कुम्हार सशक्तीकरण योजना,सरकार का सराहनीय प्रयास

कुम्हार सशक्तीकरण योजना प्राचीन हुनर को आगे बढ़ाने की दिशा में केन्द्र सरकार का सराहनीय प्रयास,जनपद में कुम्हार कारीगरों को निःशुल्क इलेक्ट्रिक विद्युत चाक वितरण कर कुम्हार समुदाय को सशक्त करने की दिशा में उठाया जा रहा है बड़ा कदम कुम्हार सशक्तीकरण योजना का मुख्य उद्देश्य कुम्हार समुदाय को मुख्यधारा में वापस लेकर आना है। इस योजना के अंतर्गत, KVIC द्वारा बर्तनों के उत्पाद का निर्माण करने के लिये उपयुक्त मिट्टी को मिलाने के लिये अनुमिश्रक मशीनों और पग मिल्स जैसे उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं।

प्रतापगढ़, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सपना है कि देश की प्राचीन कला सशक्त हो और हर व्यक्ति अपने हुनर से भारत को आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दें इसी दिशा में कुम्हार सशक्तीकरण योजनाष्ष् एक बहुत महत्वपूर्ण योजना की शुरूआत कर कुम्हार समुदाय को सशक्त बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। केन्द्र सरकार ने खादी ग्रामोद्योग आयोग के माध्यम से कुम्हार सशक्तीकरण योजना को नई रफ्तार दी है ताकि कुम्हार समुदाय को आत्मनिर्भर भारत अभियान में उसे अलगे पहचान मिल सकें।

सरकार की मंशा है कि हमारी प्राचीन संस्कृति को पुनर्जीवित रखा जाये। परम्परागत उद्योगों को बढ़ावा देकर कुटीर उद्योग स्थापित किया जाये। सरकार का मानना है कि कुम्हार समुदाय भारतीय शिल्पकला के वाहक हमारे कुम्हार को तकनीकी से जोड़कर हम उनके जीवन को सुगम बना सकते है और उनकी उत्पादन क्षमता को बढ़ा सकते है। कुम्हार मिट्टी के बर्तनों की परम्पारिक कला को जिन्दा रखे हुये है। कुम्हार समुदाय को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किये जा रहे है और यह समुदाय विशेष को सशक्त करने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा। खादी ग्रामोद्योग आयोग के अनुसार देश में करीब चार करोड़ कुम्हार समुदाय के लोग है जिसमें से 17 हजार विद्युत चाक बांटे गये है और लोगों को प्रशिक्षित किया गया है जिसमें 75 हजार लोगों को ष्ष्कुम्हार सशक्तीकरण योजनाष्ष् का सीधा लाभ मिल रहा है।

खादी ग्रामोद्योग आयोग की कुम्हार सशक्तीकरण योजना के तहत कुम्हारों की औसत आय तीन हजार रूपये प्रतिमाह हो रही है। सरकार की योजना से अब इतना ही नहीं इस आय को बढ़ाकर 12 हजार रूपये प्रतिमाह की रही है। इस योजना का लक्ष्य भारत की परम्परा को सशक्त बनाना और कुम्हार समुदाय को विकास की मुख्यधारा में वापिस लाना है। कुम्हार समुदाय के विकास के लिये प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में कुम्हारी कला योजना की भी शुरूआत की है। खादी ग्रामोद्योग अधिकारी विनोद कुमार श्रीवास्तव ने बताया है कि इस योजना के अन्तर्गत जनपद प्रतापगढ़ में वित्तीय वर्ष 2019.20 में 23 कुम्हार कारीगरों को निःशुल्क इलेक्ट्रिक विद्युत चाक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिसे यू0पी0 स्थापना दिवस के अवसर पर अफीम कोठी प्रांगण में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में वितरित कराया गया। उन्होने बताया है कि वित्तीय वर्ष 2020.21 हेतु 36 कुम्हार कारीगरों को निःशुल्क विद्युत इलेक्ट्रिक चाक वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिसके सापेक्ष चयन प्रक्रिया पूर्ण कराते हुये इलेक्ट्रिक चाक प्राप्त करने हेतु सूची प्रेषित की जा चुकी है।

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