डीएम और बीएसए का बड़ा कारनामा

  • प्रयागराज डीएम और बीएसए का बड़ा कारनामा, जिला रिलीव हुए बिना बीईओ को दिया ब्लॉक ।
  • बेसिक विभाग ने खण्ड शिक्षाधिकारियों के तबादले में किया गया है जमकर खेल ।
  • आचार संहिता लगने के बाद बैक डेट में रात्रि में ही जारी की लिस्ट ।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बेसिक विभाग ने आचार संहिता लागू होने के बाद में बड़े स्तर पर खण्ड शिक्षा अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। खण्ड शिक्षा अधिकारियों के बड़े स्तर पर तबादला हुए अभी एक दिन भी नहीं बिता है कि प्रयागराज के जिलाधिकारी ने बिना रिलीव हुए ही खण्ड शिक्षा अधिकारियों को ब्लॉक आबंटित कर दिया है। प्रयागराज के डीएम ने रायबरेली के दो बीईओ की ड्यूटी ब्लॉक आबंटन के साथ में माघ मेला में लगा दी है। सबसे मजे कि बात है कि अभी वह रायबरेली से रिलीव भी नहीं हुए है कि उन्हें प्रयागराज के डीएम के पास में ब्लॉक आबंटन की सूची पहुँच गई है। ब्लॉक आबंटन की सूची प्रयागराज के बीएसए प्रवीण तिवारी की तरफ से भेजी गई है। उनकी तरफ से किस तरह खेल किया गया है इसका बड़ा नमूना ब्लॉकों का आबंटन है।

बता दें, बेसिक शिक्षा निदेशालय की तरफ से खण्ड शिक्षा अधिकारियों के तबादले आचार संहिता लगने के बाद में किया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों ने बैक डेट में सात जनवरी को तबादले किये है। जबकि खण्ड शिक्षा अधिकारियों को ऐसे ऑर्डर 8 जनवरी की रात में किया है। विभाग के बड़े अधिकारियों ने खेला करते हुए रात्रि में ही लगभग 450 खण्ड शिक्षाधिकारियों की लिस्ट जारी की है। तबादला होने वाले खण्ड शिक्षाधिकारियों का कहना है कि विभाग के अधिकारियों की तरफ से मनमानी की गई है और चुनाव आयोग के पत्र का हवाला देकर भारी संख्या में तबादला करके परेशान करने का काम किया गया है। वहीं, विभाग के इस काम से खण्ड शिक्षा अधिकारी संघ ने भी आपत्ति जाहिर की है और अधिकारियों से नाराज है। संघ ने अधिकारियों से वार्ता भी है लेकिन अभी तक कुछ खास नतीजा नहीं निकलकर आया है।

बिना जिला रिलीव हुए ही मिल गया ब्लॉक

खण्ड शिक्षा अधिकारियों के तबादले में किस तरह से खेल किया गया और इसमें कितने अधिकारी शामिल है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रयागराज के डीएम ने बिना जिलों से रिलीव हुए बीईओ की ड्यूटी लगाई गई है। माघ मेला की जिला अधिकारी संजय खत्री की तरफ से जारी की गई सूची में दो ऐसे खण्ड शिक्षा अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जो अभी रायबरेली जिले से रिलीव ही नहीं हुए है। रायबरेली के सलोन और ऊंचाहार ब्लॉक में तैनात रहे विश्वनाथ प्रजापति और अनिल त्रिपाठी को प्रयागराज में विकासखंड भी आबंटित कर दिए गए हैं। अनिल त्रिपाठी को प्रयागराज में सैदाबाद और विश्वनाथ प्रजापति को फूलपुर विकास खण्ड आबंटित कर दिया गया है।

इन जिलों के डीएम ने रिलीव करने से किया मना

बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से भले ही खण्ड शिक्षाधिकारी का तबादला कर दिया गया है लेकिन चुनाव में बाधा आने की वजह से कई जिलों के डीएम ने बीईओ को रिलीव करने से मना कर दिया है। बरेली, मिर्जापुर, ललितपुर, सहारनपुर,अमेठी, बहराइच, कन्नौज, एटा, प्रयागराज, शाहजहॉपुर, फतेहपुर, कौशांबी, मुरादाबाद,बलरामपुर, लखीमपुर, बांदा, अंबेडकर नगर, मथुरा, सुल्तानपुर, मैनपुरी के डीएम ने रिलीव करने से मना कर दिया है। बता दें, जिला निर्वाचन अधिकारियों की तरफ से बीईओ को एआरईओ से लेकर मास्टर ट्रेनर तक में ड्यूटी लगा दी गई है और उन लोगों ने ट्रेनिंग भी ले ली है, ऐसे में उन्हें कार्यमुक्त करने से निर्वाचन कार्य में बाधा भी आएगी।

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