एक भारत श्रेष्ठ भारत के लिए सभी को सहभागी बनना होगा-मुख्यमंत्री For Ek Bharat Shreshtha Bharat, everyone has to be a participant – Chief Minister

मुख्यमंत्री का जनपद वाराणसी भ्रमण, मुख्यमंत्री ने ‘सद्भावना वाराणसी अध्याय’ कार्यक्रम को सम्बोधित किया। प्रधानमंत्री के जीवन पर आधारित पुस्तक ‘मोदी/20: ड्रीम्स मीट डिलीवरी’ तथा ‘हार्टफेल्ट: द लेगेसी ऑफ फेथ’ का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने काल भैरव मंदिर एवं श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन किया। प्रधानमंत्री के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में देश को एक भारत श्रेष्ठ भारत बनाने के लिए सभी को सहभागी बनना होगा। आने वाले समय में प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत दुनिया की महाशक्ति बनेगा और विश्व कल्याण का नेतृत्व करेगा।भारत आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में दुनिया की पांचवी अर्थव्यवस्था का देश बना। प्रधानमंत्री जी ने बड़ी सहजता से वैदिक उद्घोष को अपने जीवन का हिस्सा बनाया और व्यावहारिक धरातल पर उतारने का कार्य किया। समाज के सभी लोगों को बिना भेदभाव के जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो रहा। ‘सबका साथ, सबका विश्वास, सबका विकास’ का मंत्र सद्भावना का मंत्र, देशवासियों के विश्वास का प्रतीक बना।

वाराणसी/लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद वाराणसी में  लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में देश को ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ बनाने के लिए सभी को सहभागी बनना होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत दुनिया की महाशक्ति बनेगा और विश्व कल्याण का नेतृत्व करेगा।आज सारनाथ, वाराणसी स्थित बुद्धा थीम पार्क सभागार में ‘सद्भावना वाराणसी अध्याय’ कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश में आस्था को सम्मान मिला है। वैश्विक स्तर पर भारत की विरासत के सम्मान में वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत दुनिया की एक नई अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। हाल ही में, जिस ब्रिटेन ने लम्बे समय तक हमारे देश में शासन किया था, उसे ही पछाड़ कर भारत आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में दुनिया की पांचवी अर्थव्यवस्था का देश बना है। यदि 135 करोड़ देशवासी मिलकर कार्य करें तो शीघ्र ही भारत विश्व की पहली अर्थव्यवस्था का देश बन जाएगा।


भारत दुनिया में एक ताकतवर देश के रूप में उभर रहा है। यह सौभाग्य की बात है कि देश का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के हाथों में है। प्रधानमंत्री जी ने बड़ी सहजता से वैदिक उद्घोष को अपने जीवन का हिस्सा बनाया है और व्यावहारिक धरातल पर उतारने का कार्य किया है। एक नेता के लिए लम्बे समय तक जन विश्वास को कायम रखना एक चुनौती है।प्रधानमंत्री जी जो कहते हैं, वही करते हैं और जो भी करते हैं, वही बोलते हैं। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने ‘सबका साथ, सबका विश्वास, सबका विकास’ की घोषणा की थी। इससे बड़ी सद्भावना और क्या हो सकती है। निःशुल्क आवास, स्वास्थ्य सुविधाएं, रोजगार के अवसर, बैंकों में जनधन खाता खोलने, अन्य सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के सभी लोगों को प्राप्त हुआ है और लगातार प्राप्त हो रहा है। इसमें कोई जात-पात, धर्म और समुदाय को नहीं देखा गया।मुख्यमंत्री ने कहा कि महारानी अहिल्याबाई ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण कराया तथा महाराजा रणजीत सिंह ने इसे स्वर्ण मंडित कराया। प्रधानमंत्री जी ने इसका विस्तार कर मां गंगा का बाबा श्री विश्वनाथ से मिलन कराया। वैश्विक मंच पर भारत के महापुरुषों व महान विभूतियों को जो पहचान आज मिल रही है, पूर्व में संभव नहीं थी। रामायण सर्किट व कृष्ण सर्किट का कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विश्वास, सबका विकास’ का मंत्र भी सद्भावना का ही मंत्र है और प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में 135 करोड़ जनता के विश्वास का प्रतीक बना है।


मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के जीवन पर आधारित डा. भरत बराई द्वारा लिखित पुस्तक ‘मोदी/20: ड्रीम्स मीट डिलीवरी’ तथा सतनाम सिंह चीफ पेट्रन एन0आई0डी0 फाउंडेशन की ओर से प्रस्तुत की गई पुस्तक ‘हार्टफेल्ट: द लेगेसी ऑफ फेथ’ का विमोचन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री जी ने चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में काशी के आर्थिक रूप से कमजोर एवं मेधावी सिख छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए 64 करोड़ रुपये के ज्ञान काशी छात्रवृत्ति कार्यक्रम की शुरूआत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी को सिरोपा भेंट किया गया।इस अवसर पर स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन  राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल, जनप्रतिनिधिगण, महंत एवं पंजाब, दिल्ली, मुंबई, नेपाल के प्रबुद्धजन, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा स्थानीय लोग शामिल थे।मुख्यमंत्री ने काशी के कोतवाल काल भैरव मंदिर एवं काशी विश्वनाथ मंदिर में विधिवत दर्शन पूजन किया। इस दौरान उन्होंने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का निरीक्षण किया और मंदिर में आने वाले भक्तों को सुरक्षा एवं अन्य सुविधाएं और बेहतर रूप से उपलब्ध कराए जाने हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए।

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