जब अखिलेश पूछा- पुलिस भाई, मुझे कहां ले जा रहे हो?

दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव शामिल हुए. कुछ देर बाद पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया. अखिलेश यादव ने हिरासत में लिए जाने के बाद पूछा कि पुलिस भाई मुझे कहां ले जा रहे हो. 20 जुलाई को दिल्ली में सीजेपी के संसद मार्च के दौरान बड़ी संख्या में छात्र और युवा जुटे थे. इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया था और आंसू गैस के गोले दागे थे. इसी के खिलाफ मंगलवार (21 जुलाई) को पीएम आवास के पास राहुल गांधी समेत कांग्रेस के कई बड़े नेताओं के अलावा अन्य दलों के नेता भी धरने में शामिल हुए थे.

प्रधानमंत्री आवास के पास धरना खत्म

प्रधानमंत्री आवास के पास फिलहाल धरना खत्म हो गया है. बता दें कि कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस्तीफे की मांग करते हुए ‘7 लोक कल्याण मार्ग’ के पास धरना दिया था. इस दौरान ‘प्रधानमंत्री इस्तीफा दो’, ‘गुंडागर्दी नहीं चलेगी’ और ‘छात्रों को न्याय दो’ जैसे नारे लगाए. इसमें अखिलेश यादव भी मौजूद थे. धरना शुरू होने के कुछ देर बाद पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कई अन्य नेताओं को हिरासत में लिया. 

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने की थी राहुल गांधी से मुलाकात

इससे पहले कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। इनमें लोकसभा सांसद चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, शशिकांत सेंथिल सहित अन्य नेता शामिल थे। धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने हाथों में सांकेतिक हथकड़ियां पहनकर प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है। इसी बीच प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और गृह सचिव गोविंद मोहन भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने राहुल गांधी से बातचीत कर धरना समाप्त करने का आग्रह किया। हालांकि, कांग्रेस नेताओं ने छात्रों के मुद्दे पर अपनी मांगें दोहराते हुए विरोध जारी रखा।

छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला- राहुल गांधी

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों को इंसाफ दिलाने के लिए लोगों से पीएम आवास के पास धरने में शामिल होने की अपील की थी. उन्होंने कहा, ”छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है और सरकार को इस मामले में जवाबदेही लेनी चाहिए.” राहुल गांधी ने पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि सरकार न तो घटना की जवाबदेही लेना चाहती है और न ही संसद में इस पर चर्चा की इजाजत दे रही है.

इसी दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी प्रधानमंत्री आवास के बाहर चल रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए. कुछ समय बाद पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया. हिरासत में लिए जाते समय अखिलेश यादव ने पुलिसकर्मियों से पूछा, “पुलिस भाई, मुझे कहां ले जा रहे हो?” उनका यह सवाल सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो गया.

दरअसल, यह पूरा घटनाक्रम 20 जुलाई को दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के बाद सामने आया। उस दिन संसद मार्च के दौरान बड़ी संख्या में छात्र और युवा अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। विपक्षी दलों ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे छात्रों की आवाज़ दबाने का प्रयास बताया।

इसी के विरोध में अगले दिन प्रधानमंत्री आवास के निकट राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और अन्य विपक्षी दलों के नेता धरने पर बैठे. इसी प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे अखिलेश यादव को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया, जिसके बाद यह मामला राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गया.

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