मोदी सरकार में अभिव्यक्ति की आजादी का हनन

डा0 उमा शंकर पाण्डेय

लखनऊ। कांग्रेस पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद राहुल गांधी को आज दूसरे दिन भी ईडी कार्यालय बुलाना उनसें घण्टों पूछ-ताछ करना सरकार के इशारे पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरूपयोग का साक्षात प्रमाण है। जिस नेशनल हेराल्ड मामले को लंबी जांच के बाद 2015 में ईडी के द्वारा बंद कर दिया गया था, उसी मामले को सत्ता के इशारे पर 2018-19 में पुनः खोला गया। एक ऐसी संस्था जिसकी स्थापना अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई के लिए हुई थी जिसका नेषनल हेराल्ड अखबार क्रांन्तिकारियों का मुखपत्र था उसके विरूद्ध भाजपा का षणयंत्र कोई नई बात नहीं है, किन्तु नॉट फार प्राफिट की अवधारण पर स्थापित हुई संस्था में मनी लाण्ड्रिग का मामला चलाने वाली संस्थाओं के पतन का विषय देश के लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत है। गरीबों, मजलूमों, किसानों, युवाओं, महिलाओं, और देश की सुरक्षा पर लगातार मोदी सरकार को घेरने वाले राहुल गांधी जी की आवाज दबाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग निंदनीय है। यह भारत लोकतंत्र को कमजोर करने का षड्यंत्र है। मोदी सरकार द्वारा अपने वादों की आठ साल की विफलताओं को छुपाने के लिए कूट रचित आरोपों एवं षड्यंत्रों के दम पर राहुल गांधी एवं कांग्रेस पार्टी की छवि को भी खराब करने की साजिश का मंचन कर रही है।

उ0प्र0 कांग्रेस प्रवक्ता डा0 उमा शंकर पाण्डेय ने कहा कि देश का युवा बेरोजगारी का दंश झेल रहा है। किसान भुखमरी का शिकार है, और आत्महत्या करने को विवश है, महिलाएं अपने ही देश में सर्वाधिक असुरक्षित हैं। एम.एस.एम.ई. सेक्टर सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण तबाह और बर्बाद हो गए हैं। देश में सरकार संरक्षित भ्रष्टाचार चरम पर है। दस लाख करोड़ रूपये से ज्यादा का कर्ज चंद बडे़ उद्योगपतियों का बैकों द्वारा एन.पी.ए कर दिया गया। चीन भारत के भू भाग पर कब्जा किये बैठा है, तमाम देश भारतीयों को अपने यहां से निकालने की धमकी दे रहें हैं, भारतीय सामानों का बहिष्कार हो रहा है। ऐसे में इन बड़ी असफलताओं को छिपाने की कोशिश में बड़े-बडे़ ईवेन्ट मैनेजमेन्ट कर रही सरकार के विरूद्ध ईमानदारी की एक मात्र आवाज को दबाने के लिए ईडी का सहारा लिया जा रहा है।

श्री पाण्डेय ने आगे कहा कि भारत देश तमाम कुर्बानियों और बलिदानों के बाद एक स्वतंत्र संप्रभु राष्ट्र बना है, जिसमें हर नागरिक को समान अधिकार मिले हुए हैं किन्तु मोदी सरकार अभिव्यक्ति की आजादी का हनन कर रही है। दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय पहुंचने वाले तमाम विधायक, सांसद, मंत्री एवं मुख्यमंत्रियों तक को अपने ही कार्यालय में जाने से रोका जा रहा है। राहुल गांधी के समर्थन कार्यालय पहुंचने वाले कांग्रेस पार्टी के नेताओं के साथ दिल्ली पुलिस का अभद्र व्यवहार, मार-पीट, गाली गलौज मोदी के नेतृत्व में भारत के बदलते स्वरूप का परिचायक है। कांग्रेस पार्टी की स्थापना ही तानाशाह मानसिकता के विरूद्ध भारत की आजादी के लिए हुई थी। कांग्रेस के लोग न झुकते हैं, न ड़रते हैं सच के साथ अडिग खड़े रहते हैं। राहुल गांधी के साथ सम्पूर्ण कांग्रेस परिवार तानाशाही सत्ता के विरूद्ध अपना संघर्ष अनवरत जारी रखेगा।

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