एएफटी में निर्विरोध चुनाव के चक्कर में न पड़े प्रत्यासी

एएफटी बार में निर्विरोध जीत की मंशा पाले प्रत्याशियों में नोटा के मैदान में उतरने से बढ़ी बेचैनी। टीम आरओ नोटा को चुनाव में उतारने की तैयारी में, प्रत्यासी उतरे विरोध में, तीन सदस्यीय अधिवक्ता की बेंच गठित होगी। एएफटी में निर्विरोध चुनाव के चक्कर में न पड़े प्रत्यासी, लिखित आपत्ति करें दाखिल।

लखनऊ। सेनाकोर्ट स्थित एएफटी बार एसोसिएशन में जारी चुनावी घमासान के बीच टीम आरओ के इस फैसले से प्रत्यासी बेचैन हो गए हैं कि, उनके खिलाफ नोटा अपनी ताकत आजमाएगा। असल में जहां बार से निष्कासित और बर्खास्त किये गए अरुण कुमार साहू सहित कुछ लोग बार में चुनाव होने ही नहीं देना चाहते थे लेकिन, चुनाव अधिकारी आर.सी.शुक्ल ने ताबड़तोड़ फैसला लेते हुए साहू के मंसूबों पर पानी फेरते हुए चुनाव को अंतिम रूप दिया लेकिन, मामला उस समय तूल पकड़ लिया जब टीम आरओ ने निर्विरोध की संकल्पना को दरकिनार करते हुए नोटा को बतौर प्रत्यासी मैदान में उतारने का फैसला लिया है।टीम आरओ के इस फैसले से प्रत्यासी सहित पूरी बार में सनसनी फैल गयी कुछ लोग फैसले का विरोध कर रहे हैं तो कुछ स्वागत।

मतदाताओं की मांग पर एआरओ आशीष कुमार सिंह ने निर्णय लिया है की तीन अधिवक्ताओं की पीठ गठित की जाएगी जिसके सामने लिखित आपत्ति दर्ज कराए जो दोनों पक्षों को सुनकर फैसला देगी जो टीम आरओ को स्वीकार होगा लेकिन, अनधिकृत दबाव बनाने की कोशिश पर पर्चा निरस्त कर दिया जाएगा। तीन सदस्यीय टीम में अदिवक्ता शैलेन्द्र कुमार सिंह, रवि कुमार यादव और भानु प्रताप सिंह चौहान के शामिल होने की संभावना है।

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