
राजस्थान के किसान नेता राजाराम मील ने 26 जनवरी को दिल्ली में हिंसा करने वालों को भाजपाई बताया। मील के किसान नेता होने पर भाजपा को संशय।फ़र्स्ट इंडिया न्यूज़ चैनल पर किसान आंदोलन को बिग फाइट।

02 फरवरी को रात 8 बजे फ़र्स्ट इंडिया न्यूज चैनल पर किसान आंदोलन को लेकर बिग फाइट का लाइव प्रोग्राम हुआ। गर्मागर्म बहस में मैंने भी राजनीतिक विश्लेषक और पत्रकार के तौर पर भाग लिया। बहस में किसान नेता के तौर पर प्रदेश के प्रमुख कारोबारी राजाराम मील, भाजपा के प्रवक्ता पंकज मीणा और कांग्रेस के प्रवक्ता हरिदास चारण शामिल हुए। इस बहस में भाजपा ने जब किसान आंदोलन की आड़ में 26 जनवरी को दिल्ली शहर और लालकिले की हिंसा का मामला उठाया, तो किसान नेता राजाराम मील ने कहा कि हिंसा करने वाले तो भाजपा के कार्यकर्ता थे। भाजपा ने किसान आंदोलन को बदनाम करने के लिए दिल्ली में हिंसा करवाई। मील ने कहा कि दिल्ली बॉर्डर पर किसानों को प्रताडि़त किया जा रहा है।
किसानों के लिए सड़कों पर कीलें लगाई गई है तथा सीमेंट की दीवारें खड़ी की जा रही है। किसान इस स्थिति को कभी भी बर्दाश्त नहीं करेगा। सरकार को तीनों कृषि कानूनों को वापस लेना चाहिए। मील ने कहा कि वे स्वयं किसान है और राजस्थान के किसान भी कृषि कानूनों के खिलाफ हैं। कानून वापस नहीं लेकर केन्द्र सरकार किसानों को उकसा रही है। बहस में भाग लेते हुए भाजपा प्रवक्ता मुकेश मीणा ने मील की ओर इशारा करते हुए कहा कि जिन लोगों की जयपुर में खरबों रुपयों की सम्पत्तियां हैं, वे आज किसानों के प्रतिनिधि बन गए हैं। ऐसे लोग ही अपने स्वार्थ के कारण किसानों को गुमराह कर रहे हैं।

26 जनवरी को दिल्ली में हिंसा किन लोगों ने की उसे पूरे देश ने टीवी चैनलों पर देखा है। जिस तरह लालकिले पर तिरंगे के अपमान किया गया, वह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस जांच में सामने आएगा कि दिल्ली में हिंसा किन लोगों ने की है। मीणा ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल अपने राजनीतिक स्वार्थों की खातिर किसान आंदोलन को हवा दे रहे हैं। कांग्रेस के प्रवक्ता हरिदास चारण का कहना रहा कृषि कानून किसान विरोधी हैं, इसलिए वापस लिए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह किसानों के साथ खड़ी है। वहीं मेरा कहना रहा कि देश के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब किसी आंदोलन से निपटने के लिए देश के अंदर युद्ध जैसी तैयारी की जा रही है।
सीमा पर दुश्मन को रोकने के लिए कंटीलें तार, सीमेंट की दीवार और सशस्त्र बल तैनात किए जाते हैं। लेकिन इसे दुर्भाग्यपूर्ण कहा जाएगा कि देश की राजधानी की सीमाओं पर ऐसी तैयारियां की जा रही है। यह सब देश के अंदर तब हो रहा है, जब लद्दाख सीमा पर चीन टैंक, तोप आदि सैन्य सामग्री तैनात कर रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि हमारे जवान सीमा पर दुश्मन से मुकाबला करें या फिर देश के अंदर किसी आंदोलन से निपटे। देश इस समय बेहद नाजुक दौर से गुजर रहा है। ऐसे में सभी पक्षों को देशहित में सोचना चाहिए। बिग फाइल लाइव प्रोग्राम की एंकरिंग श्वेता मिश्रा ने सफलता पूर्वक की।

किसान आंदोलन के चलते किसानों के दिल्ली में दाखिल होने की आशंका के मद्देनजर टिकरी बॉर्डर पर सुरक्षा इंतजामों को मजबूत किया गया है। पहले सीमेंट से रास्ते की घेराबंदी की गई फिर, अब सड़कों पर नुकीली कीलें तक लगाई गई हैं ताकि ट्रैक्टर दिल्ली में दाखिल न हो पाएं। किसान संगठन आंदोलन को तेज करने के प्रयास में जुट गए हैं।






















