आस्था और इनोवेशन का संगम, मैक्लारेन में विराजे भोलेनाथ

  • आस्था और इनोवेशन का संगम, मैक्लारेन में विराजे भोलेनाथ।
  • सिवाया टोल से गुजरी मैक्लारेन की तर्ज पर बनी अनोखी कांवड़, श्रद्धालुओं में बना आकर्षण का केंद्र।
  • योगी सरकार के बेहतर इंतजामों और सुरक्षित माहौल में कांवड़ यात्रा में दिख रही नई-नई थीम की कांवड़ें।

मेरठ । कांवड़ यात्रा अब केवल आस्था का पर्व नहीं रह गई है, बल्कि यह नवाचार और रचनात्मकता का भी मंच बनती जा रही है। योगी सरकार की ओर से कांवड़ मार्गों पर बेहतर सुरक्षा, सुव्यवस्थित यातायात, चिकित्सा सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं के बीच इस बार देशभर से आए शिवभक्त अपनी अनूठी थीम वाली कांवड़ के जरिए भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। बुधवार शाम सिवाया टोल प्लाजा से जब मैक्लारेन स्पोर्ट्स कार की तर्ज पर तैयार कांवड़ गुजरी तो श्रद्धालु और राहगीर कुछ पल के लिए ठिठक गए।

दूर से देखने पर लोगों को लगा कि करोड़ों रुपये की स्पोर्ट्स कार ही कांवड़ यात्रा का हिस्सा बन गई है, लेकिन पास पहुंचने पर पता चला कि यह मैक्लारेन कार का हूबहू तैयार किया गया डमी मॉडल है। इसके भीतर भगवान भोलेनाथ की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है। अनोखे स्वरूप की इस कांवड़ को देखने और मोबाइल कैमरों में कैद करने के लिए रास्तेभर लोगों की भीड़ उमड़ती रही।

ऑफिस की चर्चा से साकार हुआ विचार

दिल्ली के नवादा गांव निवासी शिवभक्त दीपक शर्मा ने बताया कि वह अपने पांच साथियों के साथ कांवड़ यात्रा पर निकले हैं। सावन शुरू होने से पहले कार्यालय में बातचीत के दौरान इस बार कुछ अलग करने का विचार आया। तभी भगवान शिव को स्पोर्ट्स कार के स्वरूप में विराजमान कर कांवड़ तैयार करने का सुझाव मिला। सभी साथियों ने इसे पसंद किया और कई दिनों की मेहनत के बाद इस अनोखे मॉडल को तैयार कराया।

आठ लाख रुपये में तैयार हुआ मॉडल

श्रद्धालुओं के अनुसार जिस मैक्लारेन स्पोर्ट्स कार की तर्ज पर यह कांवड़ बनाई गई है, उसकी वास्तविक कीमत करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये है। हालांकि उन्होंने उसका डमी मॉडल तैयार कराया, जिसे बनाने और सजाने में करीब सात से आठ लाख रुपये खर्च हुए। मॉडल के भीतर भगवान शिव की प्रतिमा स्थापित की गई है, जबकि 40 लीटर गंगाजल सुरक्षित रखने की विशेष व्यवस्था भी की गई है।

हर की पौड़ी से दिल्ली तक लेकर जा रहे गंगाजल

दीपक शर्मा ने बताया कि 28 जुलाई को हरिद्वार की हर की पौड़ी से 40 लीटर गंगाजल लेकर यात्रा शुरू की गई थी। अब यह जत्था दिल्ली के नवादा गांव स्थित शिव मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेगा। उन्होंने बताया कि यात्रा का उद्देश्य परिवार की सुख-समृद्धि और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करना है।

बेहतर व्यवस्थाओं के बीच दिख रहा कांवड़ यात्रा का नया स्वरूप

इस बार कांवड़ यात्रा में पारंपरिक कांवड़ों के साथ आधुनिक थीम पर आधारित आकर्षक मॉडल भी बड़ी संख्या में देखने को मिल रहे हैं। कहीं धार्मिक प्रतीकों पर आधारित कांवड़ें हैं तो कहीं तकनीक और आधुनिक डिजाइन का समावेश दिखाई दे रहा है। श्रद्धालुओं का कहना है कि योगी सरकार की ओर से सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन, चिकित्सा सेवाओं और मार्गों पर उपलब्ध कराई गई सुविधाओं के कारण वे बिना किसी परेशानी के अपनी कल्पना को साकार करते हुए लंबी यात्रा पूरी कर पा रहे हैं। यही वजह है कि इस बार कांवड़ यात्रा में आस्था के साथ नवाचार का रंग भी पूरे मार्ग पर दिखाई दे रहा है।

Related Articles

Back to top button