लखनऊ। मुख्य सचिव से की गई शिकायत पर हुई जांच में दोषी पाये जाने के बाद पिछले पांच वर्षों से एलडीए में चीफ इंजीनियर के पद पर कुंडली मार के बैठे, इंदु शेखर सिंह हटाए गए।रिटायर होने से सात दिन पहले चीफ इंजीनियर इंदु शेखर सिंह का हुआ तबादला।पत्नी और बेटी के नाम से कंपनी बनाकर सरकारी जमीन पर इंदु शेखर सिंह ने किया था कब्जा।लखनऊ के पूर्व जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश और तहसीलदार मोहनलालगंज ने सरकारी जमीन पर की थी कार्यवाही।लेखपाल मोहनलालगंज ने इंदु शेखर की बेटी और पत्नी पर दर्ज कराया था मुकदमा,एलडीए के चीफ इंजीनियर इंदु शेखर को आवास बंधु भेजा गया।2017 से एलडीए के चीफ इंजीनियर के पद पर तैनात थे इंदु शेखर।ठेकेदारों से मिलकर टेंडर मैनेज कराने का कई बार चीफ इंजीनियर के ऊपर लग चुका है आरोप।एलडीए चीफ इंजीनियर इंदु शेखर के खिलाफ लोकायुक्त में भी हो चुकी है शिकायत।ऊंची पहुंच और पकड़ के कारण चीफ इंजीनियर इंदु शेखर लगातार एलडीए में जमे हुए थे।

इंदु शेखर सिंह वर्ष 2017 से लविप्रा में मुख्य अभियंता के पद पर तैनात हैं। उनके खिलाफ एक शिकायत पर विजिलेंस की जांच हुई थी। जांच रिपोर्ट के बाद मंडलायुक्त रंजन कुमार ने बीती 29 मार्च को इंदु शेखर सिंह के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अपर मुख्य सचिव गृह को पत्र लिखा था। इंदु शेखर सिंह के खिलाफ शारदानगर योजना के अंतर्गत रक्षाखंड एल्डिको-2 स्थित प्राकृतिक झील के सुंदरीकरण और गोमतीनगर विस्तार योजना के सेक्टर सात में अवस्थापना सुविधाओं के निर्माण में आमंत्रित ई-टेंडर को अनियमित रूप से स्वीकृत करने की शिकायत हुई थी।

मुख्य अभियंता के खिलाफ नरेश राजपूत ने पिछले साल 29 अक्टूबर को ई-टेंडर में अनियमितता करने और अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित किये जाने की शिकायत की थी। इस पर लविप्रा उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी ने 18 नवंबर को सचिव व अपर सचिव की दो सदस्यीय कमेटी से जांच करायी। जांच पूरी कर 28 जनवरी को आख्या शासन को भेजी गई थी।शिकायत में आरोप लगा था कि मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह ने प्राकृतिक झील का बायो इंजीनियरिंग तकनीक से सुंदरीकरण का 4.83 करोड़ रुपये का कार्य मेसर्स शिवांश वेंचर्स को दे दिया। यह कार्य फर्जी अनुभव के आधार पर दिया गया। मेसर्स शिवांश वेंचर्स की सहयोगी फर्म शिवम लाइट हाउस को गोमतीनगर विस्तार सेक्टर सात में ईएमएएआर व ओमेक्स के आसपास 45 मीटर चौड़ी सड़कों पर छह करोड़ रुपये का अवस्थापना निर्माण का कार्य दिया गया था।

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