आएगी सपा सरकार पुरानी पेंशन होगी बहाल

अखिलेश यादव ने विविध क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिए जाने वाले यश भारती सम्मान को फिर शुरू करने और जिला स्तर पर नगर भारती सम्मान दिए जाने की घोषणा की।पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 2022 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर राज्य कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए 2005 से पहले की पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने का वादा किया है। श्री यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी इसे अपने घोषणा पत्र में शामिल करेगी। उन्होंने कहा कि आर्थिक मंथन के बाद पुरानी पेंशन बहाल करने का फैसला किया गया है।

सपा के सहयोगी एवं रालोद प्रमुख जयंत चौधरी से कहा गया है कि वे अपने कोटे की सीटों पर सपा उम्मीदवार को चुनाव लड़ने दें। इस नफे नुकसान को चुनाव बाद पूरा कर दिया जाएगा। सपा एवं दूसरे क्षेत्रीय दलों को यह डर सताने लगा है कि भाजपा से जो नेता अब उनकी पार्टी में आए हैं, वे चुनाव के बाद वापस भी जा सकते हैं। इससे सपा को दोहरा नुकसान होगा। एक तो उनके अपने कैडर नेता नाराज हो रहे हैं और दूसरा चुनाव के नतीजे अगर बराबर आते हैं तो उस स्थिति में दूसरी पार्टियों के नेता, जिन्होंने सपा टिकट पर चुनाव जीता है, वे वापस जाने में देर नहीं लगाएंगे। अखिलेश को शहरी क्षेत्रों की करीब सौ सीटों पर ऐसी ही परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सपा के सहयोगी, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर और रालोद के जयंत चौधरी की रणनीति को समझना सपा प्रमुख के लिए आसान नहीं है।

    समाजवादी पार्टी प्रदेश मुख्यालय, लखनऊ में मीडिया से वार्ता करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा ने कर्मचारियों और शिक्षकों की पुरानी पेंशन को खत्म कर दिया। समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर हम इसे पुनः बहाल करेंगे। लम्बी सेवा के बाद सेवानिवृत्त होने वालों के जीवन निर्वाह के लिए पुनः पुरानी सामाजिक सुरक्षा पेंशन दिया जाना उचित है। भाजपा ने राज्य कर्मचारियों, शिक्षकों के साथ धोखा किया। पेंशन बहाली से 13.37 लाख लोग लाभाविन्त होंगे। राज्य कर्मचारियों और अटेवा संगठन की इस सम्बंध में पुरानी मांग रही है। कर्मचारियों के इलाज के लिए कैशलेस स्कीम को लागू किया जाएगा।श्री यादव ने वित्तविहीन शिक्षकों को सम्मानजनक मानदेय देने की व्यवस्था करने का भी आश्वासन दिया। श्री यादव ने कहा कि बीजेपी कर्मचारी विरोधी है। हर वर्ग को धोखा दिया है। भाजपा सरकार भेदभाव के साथ काम करती रही जबकि समाजवादी पार्टी की कथनी करनी में कोई अंतर नहीं है। हमने जो भी वादा किया उसको पूरा किया है। आउटसोर्सिंग को लेकर श्री यादव ने कहा कि यह अच्छी प्रथा नहीं है, इसमें शोषण के अलावा कुछ नहीं होता है। भाजपा सरकार ने कर्मचारियों की बात नहीं सुनी।

उत्तर प्रदेश में 10 फरवरी से शुरू होने जा रहे पहले चरण के मतदान से पहले सभी राजनीतिक दलों की तरफ से अपने उम्मीदवारों पर गहन मंथन का उनके नामों का एलान किया जा रहा है। इधर, समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव और आज़म खान के बीच टिकट को लेकर मामला फंस गया है। खबर सामने आ रही है कि आज़म खान और अखिलेश यादव में ठन गई है।आज़म जेल में हैं और वे अपने कई क़रीबियों के लिए टिकट चाहते थे, उन्होंने 12 अपने समर्थकों की लिस्ट दी थी।लेकिन अखिलेश यादव इसके लिए तैयार नहीं हुए।अब आज़म खान नाराज़ हो गए है्, उन्हें लग रहा है कि उनकी बातें नहीं सुनी गईं।उनके साथ समाजवादी पार्टी के कई बड़े मुस्लिम चेहरे भी हैं जिन्हें टिकट नहीं मिला और अखिलेश से नाराज़ हैं। कहा जा रहा है कि आज़म अब इमरान मसूद, क़ादिर राणा जैसे नेताओं के संपर्क में हैं।


अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी के घोषणा पत्र में कर्मचारियों, शिक्षकों,आंगनबाड़ी सभी की समस्याओं को शामिल करेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में रही तो हर चीज बेच देगी। भाजपा एक दिन सरकार को भी आउटसोर्स कर देगी। समाजवादी पार्टी निजीकरण के खिलाफ है। भाजपा ने निजीकरण के जरिए संविधान और आरक्षण को नुकसान पहुंचाया।अखिलेश यादव ने कहा कि सपा ने अपने साथ व्यापक जनाधार वाले नेताओं और मंत्रियों को जोड़ा है। क्षेत्रीय पार्टियों से गठबंधन किया है। समाजवादी पार्टी लड़ाई जीत गई है। भाजपा हार गई है। समाजवादी पार्टी चुनाव में हर तरह से आगे हैं और हम सरकार बनाने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने 300 यूनिट घरेलू बिजली मुफ्त देने की घोषणा की है। घबराकर भाजपा ने बिजली का बिल आधा कर दिया। जब बिजली का बिल आधा किया जा सकता था इन्होंने जनता से दुगना बिल क्यों लिया। समाजवादी सरकार के समय 2012 से 2017 के बीच बिजली उत्पादन दुगुना हो गया था। बिजली के लिए ज्यादा बजट दिया गया था।

पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव से पहले जिस तरह से टीएमसी नेताओं की टोली भाजपा में आई थी और बनर्जी की भारी जीत के बाद उसी टोली के नेता बारी-बारी से वापस टीएमसी में लौटने लगे थे। क्या वही कार्ड अब भाजपा ने उत्तर प्रदेश में तो नहीं खेला है…..।


समाजवादी सरकार ने लगभग 20 लाख छात्र नौजवानों को लैपटॉप दिए, जो आज भी चल रहे हैं। बीजेपी सरकार ने जो टेबलेट दिए हैं उन पर सवाल उठ रहे हैं।श्री यादव ने कहा कि हम घोषणा पत्र में नौजवानों के लिए नौकरी और रोजगार की योजना लाएंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा साजिश और षडयंत्र करके आगे बढ़ना चाहती है। भाजपा सरकार में लाखों लोगों का रोजगार और नौकरी छिन गई। यूपी सरकार के पास किसी भी चीज का आंकड़ा नहीं है। भाजपा आंकड़ों को छुपाती है। कोरोना में कितने लोगों की जान गई सरकार के पास कोई जानकारी नहीं है। कितने लोगों की नौकरी और रोजगार गए भाजपा सरकार नहीं बता सकती।पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि समाजवादी पार्टी के नेतृत्व में प्रोग्रेसिव सरकार बनाएं। हम जो भी वादे कर रहे हैं सब पूरे करेंगे। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी वर्चुअल रैली के साथ साथ फिजिकल कैंपेन भी कर रही हैं। हमने अपने कार्यकर्ताओं से कहा है कि वह डोर टू डोर जाकर लोगों को समाजवादी पार्टी की योजनाओं की जानकारी दें और जनता से वोट की अपील करें।        
                       

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