देश में बच्चों को मिल रहा वैक्सीन का कवच


प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोविड-19की स्थिति के सम्बन्ध में मुख्यमंत्रियों के साथ संवाद किया।मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में वर्चुअल माध्यम से सम्मिलित हुए।कोरोना कालखण्ड में केन्द्र व राज्य सरकारों ने मिलकर काम किया, जिसनेकोरोना महामारी के खिलाफ देश की लड़ाई में अहम भूमिका निभायी।कोरोना की तीसरी लहर में देश के प्रत्येक राज्य में, प्रत्येक जिलेतथा प्रत्येक क्षेत्र में वैक्सीन जन-जन तक पहुंचायी गयी, आज देश की96 प्रतिशत वयस्क आबादी को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी।वर्तमान में ओमिक्रॉन और उसके सब वैरिएण्ट को देखते हुएबिना पैनिक हुए सभी को सतर्क रहने की आवश्यकता।देश में ज्यादा से ज्यादा बच्चों को वैक्सीन का कवच मिल रहा।कल ही 6 से 12 वर्ष के बच्चों को भी को-वैक्सीन टीका लगाने की अनुमतिमिल गयी, सभी पात्र बच्चों का जल्द से जल्द टीकाकरण हमारी प्राथमिकता।प्रधानमंत्री ने आगजनी के हादसों को ध्यान में रखते हुए सभी राज्योंसे विशेष कर अस्पतालों की सेफ्टी ऑडिट करवाने का आग्रह किया।


प्रधानमंत्री के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने विगत 02 वर्षों में सदी की सबसे बड़ी महामारी कोरोना के प्रसार को नियंत्रित करने में सफलता प्राप्त की।कोविड महामारी के नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार से सतत सहयोग प्राप्त हो रहा।प्रदेश सरकार द्वारा सभी के लिए चिकित्सा के बेहतर प्रबंध किए गए हैं।जनपद गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद में कोविड संक्रमणके मामले में वृद्धि के रुझान को देखते हुए इन दोनों जनपदों केसाथ-साथ लखनऊ में फेस मास्क लगाया जाना अनिवार्य किया गया।प्रदेश में प्रति दिन लगभग डेढ़ लाख कोविड टेस्ट सम्पन्न किये जा रहे।इमरजेंसी कोविड रिलीफ पैकेज के रूप में प्राप्त धनराशि का उपयोगप्रदेश में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को और बेहतर बनाने में किया जा रहा।सी0एच0सी0 स्तर के अस्पतालों में बेड की संख्या30 से 50 और पी0एच0सी0 में बेड की संख्या 4-10 की जा रही।प्रधानमंत्री जी द्वारा दिये गये ‘जीवन और जीविका’को बचाने के मंत्र का प्रदेश सरकार ने सतत पालन किया।कोविड की चुनौतियों के बीच प्रदेश के राजस्व मेंलगभग 25 प्रतिशत और निर्यात में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई।प्रदेश में अब तक 11 करोड़ से अधिक कोविड टेस्ट किये गये,कोविड टीके की 31 करोड़ 24 लाख डोज लगाई जा चुकी।प्रदेश सरकार द्वारा भविष्य की चुनौतियों केदृष्टिगत सभी आवश्यक इंतज़ाम भी किये जा रहे हैं।



वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोविड-19 की स्थिति के सम्बन्ध में मुख्यमंत्रियों के साथ संवाद किया। उन्होंने देश के सभी मुख्यमंत्रियों, राज्य सरकारों और अधिकारियों के साथ ही सभी कोरोना वॉरियर्स की प्रशंसा करते हुए कहा कि कोरोना कालखण्ड में केन्द्र व राज्य सरकारों ने मिलकर काम किया, जिसने कोरोना महामारी के खिलाफ देश की लड़ाई में अहम भूमिका निभायी है। कोरोना की तीसरी लहर में देश के प्रत्येक राज्य में, प्रत्येक जिले तथा प्रत्येक क्षेत्र में वैक्सीन जन-जन तक पहुंचायी गयी है। प्रत्येक भारतीय के लिए यह गौरव की बात है कि आज देश की 96 प्रतिशत वयस्क आबादी को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है। कोरोना की चुनौती अभी पूरी तरह से टली नहीं है। वर्तमान में ओमिक्रॉन और उसके सब वैरिएण्ट को देखते हुए बिना पैनिक हुए सभी को सतर्क रहने की आवश्यकता है। कोरोना से बचाव में वैक्सीन सबसे बड़ा कवच है।


