नाम समाजवादी,सोच परिवारवादी और काम दंगावादी-योगी

भाजपा महानगर के पदाधिकारियोँ की बैठक में सीएम योगी ने कहा।पूरे यूपी में मिल रहा है भाजपा को प्रचंड जनसमर्थन, बच्चा बच्चा बोल रहा है भाजपा-भाजपा

हिमांशु दुबे

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के पूर्व के शासनकाल को सुरक्षा, विकास और जनकल्याण की योजनाओं के प्रति विफलता को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि सपा का नाम समाजवादी, सोच परिवारवादी और काम दंगावादी है। सपा सरकार ने गुंडे, माफियाओं के आगे घुटने टेक दिए थे। बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों को दी जाने वाली पेंशन अपनी पार्टी के पदाधिकारियों को समाजवादी पेंशन के नाम पर बांट दी थी। जनता ने सपा की तुलना में बीते पांच साल में भाजपा की डबल इंजन सरकार को देखा है। आज उसका परिणाम है कि पूरे प्रदेश में भाजपा को जनता का प्रचंड समर्थन मिल रहा है। बच्चा-बच्चा भाजपा बोल रहा है।तीन दिवसीय दौरे पर गुरुवार दोपहर बाद गोरखपुर पहुंचे सीएम योगी सिविल लाइंस स्थित एक मैरेज हाल में पदाधिकारी बैठक को संबोधित कर रहे थे। विधानसभा चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत के लिए पार्टीजनों में जोश भरते हुए उन्होंने कहा कि वह लगातार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में चुनाव प्रचार में जा रहे हैं। निर्वाचन आयोग की कतिपय पाबंदियों के चलते सभाओं में लोगों की संख्या सीमित की गई है लेकिन सड़कों पर जनता का उत्साह देखते ही बनता है। पश्चिमी यूपी में एक ही मुद्दा है, सुरक्षा का। मीडिया जब लोगों से यह पूछ रही है कि भाजपा को ही वोट क्यों देंगे, तो जनता से जवाब मिल रहा कि भाजपा सरकार ने हमें सुरक्षा का वातावरण दिया है। सीएम ने कहा कि पांच साल पहले सपा की सरकार में वहां बेटियां स्कूल नहीं जा पाती थीं। महिलाएं घर से बाहर नहीं निकल पाती थीं। व्यापारी अपने प्रतिष्ठान नहीं खोल पाते थे। लोगों का पलायन होता था। दंगे होते थे। पूरी तरह असुरक्षा का वातावरण था। पर,  भाजपा के पांच वर्ष के शासन के दौरान किसी ने दंगा का नाम सुना क्या। कोई दरिंदा किसी बहन-बेटी के साथ जबरदस्ती कर सकता है क्या। आज आधी आबादी बेहिचक कहती है, भाजपा सरकार ने हमें सुरक्षा दी है, यही तो रामराज्य है। हम सुरक्षित हैं तो कुछ भी करने में समर्थ हैं। इसलिए वोट तो बीजेपी को ही देंगे।

सिर्फ अपने परिवार के लिए काम करता है जाति की बात करने वाला-
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गरीबों के कल्याण के लिए भाजपा भाजपा सरकार की तमाम योजनाओं को विस्तार से बताया। इस दौरान उन्होंने कहा कि गरीब की कोई जाति नहीं होती। जाति की बात करने वाले अवसर मिलने पर सिर्फ अपने परिवार के कल्याण के लिए काम करते हैं। किसी गरीब से पूछिए कि पिछली सरकार ने उसके लिए क्या किया। उत्तर प्रदेश में सपा सरकार ने महज 18 हजार पीएम आवास स्वीकृत कराए थे, वह भी लोगों को दिए नहीं। जबकि भाजपा सरकार ने 43.50 लाख गरीबों को बिना जातीय भेदभाव के पीएम आवास दिए हैं। न तो किसी गरीब को सिफारिश करनी पड़ी और न ही कहीं किसी को रुपया देना पड़ा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा सरकार ने जितने पीएम आवास पूरे प्रदेश में नहीं स्वीकृत कराए उससे अधिक 32 हजार हमने सिर्फ गोरखपुर महानगर में गरीबों को बनाकर दिए हैं। पूरे जिले में यह संख्या एक लाख से भी अधिक है।

