Friday, April 17, 2026
Advertisement
Home उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ने विभूतियों को ‘गोरखपुर रत्न’ से किया सम्मानित

मुख्यमंत्री ने विभूतियों को ‘गोरखपुर रत्न’ से किया सम्मानित

136
मुख्यमंत्री ने विभूतियों को ‘गोरखपुर रत्न’ से किया सम्मानित
मुख्यमंत्री ने विभूतियों को ‘गोरखपुर रत्न’ से किया सम्मानित

मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को ‘गोरखपुर रत्न’ से सम्मानित किया, महोत्सव की स्मारिका ‘अभ्युदय’ का विमोचन किया। महोत्सव हमारे सामाजिक तथा व्यापारिक जीवन में हो रहे अच्छे कार्यों, युवाओं की प्रतिभा को निखारने और विरासत के साथ विकास की यात्रा को प्रदर्शित करने का एक आधार होते। गोरखपुर की पुरातन से आधुनिक समय तक की परम्परा, सभ्यता एवं संस्कृति को लेकर ‘गोरखपुर महोत्सव’ उत्साह व उल्लास के साथ आयोजित हुआ। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार गोरखपुर के साथ ही पूर्वी उ0प्र0 के कायाकल्प अभियान के साथ आगे बढ़ी, वर्ष 2017 और आज के गोरखपुर में जमीन-आसमान का अन्तर। गोरखपुर सहित उ0प्र0 विकास की नई बुलन्दियों को छू रहा गोरखपुर में एम्स, स्वास्थ्य के अत्याधुनिक केन्द्र के रूप में बी.आर.डी. मेडिकल कॉलेज, 4-लेन या 6-लेन की सड़कें आज वास्तविकता गोरखपुर में पिछले 08 वर्षों में हजारों करोड़ रु0 का निवेश हुआ। इसके माध्यम से 50 हजार नौजवानों को रोजगार प्राप्त हुआ पहले गोरखपुर में एक विश्वविद्यालय था, आज यहाँ 04 विश्वविद्यालय, गोरखपुर आज पर्यटन का एक बेहतरीन केन्द्र। डबल इंजन सरकार ने दृढ़ इच्छाशक्ति से उ0प्र0 को विकास की धारा में आगे बढ़ाने तथा माफिया, अपराध एवं दंगा मुक्त करने के कार्य किए। सरकार ने विकास में तकनीकी का उपयोग किया, तकनीकी के प्रयोग से वर्ष 2017 से पूर्व भ्रष्टाचार युक्त रही राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाया गया। मुख्यमंत्री ने विभूतियों को ‘गोरखपुर रत्न’ से किया सम्मानित

मुख्यमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में ‘गोरखपुर महोत्सव’ ने विशाल स्वरूप ले लिया, इस महोत्सव से संस्कृति व विरासत को आगे बढ़ाने का अवसर मिल रहा : केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज गोरखपुर में चम्पा देवी पार्क, रामगढ़ताल में आयोजित तीन दिवसीय ‘गोरखपुर महोत्सव’ के समापन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली जनपद की 06 विभूतियों को ‘गोरखपुर रत्न’ से सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने महोत्सव की स्मारिका ‘अभ्युदय’ का विमोचन किया। गोरखपुर की पुरातन से आधुनिक समय तक की परम्परा, सभ्यता एवं संस्कृति को लेकर तीन दिनों से ‘गोरखपुर महोत्सव’ उत्साह व उल्लास के साथ आयोजित हुआ। महोत्सव में कला, संस्कृति, विज्ञान, शिल्पकला जैसे जीवन के प्रत्येक पक्षों का प्रदर्शन किया गया। गोरखपुर की शिल्पकला को भी इस महोत्सव के माध्यम से प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त हुआ। युवाओं के लिए विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया। इस महोत्सव में ग्राम पंचायत, न्याय पंचायत व जनपद स्तर पर गायन, वादन, नाटक आदि सहित कला के विविध रूपों में आयोजित प्रतिस्पर्धाओं के विजेता कलाकारों को भी मंच उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। इसमें ‘गोरखपुर महोत्सव’ काफी सफल रहा है।


