आत्महत्या करते किसान….!

आत्महत्या करते थे किसान, आज उनके कल्याण का रचा इतिहास।


गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में 2014 के बाद भी प्रदेश की सरकार किसान हित वाली केंद्र की योजनाओं को लागू नहीं करती थी। इसके चलते किसान खेतीबाड़ी से भाग रहा था। बिचौलिए एमएसपी का लाभ लेते थे जबकि किसान वंचित रह जाता था। सीएम योगी ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि 2004 से 2014 के बीच देश में लाखों किसानों ने आत्महत्या किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसान हित मे किए गए कार्यों से इस पर रोक लगी है।कई साल तक गन्ना किसानों को उनके मूल्य का भुगतान नहीं किया गया। अन्नदाता सिंचाई के लिए परेशान रहता था। सिंचाई की परियोजनाएं दशकों से लंबित थी। 2017 के पूर्व पूरे यूपी में बिजली न मिलने से भी सिंचाई प्रभावित होती थी। आज सबको पर्याप्त बिजली, निर्बाध बिजली मिल रही है। प्रदेश सरकार ने 1 लाख 21 हजार अतिरिक्त मजरों का विद्युतीकरण कराया है। दशकों से लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा किया। सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना पूर्वांचल के 9 जिलों को जोड़ रही है तो बाणसागर परियोजना मिर्जापुर-प्रयागराज को तथा अर्जुन बांध परियोजना बांदा, महोबा, हमीरपुर जैसे बुंदेलखंडी जिलों को सिंचाई की सुविधा प्रदान कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि भाजपा सरकार ने 30 वर्षों से लंबित सिंचाई की 18 बड़ी परियोजनाओं को पूरा किया है। इससे 21 लाख हैक्टेयर भूमि के लिए सिंचन क्षमता का विस्तार हुआ है। किसानों के हित के लिए सरकार के कार्यों की चर्चा करते हुए सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में गन्ना किसान अपने खेतों में ही गन्ने पर आग लगा देता था। पर भाजपा सरकार के 5 साल के कार्यकाल के दौरान यह नौबत नहीं आई । जब तक एक भी खूंट गन्ना किसान के खेत में रहा तब तक हमने सभी 119 मिले चलाई। भाजपा सरकार ने 1.57 लाख करोड़ रुपए का रिकॉर्ड गन्ना मूल्य भुगतान किया है। पूर्व की सरकारों ने 29 चीनी मिलों को या तो बंद कर दिया था यह बेच दिया था। हमने बंद मिलो को चलाया, मुंडेरवा व पिपराइच में नई चीनी मिलें खोली तो आजमगढ़ समेत अन्य मिलों की क्षमता का विस्तारीकरण किया। आज उत्तर प्रदेश में गन्ने के रस से सीधे एथेनाल बनाया जाता है। एथेनॉल उत्पादन में उत्तर प्रदेश पूरे देश में नंबर वन है। सरकार ने कोरोना की विपरीत परिस्थिति में भी इस वर्ष 62 लाख मीट्रिक टन धान क्रय किया है जबकि गत वर्ष 66 लाख मीट्रिक टन खरीद की गई थी।सीएम ने कहा कि किसानों के हित मे उनकी सरकार ने पहला निर्णय ही 86 लाख किसानों की 36 हजार करोड़ रुपये की कर्जमाफी का किया। प्रदेश में 2.54 करोड़ किसानों को 42 हजार करोड़ रुपये की पीएम किसान सम्मान निधि की धनराशि मिली है।

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