लखनऊ। यूपी सीएम ने डीबीटी के माध्यम से 1 करोड़ 92 लाख बच्चों अभिभावकों के बैंक खाते में भेजे। एंकर सोमवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान मेंबेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में छात्र छात्राओं को ड्रेस, स्वेटर, स्कूल बैग, जूता-मोजा एवं स्टेशनरी क्रय हेतु प्रति छात्र-छात्रा ₹1200 की धनराशि उनके अभिभावकों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से 1 करोड़ 92 लाख बच्चों के खाते में बटन दबाकर पैसे किए ट्रांसफर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के तहत उत्तर प्रदेश के 9 विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं प्रधानों को सम्मानित किया।इस मौके पर उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय, महिला कल्याण व बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, प्राथमिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह सहित इन सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव आदि मौजूद रहे।सीएम योगी ने विद्यालय की बेहतरी को लेकर शिक्षकों और प्रधानों दिलाई शपथ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बेसिक शिक्षा की बुनियादी आवश्यकता शिक्षक का इंटरेक्शन है वही वह दौर गया जब प्राथमिक विद्यालयों में बच्चे नंगे पांव पढ़ने आते थे अब सरकार जूता मोजा के साथ यूनिफार्म स्वेटर स्कूल बैग कापी पेंसिल व निश्शुल्क पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध करा रही है।उन्होंने कहा कि शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि वे अभिभावकों से संपर्क करके उन्हें स्कूल परिधान में बच्चों को भेजने के लिए प्रेरित करें।
पहले स्कूलों की स्थिति बेहतर नहीं थी स्कूलों में भवनों पर पेड़ और झाड़ी उगी थी 2017 में कही स्कूल भवन नही तो कही शिक्षक नहीं वाली स्थिति थी पहले अभिभावक अपने बच्चे को प्राइवेट स्कूल भेजना सही समझते थे आज हम सब के प्रयास से हमारे स्कूलों में बच्चे बढ़े और 1.62 लाख शिक्षकों की भर्ती की गई ऑपरेशन कायाकल्प से विद्यालयों की तस्वीर बदली विद्यालय के लिए धार्मिक स्थल जैसा भाव होना चाहिए महापुरुषों के विषय मे भी बच्चों को बताएं आंगनबाड़ी केंद्र पर भी और वहां की व्यवस्था देखें अपने बच्चों को कान्वेंट स्कूल के बजाए प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने भेजें उन्हें समाज से जोड़े वरना बच्चे त्रिशंकु हो जाएंगे और ये स्थिति बिल्कुल सही नहीं है।
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कीमुख्यमंत्री योगी ने सबसे बड़ा काम बेसिक शिक्षा में किया है टेक्नोलॉजी के साथ हम सभी बच्चों को जोड़ रहे अच्छी परफार्मेंस के लिए शिक्षकों का योगदान छात्रों के व्यक्तित्व के निर्माण की जिम्मेदारी भी शिक्षकों पर अभिभावकों के साथ छात्रों का भी आधार वेरिफिकेशन किया गया निपुण भारत के लक्ष्य को प्राप्त करना है।
डाक विभाग ने रविवार को भी पहुँचाई लोगों तक राखी, डाकिया बाबू को लोगों ने कहा शुक्रिया रक्षाबंधन पर्व पर किसी भाई की कलाई सूनी न रहे, इसके लिए डाक विभाग ने रविवार को भी राखी डाक के वितरण के लिए विशेष प्रबंध किए।
लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के अधीन लखनऊ, फैज़ाबाद, रायबरेली, बाराबंकी, सीतापुर, अम्बेडकरनगर जनपदों में डाकियों ने रविवार को लोगों के घर राखी डाक पहुँचाईउक्त जानकारी लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव ने दीपोस्टमैनों ने लगभग 10 हजार लोगों को राखी डाक रविवार को पहुँचाई । राखी मिलने से प्रसन्न लोगों ने भी दिल खोलकर डाक विभाग की इस पहल की सराहना की और डाकिया बाबू का शुक्रिया व्यक्त कियारक्षाबंधन की सुबह भी डाक विभाग प्राप्त राखी डाक को लोगों तक पहुंचाएगा।
डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि, ऐसे तमाम लोग जो आपदा की इस घड़ी में कोरोना वॉरियर्स के रूप में काम कर रहे हैं और घर से दूर हैं, उन तक भी बहनों द्वारा भेजी गई राखी डाकियों द्वारा पहुँचाई गई। लखनऊ पुलिस के कोविड केयर हेल्प डेस्क में कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों से लेकर डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ तक को रविवार को राखी डाक वितरित की गई। गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के चलते शहर में भी बहनें अपने भाईयों को स्पीड पोस्ट द्वारा ही राखी और गिफ्ट भेज रही हैं। अकेले लखनऊ के डाकघरों से अब तक एक लाख से ज्यादा राखी डाक भेजी जा चुकी हैं, वहीं लगभग दो लाख राखी डाक का लखनऊ में वितरण किया जा चुका है। इस साल एक नया ट्रेंड भी देखने को मिल रहा है कि बहनें राखियों के साथ भाईयों को मास्क, सैनिटाइजर व गिलोय भी भेज रही हैं। लखनऊ जीपीओ से अपने भाई को राखी भेजने वाली आकांक्षा कहती हैं कि, रक्षा सूत्र के साथ-साथ कोरोना संक्रमण से बचाव में मास्क, सैनिटाइजर व गिलोय जैसी चीजें भाई की रक्षा करेंगी।
गोमतीनगर में रहने वाले राहुल कुमार ने बताया कि वे अपनी बहन द्वारा भेजी गई राखी अब तक न प्राप्त होने पर मायूस हो चले थे, पर संडे की सुबह जब पोस्टमैन ने घर पर आकर राखी का लिफाफा दिया तो खुशी का ठिकाना न रहा।