फर्रुखाबाद: बाढ़ के बीच पहुंचे योगी, गंगा ड्रेजिंग से स्थायी समाधान का ऐलान!

फर्रुखाबाद में बाढ़ प्रभावितों के बीच पहुंचे सीएम योगी, राहत कार्यों की समीक्षा; स्थायी समाधान के लिए गंगा ड्रेजिंग पर जोर।

फर्रुखाबाद। मुख्यमंत्री योगी ने फर्रुखाबाद के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने सदर, कायमगंज और अमृतपुर तहसीलों के प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री किट, राहत राशि तथा आश्रयहीन परिवारों को भूमि आवंटन प्रमाण पत्र भी वितरित किए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि फर्रुखाबाद के 102 गांवों के लोग बाढ़ की विभीषिका से प्रभावित हुए हैं। आपदा की इस घड़ी में प्रदेश सरकार उनके साथ खड़ी है और प्रभावित परिवारों को आवश्यकता के अनुसार हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम, बाढ़ चौकियां और राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं।

पानी उतरते ही क्षतिग्रस्त सड़कों की होगी मरम्मत

मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर अभी से कार्ययोजना तैयार की जाए। बाढ़ का पानी उतरते ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का काम तत्काल शुरू किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन बाधित न हो।बाढ़ प्रभावित परिवारों को करीब 50 किलोग्राम की राहत सामग्री किट उपलब्ध कराई जा रही है। इसमें चावल, आटा, आलू, दाल, चना, लाई, तेल, मसाले, बाल्टी, बरसाती और डिग्निटी किट समेत विभिन्न आवश्यक सामग्री शामिल है।

गंगा की ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन से स्थायी समाधान पर जोर

मुख्यमंत्री योगी ने फर्रुखाबाद की बाढ़ समस्या के स्थायी समाधान के लिए गंगा नदी की ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि नदी के उथले होने से पानी का फैलाव बढ़ता है, जिससे आसपास के गांवों और किसानों की फसलों को नुकसान होता है।उन्होंने निर्देश दिया कि ड्रेजिंग की योजना तैयार कर कार्य को युद्धस्तर पर आगे बढ़ाया जाए। ड्रेजिंग से निकलने वाली मिट्टी का इस्तेमाल तटबंध निर्माण में करने की दिशा में भी काम किया जाएगा। यदि इस कार्य में किसानों की भूमि आती है तो उन्हें उचित मुआवजा दिया जाएगा।

किसानों की फसल क्षति का होगा सर्वे, DBT से मिलेगी राहत राशि

बाढ़ से प्रभावित अन्नदाता किसानों की फसलों के नुकसान का सर्वे कराने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए। उन्होंने कहा कि सर्वे रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद राहत राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी प्रशासन को सतर्क किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अस्पतालों में एंटी-वेनम, एंटी-स्नेक वेनम और एंटी-रेबीज वैक्सीन समेत आवश्यक दवाओं की व्यवस्था की गई है। पशुधन के लिए चारा, वैक्सीन और दवाओं की व्यवस्था भी की जा रही है।

बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, राहत शिविरों में चल रही कक्षाएं

बाढ़ के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए शिक्षकों द्वारा राहत शिविरों और गांवों में जाकर अलग से कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर भी लगाए जा रहे हैं।

फर्रुखाबाद को एक्सप्रेस-वे कनेक्टिविटी का तोहफा

मुख्यमंत्री ने कहा कि फर्रुखाबाद में गंगा एक्सप्रेस-वे का लिंक एक्सप्रेस-वे आने वाला है, जो इसे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे से जोड़ेगा। उन्होंने कहा कि जनपद में एक जंक्शन भी बनाया जा रहा है। इससे फर्रुखाबाद के विकास को नई गति मिलेगी। सड़कों के चौड़ीकरण, पुलों के निर्माण और गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए भी सरकार पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।

आलू किसानों की समस्याओं के समाधान पर भी जोर

फर्रुखाबाद में आलू किसानों की बड़ी संख्या को देखते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों की समस्याओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कोल्ड स्टोरेज में आलू रखने वाले किसानों के आवश्यक भुगतान की व्यवस्था की गई है। मक्का की खेती को देखते हुए उसकी खरीद के लिए क्रय केंद्र स्थापित करने की दिशा में भी प्रयास किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि बाढ़ से प्रभावित किसानों की फसल क्षति का सर्वे कराकर उन्हें सीधे आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार ने किसानों के हित में फसल बीमा, किसान सम्मान निधि और फसलों की खरीद की व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाया है।

युवाओं, बेटियों और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए भी योजनाओं का जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में युवाओं को बिना भेदभाव सरकारी नौकरी के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग और अटल आवासीय विद्यालय जैसी योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 3 लाख 52 हजार आउटसोर्स कार्मिकों के हित में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारंभ किया गया है। इसके माध्यम से आउटसोर्स कर्मचारियों को न्यूनतम 20 हजार रुपये मानदेय और महीने की 5 तारीख तक सीधे खाते में भुगतान की व्यवस्था का उल्लेख मुख्यमंत्री ने किया। साथ ही ईएसआई स्वास्थ्य बीमा और भविष्य निधि जैसी सुविधाओं की भी बात कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य बाढ़ प्रभावित फर्रुखाबाद को राहत देने के साथ-साथ बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान तलाशना है। गंगा की ड्रेजिंग, चैनलाइजेशन और तटबंध निर्माण की प्रस्तावित दिशा में आगे बढ़ने से क्षेत्र के गांवों, किसानों और उनकी फसलों को भविष्य में बाढ़ के संकट से बचाने का प्रयास किया जाएगा।

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