बेंगलुरु में पहली जी-20 फ्रेमवर्क वर्किंग ग्रुप मीटिंग का आगाज

वैश्विक अर्थव्यवस्था को मजबूत एवं स्थिर बनाए रखने को लेकर हुआ व्यापक विचार-विमर्श। वित्तीय विशेषज्ञों ने वैश्विक मैक्रोइकोनॉमिक मुद्दों एवं वैश्विक जोखिमों पर साझा किए विचार।बेंगलुरु में पहली जी-20 फ्रेमवर्क वर्किंग ग्रुप मीटिंग का आगाज।

बेंगलुरु। भारत की जी-20 अध्यक्षता के अंतर्गत बेंगलुरु में शुक्रवार को पहली फ्रेमवर्क वर्किंग ग्रुप मीटिंग शुरू हुई। बैठक में वैश्विक अर्थव्यवस्था को मजबूत एवं स्थिर बनाए रखने को लेकर व्यापक विचार-विमर्श हुआ। वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ ही विकासशील देशों के लिए मजबूत, दूरगामी, संतुलित एवं समावेशी आर्थिक नीतियों पर चर्चा हुई। फाइनेंस ट्रैक एजेंडे पर केंद्रित दो दिवसीय बैठक वित्त मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित की जा रही है। फ्रेमवर्क वर्किंग ग्रुप (एफडब्ल्यूजी), 8 वित्त ट्रैक कार्य समूहों में से एक है, जिसके तहत वर्तमान में विश्व के समक्ष खड़े व्यापक आर्थिक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाता है। बैठक के पहले दिन शुक्रवार को भारत के साथ ही जी-20 सदस्य देशों के तमाम वित्तीय विशेषज्ञों ने वैश्विक मैक्रोइकोनॉमिक मुद्दों एवं वैश्विक जोखिमों पर अपने विचार साझा किए। समूह के सदस्यों ने मजबूत, सतत, संतुलित और समावेशी विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नीति समन्वय के संभावित क्षेत्रों पर व्यापक चर्चा की। इस कार्य समूह की सह-अध्यक्षता की जिम्मेदारी भारत और ब्रिटेन के पास है।


इससे पहले भारत की सिलिकॉन वैली बेंगलुरु में बुधवार को जी-20 वित्त एवं केंद्रीय बैंकों के उप प्रमुखों (एफसीबीडी) की पहली बैठक संपन्न हुई थी। बैठक के दौरान भारत ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के समक्ष खड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए अपनी प्राथमिकताओं को प्रस्तुत किया, जिसे सदस्य देशों से भरपूर समर्थन प्राप्त हुआ। जी-20 वित्त और केंद्रीय बैंकों के उप-प्रमुखों की इस बैठक की सह-अध्यक्षता वित्त मंत्रालय में आर्थिक कार्य विभाग के सचिव अजय सेठ और आरबीआई के  डिप्टी गवर्नर डॉ. माइकल डी. पात्रा ने की। सेठ ने बताया कि भारतीय प्राथमिकताओं को सदस्य देशों द्वारा भरपूर समर्थन मिला है और सभी प्राथमिकताओं पर सहमति बन गई है। उन्होंने कहा कि समस्याओं से निपटने के लिए प्रस्तुत प्राथमिकताओं को लेकर कौन क्या काम करेगा, यह भी तय हो गया है। भारत की अध्यक्षता में फाइनेंस ट्रैक की बैठकों में वैश्विक व्यापक आर्थिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, जिसमें जी-20 सदस्यों सहित दुनिया भर के 184 अलग-अलग प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इनमें जी-20 सदस्यों के अलावा 13 आमंत्रित देश तथा 17 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हैं।

भारतीय प्रतिभा को देख अभिभूत हुआ विदेशी प्रतिनिधिमंडल-


जी-20 वित्त एवं केंद्रीय बैंकों के उप प्रमुखों की बैठक संपन्न होने के बाद जी-20 सदस्यों ने गुरुवार को भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) का दौरा किया। नवीनतम शोध के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त संस्थान के छात्रों द्वारा विभिन्न प्रोजेक्ट्स पर किए गए काम को देख विदेशी प्रतिनिधिमंडल काफी प्रभावित हुआ। प्रतिनिधिमंडल ने विधान सौधा (विधान सभा), बेंगलुरु पैलेस और महात्मा गांधी स्टैच्यू का भी दौरा किया।

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