
राजेन्द्र चौधरी
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में जो जितना बेईमान, वो बैठा है उतनी ऊँची मचान। भाजपा बेईमानी से चुनाव जीतती है, इस बात को स्वीकार करके भाजपा के विधायक ने भ्रष्ट भाजपाई राजनीति का एनकाउंटर कर दिया है, साथ ही उसके ऊपर बुलडोज़र भी चलवा दिया है। देखते हैं अब इन भाजपाई विधायक को पार्टी से निकाला जाता है या भाजपा द्वारा अगला मुख्यमंत्री घोषित किया जाता है। इस बार जनता भाजपा की सारी तिकड़म निकाल देगी। भाजपा हारेगी और फिर कभी नहीं आएगी।
भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार, बेइमानी और झूठ चरम पर है। लूट और झूठ भाजपा की पहचान बन गयी है। हर स्तर पर कमीशनखोरी के चलते हर स्तर पर भ्रष्टाचार का बोलबाला है। थाने, तहसील भ्रष्टाचार के अड्डे बन गये है। भाजपाई जमीनों पर कब्जे और लूट कर रहे हैं। भाजपा भूमाफिया बन गयी है। भूमाफियाओं, खनन माफियाओं को संरक्षण दे रही है। भाजपा के भूमाफियाओं ने अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज जैसे धार्मिक स्थलों को भी नहीं छोड़ा। अयोध्या, वाराणसी, लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, मथुरा आदि जनपदों में बड़े पैमाने पर जमीनों पर कब्जा कर लिया है। भाजपा के भ्रष्टाचार और बेइमानी से प्रदेश की जनता ऊब चुकी है। 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता भाजपा को हमेशा के लिए सत्ता से बाहर कर इस सरकार के भ्रष्टाचार और बेईमानी का अंत कर देगी।

वीरांगना लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 301 वीं जयंती आज समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय, लखनऊ में सादगी से मनाई गई। लोकमाता के चित्र पर पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री राजेन्द्र चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष श्री श्याम लाल पाल ने माल्यार्पण कर नमन किया। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अहिल्याबाई जयंती पर लोकमाता की स्मृति को नमन किया है। उनका मानना है कि 18वीं सदी में अपने कुशल शासन, धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार और महिला सशक्तिकरण के लिए भारतीय इतिहास में अमर रहेगा। अपनी न्यायप्रियता और लोककल्याणकारी निर्णयों से उन्होंने शासन-प्रशासन का आदर्श स्थापित किया था। उन्होंने कहा कि वीरांगना अहिल्याबाई होल्कर मराठा साम्राज्य के मालवा क्षेत्र की महान महारानी थी। उन्हें लोकमाता भी कहा जाता है। वह शिवभक्त थी। अखिलेश यादव के अनुसार महारानी अहिल्याबाई होल्कर सुशासन के साथ-साथ शैक्षिक और सांस्कृतिक विकास के लिए भी प्रसिद्ध है। उन्होंने अपने शासनकाल में काशी विश्वेश्वर मंदिर मणिकर्णिका घाट और गया में विष्णु मंदिर का निर्माण कराया। उन्होंने केदारनाथ से रामेश्वर तक पूरे भारत में 100 से अधिक मंदिरों का जीर्णोद्धार किया।






