प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल ही में कुछ स्कूल के बच्चों के संक्रमित होने के मामले को देखते हुए देश में ज्यादा से ज्यादा बच्चों को वैक्सीन का कवच मिल रहा है। मार्च माह में 12 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए वैक्सीनेशन प्रारम्भ किया गया था। कल ही 6 से 12 वर्ष के बच्चों को भी को-वैक्सीन टीका लगाने की अनुमति मिल गयी है। सभी पात्र बच्चों का जल्द से जल्द टीकाकरण हमारी प्राथमिकता है। देश में गर्मी तेजी से बढ़ने से अलग-अलग स्थानों पर आग की बढ़ती हुई घटनाएं भी देखने को मिल रही हैं। जंगलों, महत्वपूर्ण इमारतों, अस्पतालों में आग की कई घटनाएं बीते दिनों में हुई हैं। आगजनी के हादसों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री जी ने सभी राज्यों से आग्रह किया कि विशेषकर अस्पतालों की सेफ्टी ऑडिट करवाएं, सुरक्षा के पुख्ता इन्तजाम प्राथमिकता के आधार पर किये जाएं, जिससे देश में कहीं ऐसे हादसे न हों।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी आज यहां अपने सरकारी आवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में वर्चुअल माध्यम से सम्मिलित हुए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने विगत दो वर्षों में सदी की सबसे बड़ी महामारी कोरोना के प्रसार को नियंत्रित करने में सफलता प्राप्त की है। साथ ही, रिकवरी के स्तर को भी बेहतर बनाए रखा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के ट्रैक, टेस्ट, ट्रीट और टीकाकरण की नीति के सफल क्रियान्वयन से प्रदेश में कोविड महामारी पर प्रभावी नियंत्रण बना हुआ है। कोविड महामारी के नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार से सतत सहयोग प्राप्त हो रहा है।

कोरोना के प्रसार को नियंत्रित करने में सफलता – मुख्यमंत्री
प्रदेश में कोविड संक्रमण के कुल 1384 एक्टिव केस हैं, इसमें से मात्र 19 संक्रमित मरीज ही अस्पताल में भर्ती हैं, यह लोग पूर्व से ही विभिन्न तरह की बीमारियों से ग्रस्त हैं। प्रदेश सरकार द्वारा सभी के लिए चिकित्सा के बेहतर प्रबंध किए गए हैं। इनके स्वास्थ्य पर सतत नजर रखी जा रही है।गाजियाबाद में कुल 298 और गौतमबुद्धनगर में 697 एक्टिव केस हैं। विगत दो सप्ताह से एन0सी0आर0 के जनपद गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद में कोविड संक्रमण के मामले में वृद्धि के रुझान को देखते हुए इन दोनों जनपदों के साथ-साथ लखनऊ में फेस मास्क लगाया जाना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रदेश के अन्य जनपदों में स्थिति सामान्य है।प्रदेश में प्रति मिलियन कोविड संक्रमण मामलों की संख्या मात्र 06 है। प्रदेश में प्रति दिन लगभग डेढ़ लाख कोविड टेस्ट सम्पन्न किये जा रहे हैं। पॉजिटिव पाए जा रहे लोगों के सैम्पल की जीनोम सिक्वेंसिंग भी कराई जा रही है। अब तक के सभी परिणामों में ओमिक्रॉन अथवा इसके सब वैरिएण्ट होने की ही पुष्टि हुई है।इमरजेंसी कोविड रिलीफ पैकेज के रूप में प्राप्त धनराशि का उपयोग प्रदेश में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को और बेहतर बनाने में किया जा रहा है।

सी0एच0सी0 स्तर के अस्पतालों में बेड की संख्या 30 से 50 और पी0एच0सी0 में बेड की संख्या 4-10 की जा रही है। साथ ही, अस्पतालों में अन्य आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी द्वारा दिये गये ‘जीवन और जीविका’ को बचाने के मंत्र का प्रदेश सरकार ने सतत पालन किया है। कोविड की चुनौतियों के बीच प्रदेश के राजस्व में लगभग 25 प्रतिशत और निर्यात में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।प्रदेश में अब तक 11 करोड़ से अधिक कोविड टेस्ट किये गये हैं, जबकि कोविड टीके की 31 करोड़ 24 लाख डोज लगाई जा चुकी हैं। 18 वर्ष से ऊपर की पूरी आबादी को टीके की कम से कम एक डोज लग चुकी है, इसी आयु वर्ग के 87 प्रतिशत से अधिक लोगों को कोविड वैक्सीन की दोनों खुराक दी गयी है। उन्होंने कहा कि 15 से 17 आयु वर्ग में 94 प्रतिशत किशोरों को वैक्सीन की पहली खुराक मिल चुकी है और 65 प्रतिशत किशोरों को दोनों डोज लग चुकी है। 12 से 14 आयु वर्ग के बच्चों को कोविड टीके की पहली डोज दी जा रही है। साथ ही, पात्रता के अनुसार दूसरी डोज भी दी जा रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा भविष्य की चुनौतियों के दृष्टिगत सभी आवश्यक इंतज़ाम भी किये जा रहे हैं। प्रदेश में 508 ऑक्सीजन प्लान्ट क्रियाशील हैं, 42 हजार से अधिक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध हैं। 6000 से अधिक स्थानों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

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