प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 10वीं किस्त

प्रधानमंत्री द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 10वीं किस्त का ऑनलाइन हस्तान्तरण ।योजना के तहत 10 करोड़ से अधिक किसानों को 20 हजार करोड़ रु0 से अधिक की सम्मान राशि उनके बैंक खातों में धनराशि अन्तरित,नवगठित किसान उत्पादक संगठनों (एफ0पी0ओ0) के 01 लाख 24 हजार से अधिक सदस्य किसानों को 14 करोड़ रु0 से अधिक इक्विटी ग्राण्ट ऑनलाइन हस्तान्तरित।मुख्यमंत्री वर्चुअल माध्यम से इस कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।देश के करोड़ों किसान परिवारों को विशेष कर छोटे किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 10वीं किस्त मिली, आज से सैकड़ों नये एफ0पी0ओ0 की शुरुआत हो रही।प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि भारत के किसानों का संबल बनी।देश के छोटे किसानों के बढ़ते हुए सामर्थ्य को संगठित रूप देने में हमारे किसान उत्पाद संगठनों (एफ0पी0ओ0) की बड़ी भूमिका।प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखण्ड, राजस्थान, तमिलनाडु एवं गुजरात के कृषि उत्पादक संगठनों (एफ0पी0ओ0) के सदस्यों से वर्चुअल संवाद कर उनकी कार्य प्रणाली के बारे में जानकारी प्राप्त की।प्रधानमंत्री ने उ0प्र0 के एक एफ0पी0ओ0 की शुरुआत करने वाले धर्म चन्द्र से वर्चुअल संवाद किया।


  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पी0एम0 किसान) की 10वीं किस्त का ऑनलाइन हस्तान्तरण किया। योजना के तहत 10 करोड़ से अधिक किसानों को 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सम्मान राशि उनके बैंक खातों में धनराशि अन्तरित। साथ ही, उन्होंने नवगठित किसान उत्पादक संगठनों (एफ0पी0ओ0) के 01 लाख 24 हजार से अधिक सदस्य किसानों को 14 करोड़ रुपये से अधिक इक्विटी ग्राण्ट ऑनलाइन हस्तान्तरित की। कार्यक्रम के दौरान एफ0पी0ओ0 एवं प्राकृतिक खेती से सम्बन्धित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गयी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी भी अपने सरकारी आवास से वर्चुअल माध्यम से इस कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। 


प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2021-22 के दिसम्बर से मार्च के लिए उत्तर प्रदेश के 02 करोड़ 37 लाख 26 हजार किसानों को देय किस्तों के लिए 4,745 करोड़ रुपये तथा 05 लाख लम्बित किस्तों के लिए किसानों को 100 करोड़ रुपये के भुगतान की संस्तुति वर्तमान चौमासे में भारत सरकार से की गयी है। इस प्रकार 4,845 करोड़ रुपये के भुगतान की संस्तुति की जा चुकी है। साल की शुरुआत देश के अन्नदाताओं के साथ हो रही है। आज देश के करोड़ों किसान परिवारों को विशेष कर छोटे किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 10वीं किस्त मिली है। आज से सैकड़ों नये एफ0पी0ओ0 की शुरुआत हो रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि भारत के किसानों का संबल बनी है। आज की राशि को मिलाकर अब तक किसानों के खाते में 01 लाख 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि हस्तान्तरित की जा चुकी है। इस धनराशि से किसान अच्छी क्वालिटी के बीज, खाद व उपकरण की खरीददारी कर सकते हैं। आज हम नववर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। बीते साल के अपने प्रयासों से प्रेरणा लेकर नये संकल्पों की ओर बढ़ना है। इस वर्ष अपनी आजादी के 75 वर्ष पूरा करेंगे। यह समय देश के संकल्पों की एक नई जीवन्त यात्रा शुरु करने एवं नये हौसले से आगे बढ़ने का है।


देश के छोटे किसानों के बढ़ते हुए सामर्थ्य को संगठित रूप देने में हमारे किसान उत्पाद संगठनों (एफ0पी0ओ0) की बड़ी भूमिका है। जो छोटा किसान पहले अलग-थलग रहता था, उसके पास अब एफ0पी0ओ0 के रूप में एक संगठन है। एक साथ कई किसान मिलते हैं, तो उनके अनुभव भी साथ जुड़ते हैं तथा नये-नये इनोवेशन के लिए रास्ते भी खुलते हैं।  देश ने एक दूरदर्शी प्रयास शुरु किया है। यह प्रयास प्राकृतिक खेती का है। अपनी धरती को बंजर होने से बचाने के लिए रसायन मुक्त खेती करनी होगी। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे प्राकृतिक खेती पर जोर दें। उन्होंने कहा कि हमारे अन्नदाता ऊर्जादाता बने, इसके लिए प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत खेतों के किनारे सोलर पैनल एवं सोलर पम्प लगाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की गयी है। इससे किसानों की आय में भी बढ़ोत्तरी होगी।


केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पद सम्भालते ही कृषि एवं गरीबों के लिए केन्द्र में योजनाओं का सृजन किया। गत 07 वर्ष से इस योजनाओं के माध्यम से किसानों के जीवन में बदलाव आ रहा है। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखण्ड, राजस्थान, तमिलनाडु एवं गुजरात के कृषि उत्पादक संगठनों (एफ0पी0ओ0) के सदस्यों से वर्चुअल संवाद कर उनकी कार्य प्रणाली के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने उत्तर प्रदेश के एक एफ0पी0ओ0 की शुरुआत करने वाले धर्म चन्द्र से वर्चुअल संवाद किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव डी0एस0 मिश्रा, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा तथा सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार उपस्थित थे।

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