ही सहयोगी बुजुर्ग हेड वार्डर की पिटाई करने वाले सुरक्षाकर्मी को दंड देने के बजाए तोहफे में गाजियाबाद जेल पर तैनात कर दिया गया है। इस सूची में सुरक्षाकर्मियों को मेरठ से गाजियाबाद, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर और गौतमबुद्धनगर से मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर जेल पर तैनात किया गया। धनउगाही कर की गई इन तैनातियों के संबंध में जब एआईजी प्रशासन धर्मेंद्र सिंह से बात करने की कोशिश की गई तो कई प्रयासों के बाद भी उन्होंने फोन नहीं उठाया।
बरेली जेल परिक्षेत्र के तबादलों में अजब गजब का
बरेली जेल परिक्षेत्र के वार्डर संवर्ग के तबादलों में अजब गजब खेल सामने आया है। इस परिक्षेत्र में केंद्रीय कारागार और जिला कारागार में तैनाती को लेकर खासी कश्मश देखने को मिली। बरेली सेंट्रल जेल से आठ सुरक्षाकर्मी हटाए गए टेंट सिर्फ एक किया गया। इसी प्रकार सेंट्रल जेल से हटाकर अधिकाश सुरक्षाकर्मियों को कमाई वाली जिला जेलों पर तैनात किया गया है। इसको लेकर विभागीय कर्मियों में तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।




















