अटल जी आदर्शों और मूल्यों के राजनीतिज्ञ थे -मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयन्ती की पूर्व संध्या पर आयोजित ‘काव्य संध्या‘ को सम्बोधित किया।अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।

अटल जी की स्मृतियों के सन्दर्भ में इस प्रकार का आयोजन सराहनीय,अटल जी ने कवि और साहित्यकार की संवेदनशीलता को राजनीति में भी अक्षुण्ण रखा।

अटल जी की कविताएं राष्ट्रवाद, सार्वजनिक जीवन में नैतिक मूल्य व आदर्शों के साथ-साथ संघर्ष का प्रतीक।जब योग्य लोग सार्वजनिक जीवन में परम्परा और संस्कृति के साथप्रतिबद्धताओं को दोहराते हैं, तो उसके सुपरिणाम मिलते हैं।

अटल जी की परम्परा का वहन करते हुए प्रधानमंत्री प्रतिबद्ध होकर देश और जनता की भलाई के लिए कार्य कर रहे।पक्के मार्गों और विद्युत की उपलब्धता से किसान लाभान्वित हुए और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई।

वर्तमान केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों को बगैर किसी भेदभाव के समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए लागू किया जा रहा। सतर्कता और बचाव से ही हम कोरोना को परास्त करते हुए दुनिया को सन्देश देने में सफल होंगे।

लखनऊ , मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी आज यहां साइंटिफिक कन्वेंशन सेण्टर में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयन्ती की पूर्व संध्या पर अटल बिहारी वाजपेयी मेमोरियल फाउण्डेशन द्वारा आयोजित ‘काव्य संध्या‘ में सम्मिलित हुए। उन्होंने श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री ने अटल जी को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी स्मृतियों के सन्दर्भ में इस प्रकार का आयोजन सराहनीय है। अटल जी ने वर्ष 1957 में राजनीति में पदार्पण किया और वर्ष 2006 तक सक्रिय रूप से भारतीय राजनीति को प्रभावित किया। वे लम्बे समय तक सार्वजनिक जीवन में रहे। चाहे वे सत्ता में रहे हों या विपक्ष में, वे हमेशा लोकप्रिय रहे। जनमानस अटल जी से जुड़ा रहा है।

  • भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती की पूर्व संध्या पर काव्य संध्या का आयोजन हुआ.
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी.
  • लखनऊ में आयोजित इस काव्य संध्या में कवि कुमार विश्वास ने अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित एकल काव्य पाठ किया.

अटल जी ने कवि और साहित्यकार की संवेदनशीलता को राजनीति में भी अक्षुण्ण रखा। अटल जी ने यह बताया कि राजनीति मूल्यों और आदर्शों की होनी चाहिए तथा इसे अपने व्यक्तित्व व कृतित्व से प्रचारित व प्रसारित भी किया। सार्वजनिक जीवन के साथ-साथ उनकी स्मृतियां और संस्मरण लोगों को सदैव प्रेरित करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में आदर्शों व मूल्यों के लिए प्रतिबद्ध होकर हम अटल जी को सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी की कविताएं राष्ट्रवाद, सार्वजनिक जीवन में नैतिक मूल्य व आदर्शों के साथ-साथ संघर्ष का प्रतीक हैं। उन्होंने जो सपना देखा था, वह आज साकार हो रहा है। डाॅ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सहयोगी व सहायक के रूप में अटल जी ने कार्य किया था। कश्मीर में धारा-370 समाप्त की जा चुकी है, इससे डाॅ0 मुखर्जी का संकल्प पूरा हुआ है।

जब योग्य लोग सार्वजनिक जीवन में परम्परा और संस्कृति के साथ प्रतिबद्धताओं को दोहराते हैं, तो उसके सुपरिणाम मिलते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अटल जी की देन थी। इस योजना के माध्यम से आज गांव पक्के मार्गों से जुड़ चुके हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी, अटल जी की परम्परा का वहन करते हुए प्रतिबद्ध होकर देश और जनता की भलाई के लिए कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव हमारी अर्थव्यवस्था का आधार रहे हैं। पक्के मार्गों और विद्युत की उपलब्धता से किसान लाभान्वित हुए और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई। स्वच्छ भारत मिशन के तहत व्यापक स्तर पर शौचालयों का निर्माण हुआ, जिससे नारी गरिमा का सम्मान हुआ। इस मिशन के तहत पूर्वांचल, जो इंसेफलाइटिस से पूर्व में प्रभावित होता था, वहां पर मृत्यु में 95 प्रतिशत की कमी आयी। वर्तमान केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों को बगैर किसी भेदभाव के समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए लागू किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या की पहचान ‘दीपोत्सव’ से रही है। यह हमारी सनातन आस्था का केन्द्र बिन्दु रहा है। वहां पर दिव्य एवं भव्य ‘दीपोत्सव’ की परम्परा विगत 03 वर्षों से जारी है। इसी प्रकार, वाराणसी में ‘देव दीपावली’ का भी आयोजन किया गया है।

सार्वजनिक समारोहों और कार्यक्रमों में कोरोना से बचाव के उपाय लगातार अपनाए जाने चाहिए। कोरोना के संक्रमण से अभी मुक्ति नहीं मिली है, बल्कि दुनिया के दूसरे हिस्सों में इसका नया स्ट्रेन देखने को मिला है। सतर्कता और बचाव से ही हम कोरोना को परास्त करते हुए दुनिया को सन्देश देने में सफल होंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री डाॅ0 दिनेश शर्मा, विधान परिषद सदस्य स्वतंत्रदेव सिंह, विधायी एवं न्याय मंत्री तथा अटल बिहारी वाजपेयी मेमोरियल फाउण्डेशन के अध्यक्ष बृजेश पाठक ने भी अटल जी की स्मृतियों और संस्मरणों को साझा करते हुए अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री जी को स्मृति चिन्ह् तथा अटल जी की पुस्तकें भेंट की गईं। इस ‘काव्य संध्या‘ में कवि कुमार विश्वास द्वारा श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी को समर्पित एकल काव्य पाठ किया गया। साथ ही, उन्होंने अन्य रचनाएं भी प्रस्तुत कीं।इस मौके पर मंत्रिगण, जनप्रतिनिधिगण, लखनऊ की महापौर संयुक्ता भाटिया सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button