भाजपा ने देश को अंधकार की ओर धकेला-अखिलेश यादव

राजेन्द्र चौधरी

भाजपा की आर्थिक कुनीतियों के चलते हर घर की आय में कमी आई है, बेरोजगारी बढ़ रही है, कामधंधे ठप्प हैं। भाजपा ने देश को अंधकारमय भविष्य की ओर धकेल दिया है।एक बार फिर घरेलू गैस सिलेण्डर 50 रूपए महंगा हो गया है। सिलेण्डर की कीमत एक हजार रूपये के पार हो गया है। घरेलू गैस के दामों में जिस तरह वृद्धि हो रही है उससे घरेलू अर्थव्यवस्था पर गम्भीर प्रभाव पड़ा है। घरेलू बजट बिगड़ता जा रहा है। बढ़ती महंगाई का असर यह भी हुआ है कि बड़ी संख्या में बच्चों की फीस न दे पाने से उनकी शिक्षा भी बाधित हुई है। हर दिन लूट रही भाजपा सरकार की ‘डबल डकैती‘ साबित हो रही है।पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार में हर रोज महंगाई बढ़ रही है। अच्छे दिनों का सपना दिखाने वाली भाजपा के राज में आम आदमी की कमर बुरी तरह टूट चुकी है। पहले पट्रोल-डीजल, सीएनजी के दाम बढ़े अब दवाएं, खाद्य पदार्थ, परिवहन सभी कुछ महंगा हो गया है। महंगाई के कारण हर घर के घर ढह गए।

अखिलेश यादव ने कहा कि, संभल में गेहूं क्रय केंद्रों पर 50 क्विंटल से ज्यादा किसानों से गेहूं खरीदा नहीं जा रहा है। आगरा में 4 अप्रैल तक गेहूं की खरीद नहीं हुई। 2 महीने पहले जिन किसानों ने आनलाइन पंजीकरण करा लिया था वे भी मारे-मारे घूम रहे है। ट्रैक्टर ट्राली में गेहूं लदा हुआ खड़ा है। अमरोहा के बुरावलि केंद्र पर तौल बंद पड़ी है।पूर्व सीएम ने कहा कि किसान परेशान है, चित्रकूट में गेहूं केंद्रों की अव्यवस्था से किसान कराह रहा है। कन्नौज में भी क्रय केंद्रो में किसानों को दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है। फर्रुखाबाद में बिचौलियों के खेल में किसान पिस रहा है। किसानों को क्रय केंद्रों पर तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


अभी रिजर्व बैंक ने अपना रेपोरेट बढ़ाने की घोषणा की। कई बैंकों ने घर-कार लोन महंगा कर दिया है। इससे ईएमआई का बोझ बढ़ेगा। लाखों कर्जदारों की हालत बिगड़ जाएगी। इसके साथ ही दवाओं के दामों में भारी वृद्धि हुई है। कई गम्भीर बीमारियों की दवाओं के दाम 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। मधुमेह-दिल और कैंसर जैसी बीमारियों के मरीजों को रोज दवा खानी पड़ती है। ऐण्टीबायोटिक और स्टेराइड दवाओं की किल्लत हो रही है।सच तो यह है कि भाजपा राज में जनता दिन-ब-दिन कंगाल होती जा रही है। बैंकों में जमा वरिष्ठ नागरिकों की जमा पूंजी से उनका निजी खर्च चलता है, भाजपा सरकार ने उस पर भी हथौड़ा चला दिया है छोटी जमा पूंजी वाले अब बैंकों से महंगा कर्ज लेकर भी सिर पर छत का सपना पूरा करने में समर्थ नहीं हो सकेंगे। भाजपा की कुनीतियों से गरीब अब गरीबी के दलदल में और गहरा धंसेगा जबकि भाजपा के पूंजीपति मित्र और ज्यादा मालामाल हो जाएंगे। भाजपा का यही डरावना चेहरा है।

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