बच्चों को सम्पूर्ण शिक्षा निशुल्क दी जाए-शमशी अज़ीज़

कोरोना से वीरगति को प्राप्त हुए व्यक्तियों के बच्चों को सम्पूर्ण शिक्षा निशुल्क दी जाए तो पाठशालाओं द्वारा एक सच्ची श्रंद्धाजलि होगी।

उत्तर प्रदेश शासन द्वारा समस्त पाठशालाओं के खुलने का आदेश हुआ है जिससे पाठशालाओं में भी नये रूप रंग, नई उमंग, नई तरंग, के साथ साफ सफाई, रँगाई पुताई, का कार्य तीर्व गति से चल पड़ा तथा विद्यार्थियों में भी शिक्षा ग्रहण की उत्सुकता वह अभिभावकों में सुविधाजनक सुरक्षात्मक व्यवस्था देख कर अपने बच्चों को भेजने के लिये इच्छुक भी है वैसे तो इस वैश्विक कोरोना काल ने हर एक को ऊपर से नीचे व कम या ज्यादा प्रभावित तो किया ही है जैसे किसी की नौकरी गयी, तो किसी का व्यापार, किसी को अपना कारखाना बंद करना पड़ा, किसी को काम न मिलने के कारण गाँव वापस आना पड़ा।

इस कोरोना से तो बहुतों के जीवन का अंत भी हुआ है ये सभी घाव तो ऐसे है जिन की हम सभी कल्पना भी नही कर सकते पर इसी बीच अनेको योद्धा सामने आये जिन्होंने अपना बहुमूल्य समय व पूंजी समाज पर न्योछावर कर अपने दयावान होने का परिचय दिया जिससे पीड़ितों के जीवन मे पुनः नई किरण व ऊर्जा स्थापित हो सकी इन सभी के बीच मुख्य समस्या अभिभावकों द्वारा दी जाने वाली पाठशालाओं की शिक्षा शुल्क है इसी सम्बन्ध में कुछ पाठशालाओं के स्वामियों ने अभिभावको की पीड़ा को अनुभव कर पूरे वर्ष निशुल्क शिक्षा देने का संकल्प लिया है।

तथा कुछ ने 3 माह व 6 माह तक की शिक्षा शुल्क माफ कर मानवता को सर्वोपरि किया ऐसे पाठशालाओं के प्रबंधक व स्वामी को हृदय से नमन है अंततः मेरा सभी पाठशालाओं के प्रबंधक व स्वामियों से अनुरोध है कि जिन बच्चों के माता पिता व संरक्षक की कोरोना से मृत्यु हुई है उन सभी छात्र व छात्राओं की शिक्षा पाठशालाओं के अंतिम कक्षा तक शिक्षा शुल्क से मुक्त किया जाए जिससे वे सभी छात्र छात्राएं के माता पिता व संरक्षक के न होने कारण शिक्षा से वंचित न रह जाये।

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