- मुख्यमंत्री ने स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में प्रमुख विकास परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
- मुख्यमंत्री ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने और परियोजनाओं को निर्धारित समय में आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
- उन्नाव के एक्वा बिजनेस प्रोजेक्ट में आवश्यक कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश।
- फायर एन0ओ0सी0 से सम्बन्धित प्रभावी डिजिटल डेटाबेस तैयार करने तथा एन0ओ0सी0 की वैधता समाप्त होने से पूर्व नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू कराने के निर्देश।
- वरासत और पैमाइश से जुड़े मामलों के निस्तारण में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश।
- भूमि अधिग्रहण, निविदा, विभागीय समन्वय अथवा अन्य स्तर पर लम्बित कार्यों का तत्काल समाधान किया जाए।
- एक्सप्रेस-वे को केवल परिवहन परियोजना के रूप में नहीं, बल्कि उद्योग, निवेश, रोजगार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति देने वाले कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाए।
- लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाए, जिससे उ0प्र0 देश और दुनिया की सप्लाई चेन का मजबूत केन्द्र बन सके।
- नागरिक सुविधाओं से जुड़े बुनियादी ढांचे में सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा जाए।
- जहां भी केबल सीवर लाइन अथवा मैनहोल से गुजर रहे, उन्हें निर्धारित मानकों के अनुसार शिफ्ट किया जाए।
- जहां लाइन लॉस अत्यधिक है, वहां वास्तविक कारणों की पहचान कर ठोस कार्यवाही की जाए।
- बिजली चोरी, बिलिंग और वसूली की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए तथा अत्यधिक लाइन लॉस वाले क्षेत्रों में डिस्कॉम के जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
- डिजिटल लाइब्रेरी को ग्रामीण विद्यार्थियों और युवाओं के लिए अध्ययन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और डिजिटल ज्ञान के केन्द्र के रूप में विकसित किया जाए।
- जीरो पॉवर्टी अभियान में चिन्हित सभी परिवारों को आवास की सुविधा मिले, जिन पात्र परिवारों का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना में नहीं, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना से जोड़ा जाए।
- सभी लेबर अड्डों का सर्वे कर वहां पेयजल, शौचालय, स्वच्छता, स्नान, चिकित्सा और भोजन जैसी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
- श्रमिकों के लेबर कार्ड और आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
- गोरखपुर में निर्माणाधीन अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को निर्धारित समय में पूरा करने के साथ निर्माण कार्य की गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जाए।
लखनऊ। आज स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में प्रदेश में चल रही प्रमुख विकास परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल परियोजनाओं की घोषणा और स्वीकृति तक सीमित नहीं, बल्कि प्रत्येक परियोजना को तय समय में धरातल पर उतारना और उसका वास्तविक लाभ जनता तक पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि अधिग्रहण, निविदा, विभागीय समन्वय अथवा अन्य स्तर पर लम्बित कार्यों का तत्काल समाधान किया जाए और जिन परियोजनाओं की प्रगति अपेक्षित गति से नहीं हो रही है, उनकी नियमित समीक्षा कर जवाबदेही तय की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा में बेहतर कनेक्टिविटी की महत्वपूर्ण भूमिका है। एक्सप्रेस-वे को केवल परिवहन परियोजना के रूप में नहीं, बल्कि उद्योग, निवेश, रोजगार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति देने वाले कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए विगत 06 अगस्त को निविदा प्रकाशित हो चुकी है और आगामी सितम्बर में इसका चयन किया जाना है। फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए आवश्यक 1,339.04 हेक्टेयर भूमि में से 1,222.25 हेक्टेयर, यानी 91.28 प्रतिशत भूमि प्राप्त हो चुकी है। आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए 80.43 प्रतिशत, झांसी लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए 84.82 प्रतिशत और जेवर लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए 79.27 प्रतिशत भूमि प्राप्त हो चुकी है। मुख्यमंत्री जी ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने और परियोजनाओं को निर्धारित समय में आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री को मेरठ-हरिद्वार, विंध्य और विंध्य पूर्वांचल स्पर एक्सप्रेस-वे की प्लानिंग के सम्बन्ध में अवगत कराया गया कि सत्यापन का कार्य पूरा हो चुका है और अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी है। मुख्यमंत्री जी ने सम्बन्धित जिलों के अधिकारियों को भूमि सम्बन्धी कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि इन महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी परियोजनाओं में अनावश्यक विलम्ब न हो। ग्रेटर नोएडा के मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब की समीक्षा करते हुए कहा कि लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाए, जिससे उत्तर प्रदेश देश और दुनिया की सप्लाई चेन का मजबूत केन्द्र बन सके। मुख्यमंत्री जी ने उन्नाव के एक्वा बिजनेस प्रोजेक्ट की समीक्षा में आवश्यक कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि कानपुर के बिनगवां में 40 एम0एल0डी0 क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लाण्ट से पनकी पावर प्लाण्ट को उपचारित जल उपलब्ध कराने की परियोजना का कार्य पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ऐसी परियोजनाओं में सम्बन्धित विभागों के इंजीनियरों की क्षमता निर्माण पर भी ध्यान दिया जाए, ताकि परियोजनाओं की योजना, क्रियान्वयन और अनुरक्षण में गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।
