- मुख्यमंत्री ने जनपद रायबरेली में 879 करोड़ रु0 से अधिक लागत की 346 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
- विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक, प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड, लैपटॉप सहित सपेरा समुदाय के आवास विहीन परिवारों को आवासीय पट्टों के आवंटन पत्र वितरित किये।
- डबल इंजन सरकार के प्रयासों से जनपद रायबरेली को नई पहचान मिली, अब रायबरेली का नाम न केवल उ0प्र0 में, बल्कि देश में गौरव के साथ लिया जा रहा।
- राना बेनी माधव बख्श सिंह सन् 1857 के नायक, ‘अवध केसरी’ के रूप में विख्यात तथा इस माटी के महान सपूत वीरा पासी जैसे वीरों को सम्मान दिया जाएगा, उनकी प्रतिमा लगेगी और भव्य स्मारक भी बनेगा।
- विकास आज की आवश्यकता, यही विकास नौजवान की आकांक्षा को आगे बढ़ाएगा, अन्नदाता किसान के चेहरे पर खुशहाली लाएगा, कारीगर व हस्तशिल्पी को सम्मान देगा तथा बुजुर्गों की वृद्धावस्था का सहारा बनेगा।
- प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में बदलते हुए रायबरेली को देखा जा सकता, यहां की मॉडर्न कोच फैक्ट्री रायबरेली की पहचान बन चुकी।
- गरीबों को उनका हक मिल रहा, उनके घर में शौचालय का निर्माण कराया गया।
- जब नौकरी निकलती, तो रायबरेली का नौजवान नौकरी प्राप्त करता,सपेरा समुदाय को जमीन के पट्टे और आवास स्वीकृति से मिला दोहरा लाभ।
- हमें प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में चल रहे विरासत और विकास के अभियान को आगे बढ़ाना चाहिए।
- नया उत्तर प्रदेश आपके सामने, सुदृढ़ कानून व्यवस्था के कारण बेटी और व्यापारी की सुरक्षा में कोई सेंध नहीं लगा सकता।
- विगत दिवस प्रदेश भर के 3.54 लाख रसोइयों को चार योजनाओं से आच्छादित किया गया।
- श्रद्धेय अटल जी ने देश में एम्स की संख्या को 06-07 तक पहुंचाया तथा प्रधानमंत्री जी ने इसे 23 एम्स तक पहुंचाने का कार्य किया।
रायबरेली/लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी ने राना बेनी माधव बख्श सिंह, वीरा पासी तथा महान स्वाधीनता संग्राम सेनानियों की स्मृतियों को नमन करते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से जनपद रायबरेली को नई पहचान मिली है। अब रायबरेली का नाम न केवल उत्तर प्रदेश में, बल्कि देश में गौरव के साथ लिया जा रहा है। विकास आज की आवश्यकता है। यही विकास नौजवान की आकांक्षा को आगे बढ़ाएगा, अन्नदाता किसान के चेहरे पर खुशहाली लाएगा, कारीगर व हस्तशिल्पी को सम्मान देगा तथा बुजुर्गों की वृद्धावस्था का सहारा बनेगा। इसी विकास प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए जनता ने जनप्रतिनिधि चुने है। जनप्रतिनिधियों के प्रयासों से विकास की यह प्रक्रिया द्रुत गति से आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री आज जनपद रायबरेली में रायबरेली सदर, बछरावाँ और हरचन्दपुर विधान सभा क्षेत्रों की 879 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 346 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक, प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड, लैपटॉप आदि प्रदान किए। इसके अलावा, उन्होंने सपेरा समुदाय के आवास विहीन परिवारों को आवासीय पट्टों के आवंटन पत्र वितरित किये। इसके पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने विभिन्न विभागों द्वारा लगायी गई प्रदर्शनी का अवलोकन, महिलाओं की गोदभराई तथा बच्चों का अन्नप्राशन किया। कार्यक्रम के दौरान जनपद रायबरेली की विकास यात्रा पर आधारित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद रायबरेली अब बदल चुका है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बदलते हुए रायबरेली को आज देखा जा सकता है। यहां की मॉडर्न कोच फैक्ट्री वर्ष 2012 में बनी थी, वर्ष 2014 तक यह कोच फैक्ट्री दु्रत गति से विकास नहीं कर रही थी। आज यह मॉडर्न कोच फैक्ट्री रायबरेली की पहचान बन चुकी है। वर्ष 2025-26 में मॉडर्न कोच फैक्ट्री ने 2,156 कोचेज का निर्माण किया, जो रिकॉर्ड प्रोडक्शन है। पहली बार मई 2026 में प्रधानमंत्री जी के विजन की वन्दे भारत एक्सप्रेस ट्रेन इसी मॉडर्न कोच फैक्ट्री, रायबरेली में बनी और उसका रोलआउट हुआ। पहले रायबरेली को वी0आई0पी0 जनपद और वी0आई0पी0 संसदीय क्षेत्र कहा जाता था, लेकिन वी0आई0पी0 के नाम पर यहां बदहाली, अराजकता और सुविधाओं का अभाव था। गरीब को शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिलता था। मुख्यमंत्री जी ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व0 राजीव गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि वह कहते थे एक रुपया भेजता हूं, नीचे केवल 15 पैसा पहुंचता है। बाकी 85 पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है।

