बेंगलुरु की मस्जिदों के मौलानाओं की सकारात्मक पहल

लाउडस्पीकर की आवाज पर बेंगलुरु की मस्जिदों के मौलानाओं की सकारात्मक पहल।लेकिन मुंबई में तनातनी

एस0 पी0 मित्तल

कर्नाटक के बेंगलुरु की पुलिस ने मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर की आवाज को कम करने के लिए करीब 300 मौलानाओं को नोटिस जारी किए हैं। ऐसे नोटिस सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुरूप दिए गए हैं। धार्मिक स्थल पर लगे लाउडस्पीकरों की आवाज को लेकर ध्वनि प्रसारण नियंत्रण कानून के तहत सुप्रीम कोर्ट ने गाइडलाइन जारी कर रखी है। ऐसी गाइड लाइन शिक्षण संस्थान, अस्पताल, आवासीय कॉलोनियों में स्टडी करने वाले विद्यार्थियों को देखते हुए जारी की गई है। बेंगलुरु पुलिस के नोटिस पर मस्जिदों में नमाज पढ़ाने वाले मौलानाओं ने सकारात्मक रुख प्रदर्शित किया है। मौलानाओं ने कहा कि जिन लाउडस्पीकरों की आवाज ज्यादा है, उनकी आवाज कम करने के लिए तकनीकी जानकारों की मदद ली जाएगी। यदि एम्प्लीफायर से आवाज नियंत्रित नहीं होगी तो विशेष डिवाइस लगाई जाएगी। बेंगलुरु की अधिकांश मस्जिदों के मौलानाओं ने माना है कि बेंगलुरु देश का आईटी का सबसे बड़ा केंद्र है। यहां देश विदेश के युवा रोजगार प्राप्त करते हैं। ऐसे में युवाओं को लाउड स्पीकर से कोई परेशानी न हो, इसलिए आवाज को नियंत्रित करने पर सहमति बनी है। बेंगलुरु के मौलानाओं की इस पहल का पूरे कर्नाटक में स्वागत हो रहा है।

मुंबई में तनातनी:- मस्जिदों पर लगे लाउड स्पीकरों की आवाज को नियंत्रित करने के लिए भले ही बेंगलुरु के मौलानाओं ने सकारात्मक पहल की है, लेकिन देश की आर्थिक राजधानी माने जाने वाले मुंबई में ऐसे लाउडस्पीकर को लेकर तनातनी हो रही है। लाउडस्पीकरों को हटाने या आवाज को कम करने के लिए राज ठाकरे के नेतृत्व वाली एमएनएस ने चेतावनी दी है। राज ठाकरे ने कहा है कि यदि आवाज को नियंत्रित नहीं किया गया तो मस्जिदों के बाहर माइक लगाकर हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा। राज ठाकरे ने कहा है कि ऊंची आवाज से अन्य धर्मों के लोगों को परेशानी होती है। सब जानते हैं कि महाराष्ट्र में शिवसेना के नेतृत्व में कांग्रेस और एनसीपी की गठबंधन वाली सरकार चल रही है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपने चचेरे भाई राज ठाकरे की चेतावनी पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन राज ठाकरे की चेतावनी के बाद तनातनी का माहौल हो गया है।

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