महोत्सव हमारे सामाजिक तथा व्यापारिक जीवन में हो रहे अच्छे कार्यों तथा युवाओं की प्रतिभा को निखारने का एक मंच होते हैं। यह विरासत के साथ विकास की यात्रा को प्रदर्शित करने का भी एक आधार होते हैं। इस दृष्टि से ‘गोरखपुर महोत्सव’ सफलतापूर्वक आयोजित हुआ है। खिचड़ी के ठीक पूर्व आयोजित यह महोत्सव उत्साह व उल्लास का एक नया मंच बना है। 03 दिवसीय यह महोत्सव विभिन्न कार्यक्रमों के साथ आगे बढ़ा है। आज यहाँ 06 विभूतियों को ‘गोरखपुर रत्न’ दिया गया है, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में कुछ नया एवं अलग कार्य करने का प्रयास किया है। इन विभूतियों ने शिक्षा, खेल, कला तथा कृषि जैसे क्षेत्रों में गोरखपुर का नाम रोशन किया है। 65 से 70 लाख की आबादी वाले गोरखपुर से 05 से 06 लोगों का चयन करना एक कठिन कार्य है। ‘गोरखपुर रत्न’ का सम्मान प्राप्त करने वाली सभी विभूतियाँ बधाई की पात्र हैं। यह सम्मान हमारी वर्तमान पीढ़ी, कलाकारों एवं अन्य लोगों के लिए एक प्रेरणास्रोत है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति का यह दायित्व है कि वह समाज से कुछ लेने के बजाय समाज को कुछ देने की सामर्थ्य स्वयं में विकसित करे।


मुख्यमंत्री ने मकर संक्रान्ति एवं खिचड़ी पर्व की बधाई देते हुए कहा कि मकर संक्रान्ति पर पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार तथा नेपाल राष्ट्र के लाखों लोग भगवान गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाते हैं। यह पर्व भगवान सूर्य के उत्तरायण होने का पर्व है। इस पर्व के बाद खरमास की समाप्ति हो जाती है तथा मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाती है। यह पर्व सभी के जीवन में नया उत्साह, उमंग व ऊर्जा का संचार करते हैं।आज गोरखपुर सहित उत्तर प्रदेश विकास की नई बुलन्दियों को छू रहा है। वर्ष 2017 और आज के गोरखपुर में जमीन-आसमान का अन्तर है। वर्ष 2017 से पूर्व गोरखपुर विकास की दौड़ में पीछे छूट गया था। गोरखपुर उपेक्षित व असुरक्षित था। पूरे गोरखपुर में गुण्डागर्दी व उपद्रव का माहौल था, विकास का अभाव था, गन्दगी के कारण इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियाँ होती थीं। जब समाज स्वच्छता के प्रति जागरूक नहीं होता है, तब उसका दुष्परिणाम भी वह भोगता है। वर्ष 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश व गोरखपुर में अराजकता थी। हर दूसरे रोज दंगा होता था, तब न व्यापारी सुरक्षित थे और न ही बेटियाँ सुरक्षित थीं। उद्यमी गुण्डा टैक्स देने के लिए मजबूर थे, विकास के सभी कार्य ठप थे। नौजवानों को रोजगार के लिए पलायन करना पड़ता था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार गोरखपुर के साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश के कायाकल्प अभियान के साथ आगे बढ़ी। आज उसके परिणाम हम सभी को धरातल पर देखने को मिल रहे हैं। आज से 08 से 10 वर्ष पूर्व जो गोरखपुर आया होगा, आज वह इसे पहचान नहीं पाएगा। यह बदलाव केवल गोरखपुर में नहीं, बल्कि हर जनपद में देखने को मिलेगा। अयोध्या, काशी, लखनऊ तथा प्रयागराज में 08 से 10 वर्ष बाद आने वाला प्रत्येक व्यक्ति यहाँ हुए विकास कार्य देखकर आश्चर्य में पड़ जाता है। आज भारत के समृद्ध होने के साथ ही, उत्तर प्रदेश भी समृद्ध हो रहा है। उत्तर प्रदेश के विकास में गोरखपुर भी पीछे नहीं है। पहले कोई यह नहीं सोचता था कि गोरखपुर में एम्स होगा, बी0आर0डी0 मेडिकल कॉलेज स्वास्थ्य का अत्याधुनिक केन्द्र बनेगा, यहाँ की सड़कें 4-लेन या 6-लेन होंगी, किन्तु आज यह सभी कार्य गोरखपुर में वास्तविकता हैं। बेहतरीन कनेक्टिविटी से सड़क मार्ग से 03 घण्टे में ही गोरखपुर से लखनऊ पहुँचा जा सकता है। गोरखपुर से 01 से डेढ़ घण्टे में अयोध्या तथा ढाई से तीन घण्टे में काशी पहुँच सकते हैं। जनपद के प्रत्येक क्षेत्र में 4-लेन व 6-लेन की कनेक्टिविटी है। पहले गोरखपुर से केवल एक वायु सेवा थी। इमरजेंसी में दिल्ली जाने के लिए पहले लखनऊ जाना पड़ता था। आज गोरखपुर से कई शहरों के लिए वायु सेवा की सुविधा उपलब्ध है।