आज गरीबों को उनका हक मिल रहा है। आवास के लिए किसी की जाति नहीं पूछी गई। रायबरेली में विगत 50 वर्षां में जितने लोगों को आवास नहीं मिला, उतने लोगों को हमने मात्र 09 वर्ष में प्रधानमंत्री आवास और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराया है। गरीब परिवारों के घर में शौचालय का निर्माण कराया गया है। प्रदेश में आज जब नौकरी निकलती है, तो रायबरेली का नौजवान भी नौकरी प्राप्त करता है। रायबरेली की बेटी और बेटा दोनों नौकरी प्राप्त करते हैं। विकास में किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं होता है। युवाओं के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान संचालित है। इसके अन्तर्गत युवा ऋण प्राप्त कर उद्यम प्रारम्भ कर सकते हैं। आज मंच पर सपेरा समुदाय के लोगों को भूमि सम्बन्धी अधिकार पत्र दिया गया है। सपेरा समुदाय घुमन्तु जाति होती थी। अब सरकार ने प्रदेश में घुमन्तु विकास बोर्ड बनाया है। सपेरा समुदाय को जमीन के पट्टे मिले हैं और उनके लिए आवास भी स्वीकृत हुआ है। इस प्रकार उन्हें दोहरा लाभ मिल रहा है। जब अच्छी सरकार आती है, तो अच्छा कार्य करती है।
सन् 1857 के नायक, ‘अवध केसरी’ के रूप में विख्यात इस माटी के महान सपूत राना बेनी माधव बख्श सिंह जी की आज 222वीं जयन्ती है। राना बेनी माधव बख्श सिंह जी की स्मृति में भव्य ऑडिटोरियम का लोकार्पण किया गया है। उनके नाम पर स्मारक बनाया गया है। पूर्व विधायक स्व0 दल बहादुर कोरी के नाम पर राजकीय पॉलिटेक्निक का नामकरण करके सलोन में उन्हें सम्मानित किया गया है। राना बेनी माधव बख्श सिंह को सम्मान देने के साथ यह सम्मान तब तक अधूरा है, जब तक वीरा पासी जैसे वीरों को सम्मान न मिले। इसलिए वीरा पासी की प्रतिमा भी लगेगी और उनका भव्य स्मारक भी बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में चल रहे विरासत और विकास के अभियान को आगे बढ़ाना चाहिए। पूर्ववर्ती सरकार के लोग पहले प्रभु श्रीराम व भगवान श्री कृष्ण की विरासत पर प्रश्न उठाते थे। आज अयोध्या में 500 वर्षों की गुलामी की बेड़ियों को तोड़कर प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण कार्य सम्पन्न हुआ है। उन्होंने कहा कि ‘जो प्रभु श्रीराम का होगा, वो हमारे काम का होगा। जो श्रीराम का नहीं होगा, वो हमारे किसी काम का नहीं होगा।’ अवध क्षेत्र के लोगों का भी यही संकल्प होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कुछ लोगों द्वारा भारत की विरासत को अपमानित करने का काम किया जा रहा है। अयोध्या हमारा पवित्र धाम है और हम बड़ी आस्था तथा सात्विक भाव के साथ वहां जाते हैं। बजरंगबली के लिए मंगलवार के दिन हिन्दू व्रत रखते हैं। बल, बुद्धि और विद्या देने वाले तथा सभी प्रकार के क्लेश एवं विघ्न-बाधा को दूर करने वाले हमारे बजरंगबली हैं। भारत की परम्परा और विरासत के बारे में गलत तथ्यों से लोगों को अवगत नहीं कराना चाहिए। मनुस्मृति को मानना है तो मानिए, नहीं मानना है तो मत मानिए, लेकिन मनुस्मृति की अच्छाइयों और बुराइयों पर चर्चा कीजिए। अथर्ववेद, शतपथ ब्राह्मण, महाभारत और मत्स्य पुराण में मनु की चर्चा हुई है।
