आगरा जेल में थम नहीं रही बंदियों से अवैध वसूली। गिनती कटवाने के नाम पर बंदियों से हो रही करोड़ो की वसूली!धोखाधड़ी के आरोपी बंदियों को सुबह उठते ही पकड़ा दी जाती झाड़ू।वसूली के लिए साफ कराया जा रहा गटर, नालियां और शौचालय।सुबह उठते ही बंदियों को नाली सफाई के लिए पकड़ा दी जाती झाड़ू।

लखनऊ। सैंया भय कोतवाल तो अब डर काहे का… यह कहावत आगरा जेल अधीक्षक पर एकदम फिट बैठती है। इस जेल में बंदियों से अवैध वसूली का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जेल में बंदियों के राशन में बेतहाशा कटौती, मशक्कत, मुलाकात, बैठकी, हाते के नाम पर प्रतिदिन लाखों रुपए की वसूली की जा रही है। मजे की बात तो यह है कि कार्यवाही नहीं होने से बेखौफ हुए जेल अधिकारी आर्थिक अपराध के बंदियों को सुबह उठते ही गटर, नाली और शौचालय साफ कराने के लिए झाड़ू पकड़ा देते है। इन बंदियों से गिनती कटवाने के नाम पर करोड़ों की मांग की जाती है। मामला विभागीय अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
पश्चिम की कमाऊ जेलों में शुमार आगरा जिला जेल में इन दिनों अधीक्षक और जेल के अधिकारियों ने लूट मचा रखी है। बीते दिनों जेल में हो रही बेतहाशा वसूली को लेकर हिन्दू सभा के पदाधिकारियों ने सीएम, जिला और जेल प्रशासन को शिकायत भेजकर जेल अधिकारियों की वसूली पर अंकुश लगाए जाने की मांग की। इसके बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। शिकायत में कहा गया कि जेल में प्रवेश करते ही बंदियों से वसूली शुरु हो जाती है। नए आगंतुक बंदी से हाता, मशक्कत, बैठकी, गिनती कटवाने के नाम पर अनाप शनाप वसूली की जाती है। संगठन का आरोप है कि जेल में बंदियों से प्रतिदिन लाखों रुपए वसूल किए जा रहे हैं। प्रशासन की अवैध वसूली से बंदी तो बंदी बंदियों के परिजन भी काफी आहत और दुखी है।
सूत्रों का कहना है कि जेल में निरुद्ध होने वाले आर्थिक अपराध और धोखाधड़ी का जमकर शोषण किया जा रहा है। इन बंदियों को गटर, शौचालय और नालियों की गंदगी साफ करवाने के लिए सुबह ही झाड़ू पकड़ा दी जाती है। इस काम को नहीं करने के एवज में इन धनाढ्य बंदियों से मोटी रकम (करोड़ो) रुपए की वसूली की जाती है। बीते दिनों क्रिप्टो करेंसी मामले में पुलिस ने विनोद स्वामी को गिरफ्तार कर जेल भेजा। सूत्रों की माने तो बंदी से मशक्कत और गिनती कटवाने के नाम पर एक करोड़ रुपए की मांग की गई। मांग नहीं पूरी होने पर इस बंदी को सफाई कमान (नालियों की गंदगी साफ करने) में लगाने की धमकी भी दी गई। उधर इस संबंध में जब आगरा जेल अधीक्षक हरिओम शर्मा से बात करने का प्रयास किया तो उनका फोन नहीं उठा।
कट ऑफ डेट बताकर प्रमुख सचिव ने नहीं किया तबादला
आगरा जेल अधीक्षक को विभाग के किस बड़े अधिकारी का संरक्षण प्राप्त है। इसको लेकर पशोपेश की स्थिति बनी हुई है। जिले के प्रभारी मंत्री से वसूली की शिकायत होने के बाद भी इस अधिकारी के खिलाफ आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई। स्थानांतरण सत्र के दौरान विभाग में एक दो वर्ष पहले तैनात किए गए अधीक्षकों के तो तबादले कर दिए गए किंतु प्रमुख सचिव कारागार ने जेल पर लगभग तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके आगरा जेल अधीक्षक की कट ऑफ डेट का हवाला देकर तबादला करने के बजाए एक साल तक जेल में लूट मचाने का मौका जरूर दे दिया। इसको लेकर विभागीय अधिकारियों में तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही है।



