- मुख्यमंत्री ने 150 करोड़ रु0 की लागत से 200 बेड के निर्माणाधीन अत्याधुनिक ’नेशनल सेण्टर ऑफ एजिंग’ का निरीक्षण किया।
- मुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्था को कार्य में तेजी लाते हुए ससमय निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए।
- नेशनल सेण्टर ऑफ एजिंग में बुजुर्गों की समस्याओं के लिए मल्टी-स्पेशियलिटी ओ0पी0डी0, मेमोरी क्लिनिक और ऑर्थराइटिस क्लिनिक संचालित किए जाएंगे।
लखनऊ/वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी ने आज जनपद वाराणसी भ्रमण के अवसर पर काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संस्थान में 150 करोड़ रुपये की लागत से 200 बेड के निर्माणाधीन सात मंजिला अत्याधुनिक ’नेशनल सेण्टर ऑफ एजिंग’ का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था के अभियन्ता को कार्य में तेजी लाते हुए ससमय निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए तथा निर्माण कार्य में मानक के अनुरूप उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित किये जाने पर जोर देते हुए बी0एच0यू0 प्रशासन के अधिकारियों को भी निर्माण कार्य पर विशेष निगरानी हेतु निर्देशित किया।
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ज्ञातव्य है कि अत्याधुनिक ’नेशनल सेण्टर ऑफ एजिंग’ बुजुर्गों को समर्पित देश का तीसरा और उत्तर भारत का प्रमुख केन्द्र होगा, जिसका निर्माण कार्य अन्तिम चरण में है। इसमें मल्टीस्पेशियलिटी जेरियाट्रिक्स ओ0पी0डी0 संचालित होगी। यहां गठिया क्लिनिक, मेमोरी क्लिनिक आदि जैसे विशेष क्लिनिक होंगे। इसमें मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर के साथ सर्जरी की भी व्यवस्था है। अलग जाँच एवं रेडियोलॉजिकल सुविधा, पुनर्वास सेवाएँ एवं डे-केयर, आई0सी0यू0 तथा प्राइवेट वॉर्ड के साथ ही यह केन्द्र जेरियाट्रिक्स के क्षेत्र में क्षमता निर्माण और मानव संसाधन विकास में भी मदद करेगा।
यहां वरिष्ठ चिकित्सक और सीनियर रेजिडेण्ट की सीटों में वृद्धि के साथ स्नातकोत्तर एम0डी0 जेरियाट्रिक्स की सीटों को भी बढ़ाया जाएगा। इससे वृद्धावस्था के क्षेत्र में अनुसंधान के साथ-साथ बुजुर्गों के विशिष्ट उपचार हेतु दिशानिर्देश भी प्राप्त होंगे। इसमें बुजुर्गों की समस्याओं के लिए मल्टी-स्पेशियलिटी ओ0पी0डी0, मेमोरी क्लिनिक और ऑर्थराइटिस (गठिया) क्लिनिक संचालित किए जाएंगे। जेरियाट्रिक मेडिसिन विभाग के तहत बुजुर्गों की देखभाल के लिए डॉक्टरों और नर्सों को प्रशिक्षित भी किया जाएगा।