पेंशन निराश्रितों के लिए है, छंटे गुंडों के लिए नहीं-
पेंशन योजना को लेकर भी सीएम योगी पूर्व की सपा सरकार पर खासे हमलावर रहे। उन्होंने कहा कि पूर्व में दिव्यांगों को 300, बुजुर्गों को 400 और विधवाओं को 500 रुपये दी जाने वाली पेंशन को भी सपा सरकार ने रोक दिया था। पेंशन का यह पैसा वह अपने पार्टी के पदाधिकारियों में समाजवादी पेंशन के नाम पर बांट रही थी। भाजपा की सरकार बनने पर हमने तय किया कि पेंशन निराश्रितों के लिए है, छंटे गुंडों के लिए नहीं। यही नहीं सरकार ने पेंशन की धनराशि भी बढ़ा दी है। भाजपा की सरकार प्रदेश में एक करोड़ पात्र लोगों को 12000 रुपये सालाना पेंशन दे रही है।

15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन की डबल डोज-
योगी ने कहा कि जब 2017 में भाजपा की सरकार बनी तो राशनकार्डों की जांच कराई गई। 40 लाख कार्ड फर्जी पाए गए। इन पर राशन तो उठता था लेकिन गरीब के पास नहीं पहुंचता था। जबकि आज बीजेपी की डबल इंजन सरकार प्रदेश में 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन का डबल डोज दे रही है। इस दौरान कुशीनगर के मुसहरों का उल्लेख करते हुए सीएम योगी ने कहा कि 2016 में वह भूख से मर रहे। मुसहरों के बीच गए थे। उनके घर में अन्न का एक दाना नहीं था। मैंने 2003 में आंदोलन कर उनके राशनकार्ड बनवाए थे। पूछने पर पता चला कि सपा सरकार ने उनके राशनकार्ड निरस्त कर सपाइयों को दे दिए थे। आज जब भाजपा सरकार है किसी भी मुसहर की मौत भूख से नहीं हुई है। सबको पर्याप्त खाद्यान्न मिल रहा है।

जिनका सारा काम अंधेरे में, वो बिजली कैसे देते-
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व की सपा-बसपा सरकारों में बिजली तक नहीं मिलती थी। जिनका खुद का सारा काम अंधेरे में होता था तो वह जनता को बिजली कैसे देते। आज भाजपा सरकार में गांव-गांव तक लोगों को भरपूर बिजली मिल रही है।

पांच साल में इंसेफलाइटिस स्वाहा-
पूर्वी उत्तर प्रदेश की त्रासदी रही इंसेफलाइटिस के नियंत्रण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समन्वित प्रयासों से बीते पांच सालों में इंसेफलाइटिस को स्वाहा कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इंसेफलाइटिस से मरने वाले सर्वाधिक बच्चे अनुसूचित और अल्पसंख्यक समाज के होते थे। सवाल उनकी जाति का नहीं था, यह बच्चे समाज के बच्चे थे। पर बच्चे तो वोट बैंक होते नहीं इसलिए पूर्व की सरकारें उनके बारे में सोचती भी नहीं थीं। जब सोच ईमानदार नहीं होती है तो काम भी दमदार नहीं होते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर शौचालय बनाकर तथा स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ कर हमने पांच साल में इंसेफलाइटिस को एकदम समाप्त किया है। जबकि 2017 के पहले तक गोरखपुर-बस्ती मंडल में प्रतिवर्ष दो से तीन हजार बच्चों की इससे मौत हो जाती थी। इसको लेकर सरकार की संवेदना जगाने के लिए मेडिकल कॉलेज से कलेक्ट्रेट और कमिश्नरी तक उनके आंदोलनों की साक्षी यहां की जनता भी है।


शत प्रतिशत दी गई कोविड वैक्सीन की पहली डोज-
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उत्तर प्रदेश में कोविड वैक्सीन की पहली डोज शत प्रतिशत लोगों को दी जा चुकी है। दूसरी रोज भी 70 प्रतिशत लोगों को मिल गई है। 25 करोड़ की आबादी वाले राज्य में  26.5 करोड वैक्सीन की डोज दी गई है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन को लेकर जो लोग दुष्प्रचार कर रहे थे कि यह मोदी और बीजेपी की वैक्सीन है, हम नहीं लेंगे, उन्हें भी आज इसी वैक्सीन ने बचाया है। यह बात बता कर उन्हें सांकेतिक तमाचा मारने की जरूरत है। शत प्रतिशत वैक्सीनेशन इस बात का प्रमाण भी है कि जनता बीजेपी और मोदी के साथ है। कोरोना प्रबंधन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रथम और द्वितीय लहर की तरह कोरोना की तीसरी लहर पर भी हमने प्रभावी नियंत्रण प्राप्त कर लिया है।