जब सुरक्षा का बेहतर वातावरण होता है, तो निवेश आता है। गोरखपुर में पिछले 08 वर्षों में हजारों करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। इसके माध्यम से 50 हजार नौजवानों को रोजगार प्राप्त हुआ है और युवाओं का पलायन रुका है। पहले गोरखपुर में एक विश्वविद्यालय था, आज यहाँ 04 विश्वविद्यालय हैं। गोरखपुर में होटल मैनेजमेण्ट का भी संस्थान बन गया है। गीडा में नाइलेट का एक नया केन्द्र प्रारम्भ हो चुका है। सहजनवां में गरीब बच्चों को आवासीय शिक्षा देने के लिए अटल आवासीय विद्यालय बनाया गया है।गोरखपुर आज पर्यटन का एक बेहतरीन केन्द्र है। आज गोरखपुर में विकास की प्रत्येक योजना प्रत्येक व्यक्ति तक पहुँचती है। उत्तर प्रदेश ने यह उपलब्धि धैर्य व अनुशासन से हासिल की है। हमारा धैर्य हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। जीवन हताशा व निराशा का नाम नहीं है। एक सामान्य भारतीय अपनी मेहनत व पुरुषार्थ से आगे बढ़ता है।

वर्ष 2017 से पूर्व उन्होंने गोरखपुर व उत्तर प्रदेश की उपेक्षा पर हमेशा संघर्ष किया। इंसेफेलाइटिस के उन्मूलन के लिए आन्दोलन भी किया। हमारी सरकार बनने के बाद इंसेफेलाइटिस को खत्म कर दिया गया। यदि कार्य करने की दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो कोई कार्य असम्भव नहीं है। डबल इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश को विकास की धारा में आगे बढ़ाने तथा माफिया, अपराध एवं दंगा मुक्त करने के कार्य इसी दृढ़ इच्छाशक्ति से ही किए हैं। प्रदेश सरकार ने युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार दिलाने तथा अन्नदाता किसानों के जीवन में परिवर्तन लाने का कार्य किया है। प्रत्येक व्यापारी व उद्यमी को भयमुक्त वातावरण तथा प्रत्येक बेटी को आगे बढ़ने के लिए उचित अवसर एवं सुरक्षित माहौल दिया गया है। यदि किसी बेटी के साथ किसी ने गलत किया, तो उससे सख्ती से निपटा जा रहा है।

आज सरकार प्रत्येक दिशा में आगे बढ़ चुकी है। सरकार ने विकास में तकनीकी का उपयोग किया है। तकनीकी हमारे जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाती है। तकनीकी के प्रयोग से ही वर्ष 2017 से पूर्व भ्रष्टाचार युक्त रही राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाया गया है। प्रधानमंत्री जनधन योजना के माध्यम से प्रत्येक गरीब को भ्रष्टाचार मुक्त लाभ दिलाने का कार्य किया गया है। हमें स्मार्टफोन का उचित उपयोग करना चाहिए। यदि इसका उपयोग किसी गलत कार्य या शॉर्टकट से धन कमाने के लिए करते हैं, तो हम साइबर अपराध व डिजिटल अरेस्ट का शिकार हो जाते हैं। स्मार्टफोन का उपयोग केवल जरूरत के हिसाब से करना चाहिए। बच्चों को स्मार्टफोन के उपयोग से दूर रखना चाहिए। वह उनकी मानसिक स्थिति पर प्रभाव डालता है। वाहन चलाते समय हमें स्मार्टफोन का उपयोग नहीं करना चाहिए। सड़क हादसों में प्रतिवर्ष लाखों लोगों की मृत्यु हो जाती है। प्रदेश में अच्छी सड़कें समय पर गंतव्य पर पहुँचने एवं औद्योगिक गतिविधियों में तेजी लाने के लिए बनायी गयी है, न कि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने के लिए।

इस अवसर पर केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री कमलेश पासवान ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में ‘गोरखपुर महोत्सव’ ने विशाल स्वरूप ले लिया है। देश व प्रदेश में इस महोत्सव की गूंज हो रही है। इस महोत्सव से संस्कृति व विरासत को आगे बढ़ाने का अवसर मिल रहा है। इसके माध्यम से स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हम सभी को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए और अपने देश व प्रदेश को निरन्तर आगे बढ़ाने में अपना सहयोग करते रहना चाहिए। कार्यक्रम को सांसद रवि किशन शुक्ल ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने विभूतियों को ‘गोरखपुर रत्न’ से किया सम्मानित