दिव्यांग छात्रों का सांस्कृतिक एवं खेलकूद कार्यक्रम आदर्श जूनियर हाई स्कूल रौज़ागांव में हुआ संपन्न

अब्दुल जब्बार एडवोकेट व डॉ0 मो0 शब्बीर

दिव्यांग छात्रों का तहसील स्तरीय सांस्कृतिक खेलकूद कार्यक्रम सम्पन्न। दोनों खण्ड शिक्षा अधिकारियों ने प्रतिभागी छात्र छात्राओं को किया पुरस्कृत।

भेलसर(अयोध्या)। रूदौली तहसील एंव ब्लाक स्तरीय दिव्यांग छात्रों का सांस्कृतिक एवं खेलकूद कार्यक्रम आदर्श जूनियर हाई स्कूल रौज़ागांव में हुआ संपन्न।कार्यक्रम की अध्यक्षता खंड शिक्षा अधिकारी रुदौली रामशंकर ने की।वहीं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खंड शिक्षा अधिकारी मवई दिनेश कुमार मौर्य रहे। कार्यक्रम का संचालन कंपोजिट स्कूल गनौली के प्रधानाध्यापक अकील अहमद ने किया।आयोजित कार्यक्रम में विकास खण्ड मवई के विशेष एजुकेटर आनंद कुमार,संत बहादुर व विकास खण्ड रुदौली के विशेष एजुकेटर अशोक कुमार,रविंद्र प्रजापति लेखाकार बीआरसी रुदौली चित्रसेन गिरी,सेवानिवृत्त शिक्षक देवी विशाल यादव का सराहनीय योगदान रहा।आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रबंधक आरके यादव व खंड शिक्षा अधिकारी द्वय द्वारा संयुक्त रूप से मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पणकर एवं दीप जलाकर किया गया।कार्यक्रम में चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन हुआ जिसमें धनौली के आशीष कुमार प्रथम तथा रजनपुर की रुखसाना द्वितीय स्थान पर रहीं वहीं छूकर पहचानो में मखदुमपुर के समर ने सफलता प्राप्त की।सुलेख प्रतियोगिता में अफसाना प्रथम रुखसाना द्वितीय रही।

गायन प्रतियोगिता में समर प्रथम और साहिल द्वितीय आए कुर्सी दौड़ प्रतियोगिता में अनुराग प्रथम व गनौली के शैलेंद्र द्वितीय तथा गनौली के ही प्रांशु तृतीय स्थान पर रहे।गणित दौड़ प्रतियोगिता में सौरभ प्रथम शिवानी द्वितीय स्थान पर रही।रस्साकशी प्रतियोगिता में प्रथम समूह में आशीष सौरभ प्रांशु ने दूसरे समूह के शैलेंद्र अंशु और प्रिंस को हराया।वहीं राजकीय कन्या इंटर कॉलेज रुदौली की छात्रा शिवानी जिसके दोनों हाथ नहीं हैं ने पैर से चित्रकला बनाई तथा सुलेख लिखा जिसे विशेष रूप से पुरस्कृत किया गया।खंड शिक्षा अधिकारी रामशंकर ने कहा की दिव्यांगजन के साथ किसी को भी सौतेला व्यवहार करने का कोई अधिकार नहीं है यह बच्चे भी समाज का एक महत्वपूर्ण अंग है।कम्पोजिट विद्यालय गनौली प्रधानाध्यापक अकील अहमद ने बताया कि ईश्वर अगर किसी के किसी अंग में कोई कमी कर देता है लेकिन ईश्वर उसकी कोई न कोई शक्ति को काफी बढ़ा देता है इसीलिए इन्हें दिव्यांगजन कहा जाता है।उन्होंने कहा कि समाज को चाहिए कि उनके साथ किसी तरह का भी कोई भेद भाव न करें सभी प्रतिभागियों को दोनों खण्ड शिक्षा अधिकारियों द्वारा पुरस्कृत किया गया।वहीं कार्यक्रम में आए सभी छात्र छात्राओं एवं उनके अभिभावकों को लंच पैकेट देकर कार्यक्रम का समापन किया गया।

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