मोमबत्ती बनाम चौबीस घंटे बिजली का है ये चुनाव- स्वतंत्र देव सिंह

मिट्टी का तेल और मोमबत्ती बनाम चौबीस घंटे बिजली का चुनाव है ये।जिस अखिलेश यादव ने 3-4 घंटे से ऊपर बिजली नहीं दी, वह फ्री बिजली की बात करते हैं।

लखनऊ।
 जब अखिलेश यादव को फ्री बिजली का वादा करते हुए सुनता हूं तो आश्चर्य होता हैं, क्योंकि झूठ बोलने में समाजवादियों को तो शर्म आती नहीं हैं। सपा पर सीधा हमला बोलते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने गुरूवार को कन्नौज में ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि जिस सपा के राज में मेरे गांव के लोगों को 3-4 घंटे से ऊपर बिजली नहीं मिलती थी, वो आज फ्री बिजली का सब्ज़बाग दिखा रहे हैं। जनता को क्या मूर्ख समझते हैं ये लोग? कन्नौज की सभा में वोटरों के हुजूम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 2022 का ये चुनाव मिट्टी का तेल और मोमबत्ती बनाम चौबीस घंटे बिजली का चुनाव है। किसी उम्मीदवार को नहीं बल्कि आपको उस कमल के फूल को चुनना है जिसने पिछले पांच साल में आपको कम से कम निर्बाध की बिजली रोज़ाना दी है। श्री सिंह ने कहा कि 2017 से पहले लोग लाइन में लगकर मिट्टी का तेल खरीदते थे ताकि रात को अंधेरा होने पर उनके नौनिहाल मिट्टी के तेल से लैंप जलाकर पढ़ाई कर सकें, मोमबत्ती की रोशनी में महिलाएं रात का भोजन बनाती थीं। भाजपा के शासन में योगी जी ने गांवों में भी अबाध बिजली दी है। आज गांव में भी लोग फ्रिज, एसी, कूलर खरीदते हैं क्योंकि वो जानते हैं कि बिजली है इसलिए इसका इस्तेमाल भी कर सकते हैं।


प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सिर्फ बिजली देकर और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान देकर कितना कुछ बदला जा सकता है, ये योगी-मोदी ने करके दिखाया है। आज गांव का गरीब खुद को लखपति कह सकता है कि उसके पास पक्का मकान है, शौचालय है, बिजली है, उज्जवला की गैस है, आयुष्मान कार्ड से पांच लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज है, किसान सम्मान निधि है, गरीबों की पेंशन है और तो और, महीने में दो-दो बार फ्री राशन भी है।स्वतंत्र देव ने कहा कि योगी-मोदी की डबल इंजन की सरकार ने पूरे प्रदेश में एक्सप्रेस-वे का जाल बिछा दिया है। सुरक्षा और कानून व्यवस्था इतनी चाक चौबंद है कि महिलाएं अपने घरों से बेखटके बाहर निकल सकती हैं। क्या सपा के शासन में ये संभव था? उन्होंने कहा कि सपा सरकार के पांच सालों में खेतों से भैंस, खलिहानों से ट्रैक्टर और हमारी बेटियों के हाथ से स्कूटी तक छीन ली जाती थी और सपाई थानों में रिपोर्ट तक नहीं करने देते थे। मैं ये दावे से कह सकता हूं कि पिछले पांच सालों में खेतों से फावड़ा भी नहीं चोरी हुआ है, हमारी बहन बेटियों को छूने की कोई हिम्मत करे और बचकर निकल जाए, ऐसा तो हो ही नहीं सकता।श्री सिंह ने कहा कि यह चुनाव किसी उम्मीदवार का चुनाव नहीं बल्कि उप्र की प्रतिष्ठा का चुनाव है, एक-एक वोटर की प्रतिष्ठा का चुनाव है, प्रदेश को शांति और समृद्धि की ओर ले जाने का चुनाव है।

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