वैक्सीनेशन ही है थर्डवेव को रोकने का एकमात्र उपाय-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव ने वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से समस्त मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक। कोविड वैक्सीनेशन की प्रगति की जनपदवार की गई समीक्षा। 
वैक्सीनेशन ही है थर्डवेव को रोकने का एकमात्र उपाय। मेडिकल काॅलेज एवं चिकित्सालयों में स्थापित किये जा रहे पीकू बेड्स, स्टाॅफ एवं उपकरणों की क्रियाशीलता का निरीक्षण करें जिलाधिकारी। क्लस्टर माॅडल पर आधारित वैक्सीनेशन की समय से पूरी तैयारी एवं आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित करायें जिलाधिकारी।

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लखनऊ। वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से समस्त मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने कोविड वैक्सीनेशन की प्रगति की जनपदवार समीक्षा की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि क्लस्टर माॅडल पर वैक्सीनेशन कार्य एक तिहाई विकास खण्डो में प्रारंभ हो गया है तथा 30 जून, 2021 तक प्रतिदिन 07 लाख से अधिक वैक्सीनेशन की प्रगति हासिल की जानी है। पहली जुलाई से समस्त विकास खण्डों एवं नगरीय क्षेत्रों में क्लस्टर माॅडल पर वैक्सीनेशन शुरु होगा, जिसमें प्रतिदिन 12 लाख से अधिक वैक्सीनेशन कराना होगा, जिसके लिये आवश्यक तैयारी एवं जरूरी सभी व्यवस्थायें अभी से ही सुनिश्चित करा लें।

मुख्य सचिव ने कहा कि माह अगस्त, 2021 में वैक्सीनेशन का लक्ष्य 12 लाख से बढ़ाकर 20 लाख प्रतिदिन तक जा सकता है, अतः तद्नुसार ही मैनपावर, केन्द्रों की स्थापना, कोल्डचेन आदि की व्यवस्थायें सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि थर्डवेव को रोकने का एकमात्र उपाय वैक्सीनेशन ही है। इसके अलावा टेस्टिंग भी लगातार की जानी है तथा उसमें कोई कमी नहीं होनी चाहिये।

कोविड प्रोटोकाॅल तथा सोशल डिस्टेंसिंग का भी कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाये तथा कहीं पर भी भीड़भाड़ न होने दी जाये। लाउडस्पीकर्स के माध्यम से जन सामान्य को लगातार जागरूक किया जाये। उन्होंने कहा कि मेडिकल काॅलेज, जिला चिकित्सालय एवं अन्य चिकित्सालयों में पीकू बेड्स बनाये जा रहे हैं, उनके सुचारु संचालन के लिए मैनपाॅवर, स्टाॅफ की ट्रेनिंग, जरूरी उपकरण आदि की उपलब्धता का जिलाधिकारी स्वयं मौके पर जाकर एक बार निरीक्षण अवश्य कर लें। निगरानी समितियां लगातार सक्रिय रहें, टेस्टिंग में कोई कमी न आने पाये।

उन्होंने बताया कि जिन जनपदों में लगातार एक सप्ताह तक टेस्टिंग में कोई कमी लाये बगैर जीरो एक्टिव केस होंगे, उन्हें पुरस्कृत किया जायेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुरस्कार के लिए टेस्टिंग की संख्या में भी कोई कमी नहीं आनी चाहिए। इससे पूर्व अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने विस्तार से वैक्सीनेशन की अद्यतन प्रगति तथा आगामी रोडमैप पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में सभी सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण आदि उपस्थित थे। 

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