रामलीला के मंचों पर दिखा त्रेतायुग का दृश्य

रामलीला के मंचों पर दिखा त्रेतायुग का दृश्य,श्री रामलीला समिति रुदौली के तत्वाधान में 133वें वर्ष रामलीला का भव्य मंचन प्रारंभ।

अब्दुल जब्बार एडवोकेट व आशीर्वाद गुप्ता

भेलसर(अयोध्या)। तहसील क्षेत्र में सोमवार को विघ्नहर्ता गणेश पूजन के साथ विभिन्न स्थानों पर शुरू रामलीला के मंचों पर त्रेतायुग का दृश्य दिखा।जिसमें नगर के ख़्वाजा हाल,भैरवधाम सहित रौज़ागांव,फत्तापुर खुर्द,सरायदौलत,इचौलिया,बल्दीकापुरव,रजाखाकापुरवा के साथ रुदौली विधानसभा के तमाम ग्राम सभा में रामलीला का मंचन किया जा रहा है।
नगर में श्री रामलीला समिति ख़्वाजा हाल के तत्वाधान में लगातार 133वें वर्ष मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जीवन चरित्र का अवलोकन कराती रामलीला का भव्यता और आधुनिक आकर्षण के साथ मंचन प्रारम्भ हुआ गया।प्रथम दिवस शिव पार्वती संवाद,नारद मोह एवं रावण अत्याचार के प्रसंगों के मंचन से वृंदावन के कलाकारों ने दर्शकों को खूब रोमांचित किया।लंका में रावण,कुंभकर्ण और विभीषण का जन्म हुआ और इसके बाद तीनों भाइयों ने घोर तपस्या की।

इस पर प्रसन्न होकर ब्रह्मा,विष्णु व महेश ने दर्शन दिए।तीनों भाइयों ने इच्छानुसार वर मांगा।इसके पूर्व प्रभु ने कुंभकर्ण की नियत को समझकर मां सरस्वती को कुंभकर्ण की मति घुमाने को कहा।इसके बाद कुंभकर्ण ने इंद्रासन की जगह निद्रासन मांग ली।इसे सुनकर रावण अत्यन्त दुखी हुआ और प्रभु से कुंभकर्ण द्वारा मांगे गए वरदानों में राहत देने का निवेदन किया।आयोजकों ने निदेशक मृदुल मनोहर अग्रवाल,कमलेश मिश्रा,आशीष शर्मा,राजेश बंसल,विष्णु अग्रवाल,नीलेश,शिवम,सक्षम,प्रणव,विनायक,शोभित,मुदित आदि उपस्थित रहे।


राजा दशरथ के आंगन में गूंजी किलकारियां,जश्न श्रीचंद्र देव आदर्श राम लीला समिति भैरव धाम में राम लीला के 38वें संस्करण में राम सहित चारों भाइयों का जन्म हुआ।राजा दशरथ के कोई संतान न होने पर वह पुत्र प्राप्ति को यज्ञ करते हैं।अग्निदेव और ऋषि के आशीर्वाद से तीनों रानियों को पुत्र रत्न की प्राप्ति होती हैं।माता कौशल्या के गर्भ से श्री राम का जन्म होता है।प्रभु राम के जन्म लेते ही अयोध्य नगरी जश्न में डूब जाती है।

राजा दशरथ के घर बधाई दी जाती हैं।स्थानीय कालाकारों में दशरथ का प्रसंग कर रहे दीप रस्तोगी के मनोहारी मंचन ने दर्शकों को भाव विभोर कर दिया।काफी संख्या में दर्शकों ने रामलीला का आनंद लिया।चारों भाइयों के जन्म लेते ही व्यासपीठ विश्वनाथ तिवारी द्वारा चौपाई “दशरथ पुत्र जनम सुनि काना,मानहुं ब्रह्मानंद समाना” ने रामलीला में रस भर दिया।आयोजकों में समिति के अध्यक्ष एबी. सिंह,कोषाध्यक्ष प्रेम हरि,पूर्व विधायक राम देव आचार्य,वरिष्ठ सदस्य सतीन्द्र शास्त्री,अभय वैश्य,हर्षित अग्रवाल,देवेश अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।सुरक्षा की दृष्टि से कोतवाल शशिकान्त यादव,चौकी इंचार्ज प्रमोद कुमार यादव व अविनाश चंद्र अपनी टीम के साथ मुस्तैद रहे।

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