मुख्यमंत्री जी ने स्वास्थ्य संस्थानों, अस्पतालों और होटल-गेस्ट हाउस में अग्नि सुरक्षा की समीक्षा करते हुए कहा कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने फायर एन0ओ0सी0 से सम्बन्धित प्रभावी डिजिटल डेटाबेस तैयार करने तथा एन0ओ0सी0 की वैधता समाप्त होने से पूर्व नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू कराने के निर्देश दिए।
लखनऊ में सीवर लाइन और मैनहोल के भीतर से गुजर रहे विद्युत एवं ओ0एफ0सी0 केबलों की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि नागरिक सुविधाओं से जुड़े बुनियादी ढांचे में सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा जाए। जहां भी केबल सीवर लाइन अथवा मैनहोल से गुजर रहे हैं, उन्हें निर्धारित मानकों के अनुसार शिफ्ट किया जाए और कार्य में तेजी लाई जाए। ऐसे कार्यों में स्थानीय निकाय से एन0ओ0सी0 जरूर प्राप्त कर लें। मुख्यमंत्री ने विद्युत व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि जहां लाइन लॉस अत्यधिक है, वहां वास्तविक कारणों की पहचान कर ठोस कार्यवाही की जाए। बिजली चोरी, बिलिंग और वसूली की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए तथा अत्यधिक लाइन लॉस वाले क्षेत्रों में डिस्कॉम के जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की समीक्षा करते हुए कहा कि इन्हें ग्रामीण विद्यार्थियों और युवाओं के लिए अध्ययन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और डिजिटल ज्ञान के केन्द्र के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि डिजिटल लाइब्रेरियों से जुड़े सभी आवश्यक कार्य आगामी 30 सितम्बर तक हर हाल में पूरे कर लिए जाएं।जीरो पॉवर्टी अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि चिन्हित सभी परिवारों को आवास की सुविधा मिलनी चाहिए। जिन पात्र परिवारों का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना में नहीं है, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा पात्र परिवारों को राशन, आयुष्मान कार्ड, शौचालय, आवास और अन्य सम्बन्धित योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाए तथा परिवार के कम से कम एक सदस्य को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने का प्रयास हो। 12.50 लाख चिन्हित परिवारों में से 09 लाख परिवार आवास के लिए पात्र पाए गए हैं। इनमें 4.50 लाख लोगों का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची में है, जबकि करीब 05 लाख परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना से लाभान्वित किया जाना है। 6.67 लाख परिवारों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं था। बी0ओ0सी0डब्ल्यू0 में पंजीकृत परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाने की कार्यवाही आगे बढ़ी है।
मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के लिए संचालित लेबर अड्डों की समीक्षा करते हुए कहा कि श्रमिकों को सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी लेबर अड्डों का सर्वे कर वहां पेयजल, शौचालय, स्वच्छता, स्नान, चिकित्सा और भोजन जैसी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। श्रमिकों के लेबर कार्ड और आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। प्रत्येक नगर निगम क्षेत्र में मेडिकल मोबाइल यूनिट, मोबाइल कैण्टीन और आवश्यकतानुसार अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। मुख्यमंत्री जी ने चंदौली में निर्मित फिश मार्केट के संचालन की समीक्षा करते हुए कहा कि तैयार परिसम्पत्तियों का तत्काल और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
गोरखपुर में निर्माणाधीन 30 हजार क्षमता वाले अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की समीक्षा करते हुए कहा कि परियोजना को निर्धारित समय में पूरा करने के साथ निर्माण कार्य की गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि निर्माण कार्य दिसम्बर, 2025 में शुरू हुआ है और इसे दिसम्बर, 2027 तक पूरा किया जाना है। मेरठ की मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की समीक्षा में निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री जी ने विभिन्न नीतियों के तहत देय वित्तीय प्रोत्साहनों की समीक्षा करते हुए कहा कि निवेशकों को नीति के अनुरूप स्वीकृत वित्तीय प्रोत्साहन समय पर जारी किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि वरासत और पैमाइश से जुड़े मामलों का निस्तारण आम नागरिक के अधिकार और सम्पत्ति से सीधे जुड़ा विषय है। उन्होंने मामलों के निस्तारण में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से प्रयागराज में निरस्त किए गए वरासत सम्बन्धी आवेदनों की जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि निरस्तीकरण की पूरी कार्यवाही मेरिट के आधार पर ही हुई हो और पात्र व्यक्ति किसी भी स्थिति में अनावश्यक रूप से प्रभावित न हो।निर्विवाद वरासत के मामलों में सर्वाधिक 13,386 आवेदन प्रयागराज में निरस्त किए गए हैं। मुख्यमंत्री जी ने पैमाइश से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की। उन्होंने पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने और प्रक्रिया को सरल एवं समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारियों की नियमित समीक्षा के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाए कि भूमि सम्बन्धी विवाद अनावश्यक रूप से लम्बित न रहें।