पूर्ववर्ती सरकारों ने उत्तर प्रदेश को दंगा, कर्फ्यू और भ्रष्टाचार का प्रदेश बना दिया था। प्रदेश के समक्ष पहचान का संकट खड़ा किया था। गरीबी और बदहाली उत्तर प्रदेश की नियति बन चुकी थी। गरीब के हक पर डकैती पड़ती थी। नौजवान की नौकरी पर डकैती डालते थे, गरीब की जमीनों पर कब्जा करते थे और बेटी एवं बहनों की सुरक्षा में सेंध लगाते थे। अब उत्तर प्रदेश बदल चुका है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में नया उत्तर प्रदेश आपके सामने है। सुदृढ़ कानून व्यवस्था के कारण बेटी और व्यापारी की सुरक्षा में कोई सेंध नहीं लगा सकता। सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत इनकी सुरक्षा में यदि कोई सेंध लगाएगा तो उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विगत 09 वर्षां में गरीबों को आवास तथा शौचालय की सुविधा प्रदान की गयी है। प्रदेश में सड़कों का जाल बिछा है। प्रदेश में 16 करोड़ गरीबों को निःशुल्क राशन मिल रहा है। प्रदेश में 10 करोड़ गरीबों को आयुष्मान भारत अथवा मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत 05 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर प्राप्त हो रहा है। प्रत्येक वर्ष 05 लाख रुपये तक का उपचार किसी भी इम्पैनल्ड हॉस्पिटल में कराया जा सकता है। वर्ष 2017 के पहले जब लोग उत्तर प्रदेश से बाहर जाते थे तो पहचान का संकट होता था। लोग कहते थे कि उत्तर प्रदेश से हैं, जहां कर्फ्यू लगता है, दंगे और उपद्रव होते हैं। आज देश व दुनिया के किसी भी हिस्से में कोई कहता है कि मैं उत्तर प्रदेश या अवध क्षेत्र से हूं, तो लोग गले मिलने को इच्छुक रहते हैं। प्रभु श्रीराम की प्रतिकृति को देखकर लोगों के चेहरे खिलते हैं। जीवन में इससे बढ़कर कोई सम्मान नहीं हो सकता। हमने शिक्षामित्रों के मानदेय को 3,000 रुपये से 10,000 रुपये किया। 10,000 रुपये से अब 18,000 रुपये किया और 05 लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा की गारण्टी भी दी है। उन्हें 05 लाख रुपये की प्रतिवर्ष कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी है। यदि दुर्भाग्य से किसी शिक्षामित्र या अनुदेशक की दुर्घटना में दिव्यांगता या मृत्यु होती है, तो उसके परिवार को 30 लाख से लेकर 35 लाख रुपये की नगद सहायता बैंक उपलब्ध करवाएगा। यह गारण्टी सरकार दे रही है।
प्रदेश भर के 3,54,000 रसोइयों को लखनऊ में चार योजनाओं से आच्छादित किया गया। वर्ष 2017 के पहले उन्हें 1,000 रुपये मानदेय मिलता था। हमने उनके मानदेय को पहले 2,000 रुपये किया और कल उसे 3,000 रुपये किया है। रसोइयों को दूसरा लाभ 05 लाख रुपये की प्रतिवर्ष चिकित्सा सुविधा के रूप में दिया गया है। वह किसी भी इम्पैनल्ड हॉस्पिटल में जाकर अपना उपचार करा सकते हैं। तीसरा लाभ यह है कि किसी रसोइया की दुर्भाग्य से दुर्घटना, दिव्यांगता या मृत्यु होती है, तो परिवार के लोगों को तत्काल 02 लाख रुपये की सहायता मिलेगी। चौथा लाभ ड्रेस के लिए है। पहले केवल 500 रुपये मिलते थे, जिसे बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दिया गया है। अच्छी सरकार बिना भेदभाव सभी को लाभ देती है। रसोइया, शिक्षामित्र और अनुदेशक सभी जातियों से सम्बन्धित हैं। जिन महापुरुषों के स्मारक बनाए जा रहे हैं, वह भी सभी जातियों के हैं। आज देश में उत्तर प्रदेश ने और दुनिया में भारत ने अपनी एक पहचान बनाई है। श्रद्धेय अटल जी ने देश में एम्स की संख्या को 06-07 तक पहुंचाया तथा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने इसे 23 एम्स तक पहुंचाने का कार्य किया। आई0आई0टी0, आई0आई0एम0 की संख्या कई गुना बढ़ी। एक्सप्रेस-वे, रेलवे और मेट्रो का भारी विस्तार हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन का त्यौहार आगामी 28 अगस्त को है। रक्षाबंधन की सौगात कल रसोइयों को दी गई है। 26 को प्रदेश भर की माताओं के लिए एक नई योजना घोषित की जाएगी। सबका साथ, सबका विकास इसी बात के साथ चलता है कि विकास और विरासत एक साथ आगे बढ़ेगी। जब विकास और विरासत आगे बढ़ती है तो यह विश्वास का प्रतीक होता है। विश्वास तब होता है, जब सामूहिक प्रयास होता है और उसी सामूहिक प्रयास के लिए आज रायबरेली में आपके बीच आने का अवसर प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम को खाद्य एवं रसद, नागरिक आपूर्ति मंत्री मनोज पाण्डेय, उद्यान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह, विधायक अदिति सिंह व अशोक कुमार ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान, विधान परिषद सदस्य उमेश द्विवेदी, इंजी0 अवनीश कुमार सिंह सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।



