सप्ताहिक बाज़ार में अवैध वसूली चरम पर

ज़मीन सरकार की अवैध वसूली (संगठन) के कार्यकर्ता की,राजधानी लखनऊ के थाना अमीनाबाद में लगने वाली गुरुवार को सप्ताहिक बाज़ार में सरकार की जमी पर पलंग डालकर दबंगई से कर रहे अवैध वसूली।ज्ञातव्य की नगर निगम द्वारा अमीनाबाद बाज़ार में पटिया बनाई गई। और सभी दुकानों को पट्टी के अंदर दुकाने लगाने के आदेश दिए गए थे।वह चाहे आम दिन हो या सप्ताहिक बाज़ार सभी दुकानदार अपनी दुकानें पट्टी के अंदर लगाते हैं।सप्ताहिक बाज़ार समिति संगठन के कार्यकर्ता,संगठन की आड़ में कर रहे अवैध वसूली।

अमीनाबाद LIC बैंक गाढ़ा भंडार के पास लगभग 200 स्क्वायर फीट में सजी यह साड़ी के दुकानदार दुकान के लागे पट्टी के बाहर लगाए एक पलंग से 15 सो रुपए एक दिन के लेते हैं। स्थानीय दुकानदार ने बताया कि तिवारी जी की दबंगई चरम पर है। कुछ दिन पहले एक बुजुर्ग को भी निशातगंज बाज़ार में पीटा गया था।स्थानीय दुकानदारों ने यह भी बताया कि उनको पुलिस का भी संरक्षण प्राप्त है।शहर का भीड़-भाड़ वाला क्षेत्र अमीनाबाद में थाना प्रभारी से लेकर चौकी प्रभारी तक सतर्क रहते हैं। लेकिन क्यों नहीं हटवाया गया पलंग?यही सूरते हाल अमीनाबाद क्षेत्र की दो चौकियों की भी है चौकियों के बाहर सजी रहती हैं अवैध दुकानें।पट्टी के बाहर लगी दुकाने एवं चौकियों पर अवैध सजी दुकानें देख क्यों नहीं हरकत में आते थाना प्रभारी?

स्थानीय बाज़ार लगाने वालों का कहना है कि चौकी प्रभारी एवं संगठन के पदाधिकारियों की मिलीभगत से सैकड़ों अवैध दुकानें सजती है।खानापूर्ति के नाम पर ईमानदार दुकानदारों के साथ की जाती है बदसलूकी।सप्ताहिक बाज़ार समिति के अध्यक्ष वसीम कुरैशी एवं महामंत्री नदीम कुरैशी ने दबंगों की फौज बना रखी है।संगठन के कार्यकर्ता पदाधिकारी की शह पर बाज़ार में लगभग 10 पलंग की जगह गिरे हुए हैं और गरीब आदमी पट्टी के बाहर लगाने पर मजबूर है और धक्के खा रहा है।संगठन के कार्यकर्ताओं ने निशातगंज बाज़ार में एक बुजुर्ग को भी पीटा था। लेकिन अभी तक संगठन के कार्यकर्ताओं पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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