सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्ताँ हमारा

26 जनवरी को भारत का 73वां गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा जिसमें उत्तर प्रदेश की इस झांकी में मुख्य तौर पर बाबा विश्वनाथ धाम और बनारस के घाट पर की संस्कृति दिखेगी। गंगा में नहाते और पूजन करते साधु के दृश्य भी इसका हिस्सा होंगे।यह दूसरा मौका हेागा पर है जब बनारस से जुड़ी यूपी की कोई झांकी राजपथ पर चलेगी,इसके पहले एक बार महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की झांकी गणतंत्र दिवस की परेड में आ चुकी है।झांकी के आगे के भाग में यूपी की इस इकोनॉमी दिखाने के साथ पिछले भाग में श्री काशी विश्वनाथ धाम को प्रदर्शित किया गया है, इकोनॉमी वाले पार्ट से दिखाया जाएगा कि कैसे योगी सरकार की सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम नीति और औद्योगिक विकास नीति से कौशल विकास एवं रोजगार का काम हो रहा है।

सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्ताँ हमारा,हम बुलबुलें हैं इसकी, यह गुलिस्ताँ हमारा ।

ग़ुरबत में हों अगर हम, रहता है दिल वतन में,समझो वहीं हमें भी, दिल हो जहाँ हमारा ।

परबत वो सबसे ऊँचा, हमसाया आसमाँ का,वो संतरी हमारा, वो पासबाँ हमारा ।

गोदी में खेलती हैं, जिसकी हज़ारों नदियाँ,गुलशन है जिसके दम से, रश्क-ए-जिनाँ हमारा ।

ऐ आब-ए-रूद-ए-गंगा! वो दिन है याद तुझको,उतरा तेरे किनारे, जब कारवाँ हमारा ।

मज़हब नहीं सिखाता, आपस में बैर रखना,हिन्दी हैं हम, वतन है हिन्दोस्ताँ हमारा ।

यूनान-ओ-मिस्र-ओ- रोमा, सब मिट गए जहाँ से,अब तक मगर है बाकी, नाम-ओ-निशाँ हमारा ।

कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी,सदियों रहा है दुश्मन, दौर-ए-जहाँ हमारा ।

‘इक़बाल’ कोई महरम, अपना नहीं जहाँ में,मालूम क्या किसी को, दर्द-ए-निहाँ हमारा ।

सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्ताँ हमारा,हम बुलबुलें हैं इसकी, यह गुलिसताँ हमारा ।

26 जनवरी को भारत का 73वां गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा। आज ही के दिन साल 1950 में देश को अपना संविधान प्राप्त हुआ था। आजादी के करीब ढाई सालों बाद देश को अपना संविधान मिला था, जिसकी रूप रेखा संविधान सभा में पहली बार डॉक्टर बीआर अंबेडर ने साल 1948 में पेश की थी। यूं तो संविधान 26 नवंबर, 1949 को ही तैयार हो गया था, लेकिन इसे दो महीनों बाद यानी 26 जनवरी को लागू किया गया था।संविधान के लागू होने के बाद इसके निर्माताओं का विचार था कि इसे ऐसे रूप में मनाया जाए, जिसका संबंध पहले से ही राष्ट्रीय गौरव से हो। ऐसे में 26 जनवरी को हर साल गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस खास मौके पर भारत की राजधानी दिल्ली के राजपथ पर भव्य कार्यक्रमों का आयोजन होता है। सैन्यकर्मियों की परेड के साथ-साथ राज्यों की झाकियां और तरह-तरह के नृत्य भी पेश किये जाते हैं।

गणतंत्र दिवस की परेड में काशी विश्वनाथ धाम की झलक दिखाने वाली यूपी की विशेष झांकी थोड़ी ही देर में आपके सामने होगी, काशी की संस्कृति के साथ ही नवीन बने कॉरिडोर को भी यह दिखाएगी।कोलकाता के कलाकारों की मदद से तैयार इस झांकी को 20 दिनों में तैयार किया है। ऐसा भी नहीं है कि यह झांकी केवल काशी धाम पर ही आधारित हो,इसमें प्रदेश के प्रत्येक जनपद के पारंपरिक शिल्प, बुनकर एवं हस्तशिल्प उत्पादों को भी दर्शाया गया है, यूपी की इस इकोनॉमी को दिखाने के साथ ही इसमें राममंदिर की झलक का समावेश भी किया गया है।

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