बम नहीं अब विकास की बम-बम है गोरखपुर की पहचान-
गोरखपुर की पुरानी और नई पहचान के बीच एक तुलनात्मक खाका खींचते हुए सीएम योगी ने कहा कि अब गोरखपुर की पहचान बम से नहीं बल्कि विकास के बम-बम से है। इसे लेकर उन्होंने पहली बार सांसद चुने जाने के बाद तत्कालीन उर्वरक मंत्री सुरजीत सिंह बरनाला से हुई अपनी मुलाकात का स्मरण भी सुनाया। तब तत्कालीन उर्वरक मंत्री ने सत्तर के दशक में अपनी गोरखपुर यात्रा के दौरान हुई बमबाजी का जिक्र योगी आदित्यनाथ से किया था। सीएम योगी ने कहा कि विकास सरकार की सोच के अनुरूप आगे बढ़ता है। गोरखपुर में फ़र्टिलाइज़र कारखाना, एम्स, बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशलिटी ब्लॉ, रामगढ़ ताल का सुंदरीकरण, चौड़ी सड़कें, चिड़ियाघर, वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, अत्याधुनिक ऑडिटोरियम, सैनिक स्कूल, पुलिस प्रशिक्षण स्कूल, पीएसी की महिला बटालियन, आयुष विश्वविद्यालय आदि विकास कार्यों की लंबी श्रृंखला है। हमें विकास की इस यात्रा को सामने नहीं देना है ताकि आने वाली पीढ़ी हमें कोसने ना पाए।

कोई हनुमान तो कोई गिलहरी, काम नहीं भाव महत्वपूर्ण-
विधानसभा चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों को उनकी जिम्मेदारी का भान कराते हुए सीएम योगी ने कहा कि डबल इंजन सरकार की भावनाओं से सभी को जोड़ना है। लोक कल्याण के पथ पर कोई हनुमान है तो कोई गिलहरी काम नहीं भाव महत्वपूर्ण होता है इसीलिए जिसको जो जिम्मेदारी मिल रही है उस जिम्मेदारी का पूरी तन्मयता से निर्वहन करें मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की चुनौती है तो चुनौती में ही रास्ता निकालने के लिए तकनीकी भी है। उन्होंने कहा कि चुनाव को लेकर हर वार्ड, मंडल, शक्ति केंद्र व बूथ को अपने आप से प्रतिस्पर्धा करनी होगी। नगरीय क्षेत्र में मतदान का प्रतिशत बढ़ाना चुनौती होती है। इसके लिए हमें 3 मार्च को पहला कार्य मतदान का ही करना और कराना होगा।

अच्छी सरकार तभी जब अधिक मतदान हो-
मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छी सरकार तभी आती है जब अधिक मतदान होता है। अन्यथा कम मतदान होने पर वही लोग आएंगे जो अराजकता पैदा करते थे। उन्होंने पहले मतदान का बार-बार जिक्र करते हुए कार्यकर्ताओं को उत्साहित किया। साथ ही कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता हर मतदाता से कम से कम पांच बार व्यक्तिगत संपर्क करें और छठवीं बार उसे मतदान पर्ची पहुंचाए।कैसे होगा यह कभी सोचा नहीं सीएम योगी ने कहा कि कैसे होगा हमने यह कभी सोचा नहीं। हम आशावादी हैं और इस बात पर दृढ़ रहते हैं कि हो कैसे नहीं सकता। चाहे प्रदेश में सुरक्षा का वातावरण बनाने की बात हो, बीमारियों के उन्मूलन की हो, विकास यात्रा की हो या बिना भेदभाव योजनाओं के क्रियान्वयन की। सभी आयामों पर हम दृढ़ रहे हैं।

फिर बोलूंगा, 10 मार्च के बाद शांत हो जाएगी गर्मी-
गोरखपुर महानगर के पदाधिकारी बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि वह 5 मार्च को शामली, कैराना के चुनाव प्रचार दौरे पर जाएंगे। उन्होंने बताया कि कैराना में 67 प्रतिशत व्यापारी पूर्व की सरकार में पलायन कर गए थे। आज बदलाव आया है। पलायन करने वाले सभी लोग वापस आए हैं। अपना कारोबार चला रहे हैं। क्या पिछली सरकार पलायन का दंश झेलने वालों से माफी मांगेगी। जनता को उन्हें इसके लिए मजबूर कर देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कैराना और शामली के दौरे के दौरान एक बार वह फिर बोलेंगे कि अगर दंगाइयों की गर्मी चढ़ रही है तो 10 मार्च के बाद शांत करा दी जाएगी।

6 फरवरी के बाद खोलेंगे स्कूल-कॉलेज-
गोरखपुर महानगर में पदाधिकारियों के साथ बैठक करते हुए मुख्यमंत्री ने एक बड़ी घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि कोरोना कि तीसरी लहर को पूरी तरह से नियंत्रित कर लिया गया है और इसे देखते हुए 6 फरवरी के बाद स्कूल कॉलेज खोल दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 17 जनवरी को प्रदेश में एक्टिव केस की संख्या 101600 थी जो आज 41000 पर आ गई है। एक सप्ताह में इसे नीचे लाते लाते हम शून्य पर पहुंचा देंगे।

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