मिशन शक्ति,ऑनलाइन काउंसलिंग के जरिए महिलाओं का बढ़ा मनोबल

मिशन शक्ति के पहले चरण में आठ घरों को टूटने से बचाया,ऑनलाइन काउंसलिंग के जरिए महिलाओं का बढ़ा मनोबल। वुमेन हेल्‍पलाइन में पारिवारिक विवाद के मामलों की ऑनलाइन काउंसलिंग सेवा हुई शुरू,बिखरे रिश्‍तों को काउंसलिंग के जरिए संजोया जा रहा।

लखनऊ, योगी सरकार एक ओर महिलाओं के सुरक्षा व स्‍वावलंबन के लिए काम कर रही है वहीं दूसरी ओर पारिवारिक विवादों के चलते टूटने वाले घरों को जोड़ने का काम भी कर रही है। मिशन शक्ति अभियान के तहत वुमेन पावर हेल्‍पलाइन में पारिवारिक विवाद के प्रकरणों को निपटानें के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग की सेवा को शुरू किया गया है।

वुमेन पावर हेल्‍पलाइन में 17 अक्‍टूबर से शुरू हुई इस सेवा से महिलाओं व बेटियों को लाभ मिल रहा है। ऑनलाइन काउंसलिंग के लिए घरेलू और कामकाजी महिलाओं की कॉल आ रही हैं। काउंसलर्स पति पत्‍नी की ऑनलाइन काउंसलिंग कर बिखर चुके रिश्‍तों को दोबारा जोड़ रहे हैं। मिशन शक्ति के साथ शुरू हुई इस सेवा से नौ दिनों में काउंसलर्स ने आठ पारिवारिक विवाद के मामलों को निपटा कर उनका घरौंदा बचाया है।

महिलाओं का मानसिक मनोबल बढ़ा रहे…

वुमेन पावर हेल्‍पलाइन 1090 में ऑनलाइन काउंसलिंग के जरिए बिखरे रिश्‍तों को बचाया जा रहा है। जिससे मानसिक तौर पर टूट चुकी महिलाओं का मनोबल बढ़ाने का काम काउंसलर्स कर रहे हैं। घरेलू हिंसा, पारिवारिक मतभेद का त्‍वरित निपटारा करके रिश्‍तों में पड़ चुकी गांठ को सुलझाया जा रहा है। 1090 हेल्‍पलाइन नंबर पर आने वाली शिकायतों को दर्ज किया जाता है जिन प्रकरणों में काउंसलिंग की जरूरत लगती है। उन कॉल को काउंसलर्स को ट्रांसफर कर दिया जाता है। जिसके बाद तीन चरणों में काउंसलर्स काउंसलिंग कर परिवार को बिखरने से बचाने की कोशिश करते हैं।

नौ दिनों में दर्ज हुई 7,829 शिकायतें….

वुमेन पावर हेल्‍पलाइन में 17 से 25 अक्‍टूबर तक 7,829 शिकायतें पंजीकृत हुई। मिशन शक्ति अभियान से पहले जहां हेल्‍पलाइन नंबर पर रोजाना 783 कॉल आती थी वहीं अभियान के दौरान जागरूकता बढ़ने से अब महिलाएं उत्‍पीड़न सहने के बजाए अपनी आवाज को बुलंद कर रही हैं। अभियान के दौरान हेल्‍पलाइन नंबर पर रोजाना कॉल 869 कॉल आई हैं। इसके साथ ही तीन चरणों में आरोपियों की काउंसलिंग तेजी से की गई है। अभ्यिान के पहले चरण के नौ दिनों में पहली काउंसलिंग 16,742, दूसरी काउंसलिंग में 3,548 और 117 एफएफआर काउंसलिंग की गई हैं।

पहले चरण में इन सेवाओं का हुआ शुभारंभ….

अभियान के तहत महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन द्वारा सेफ सिटी परियोजना के तहत 100 दो पहिया पिंक पेट्रोल वाहनों और दस चार पहिया पिंक पेट्रोल वाहनों, 25 पिंकबूथ, 1090 में डाटा एनालिटिक्‍स सेंटर, 1090 का यूपी 112 से इंटीग्रेशन, साइबर फोरेसिंक लैब का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही वेबिनार्स, संगोष्‍ठी के आयोजनों संग होर्डिंग्स, एलईडी वैन्‍स, आठ लघु फिल्‍मों का निर्माण, बसों, अखबार रेडियो के जरिए अभियान का वृहद प्रचार प्रदेश में किया गया।

1. उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में जिला स्तर पर एक जूरी का गठन होगा। इसमें जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस कमिश्नर, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक और हिन्दुस्तान के स्थानीय संपादक जैसे जिम्मेदार लोग शामिल होंगे।

2. ये जूरी हर जिले में 100 महिलाओं का चयन करेगी। महिलाओं का चयन उनके द्वारा किए उल्लेखनीय कार्यों और लोगों को प्रेरित करने की क्षमता के आधार पर किया जाएगा, ताकि ये महिलाएं आनेवाले समय में बालिकाओं के लिए उदाहरण बन सकें।

3. हिन्दुस्तान अखबार इन चयनित महिलाओं के अच्छे उदाहरण लगातार प्रकाशित करेगा। इन्हें पढ़कर सभी को पे्ररणा मिलेगी, विशेषकर युवा बालिकाएं इनसे पे्ररित होंगी और भविष्य के प्रति तैयार होंगी। इससे समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा।

4.मंडल स्तर पर इन महिलाओं के साथ डिजिटल संवाद आयोजित किया जाएगा। इन महिलाओं को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री संबोधित करेंगे और युवा पीढ़ी को पे्ररित करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।

5.जिला स्तर पर ये महिलाएं स्कूलों में जाकर बालिकाओं को सुरक्षा, स्वावलंबन और सशक्तिकरण से जुड़े अधिकारों, योजनाओं और संभावित प्रयासों के बारे में जागरूक करेंगी।

6. होली पर हम सिर्फ लकड़ियां और उपले जलाकर ही संतोष कर लेते हैं, जबकि इसमें अपनी बुराइयों को जलाना चाहिए। होली के अवसर पर महिलाओं के खिलाफ होनेवाली कुरीतियों की होलिका जलाई जाएगी।

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