Tuesday, May 26, 2026
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पीडीए वर्ग पर अत्याचार भाजपा सरकार पर सपा का आरोप

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पीडीए वर्ग पर अत्याचार भाजपा सरकार पर सपा का आरोप
पीडीए वर्ग पर अत्याचार भाजपा सरकार पर सपा का आरोप

राजेन्द्र चौधरी

भाजपा सरकार में भेदभाव,अन्याय,अत्याचार चरम पर है। भाजपा सरकार के 10 साल में पीडीए वर्ग पर अत्याचार की इंतहा हो गई है। सरकार ने बड़े पैमाने पर फेंक एनकाउण्टर कराये हैं। इन फर्जी एनकाउण्टर में 85 फीसदी पीडीए के लोग मारे गये है। इस सरकार में किसी को न्याय नहीं मिल रहा है। आज भाजपा सरकार के 10 साल में पीडीए वर्ग पर हुए अत्याचार के आंकड़ों की एक पुस्तिका जारी की। पुस्तिका में भाजपा सरकार द्वारा पीडीए के साथ किये गये फर्जी एनकाउण्टर पीडीए के घरों पर चलवाये गये बुलडोजर, पुलिस हिरासत में हुई मौतों और उत्तर प्रदेश की जेलों में अण्डर ट्रायल कैदियों का जातीय ब्यौरा है।


अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार जब डगमगाने लगती है तो फर्जी एनकाउण्टर कराती है। साथ ही और ज्यादा कम्युनल हो जाती है। भाजपा सरकार अपने भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने के लिए फेक एनकाउण्टर कराती है। फर्जी एनकाउण्टर भाजपा सरकार की नाइंसाफी, जुर्म और ज्यादती का सबसे घिनौना रूप है। फर्जी एनकाउण्टर के जरिए भाजपा सियासी साजिश करती है। जाति-धर्म देखकर फर्जी एनकाउण्टर कराती है। इससे प्रदेश का सामाजिक सौहार्द बिगड़ता है। जाति आधारित फर्जी एनकाउण्टर सामाजिक न्याय के राज को खारिज करता है। भाजपा सामाजिक न्याय विरोधी है।


अखिलेश यादव ने कहा कि पक्षपाती एनकाउण्टर पूरी तरह संविधान विरोधी अपराधिक कृत्य है। फर्जी एनकाउण्टर नाकाम सरकार की पहचान होते हैं। उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार एनकाउण्टर के बहाने पीडीए को डराकर उसका हक मारना चाहती है। भाजपा सरकार में सरकारी स्तर पर फर्जी एनकाउण्टर का पूरा एक अपराध तंत्र खड़ा कर दिया है। फर्जी एनकाउण्टर से घूसखोरी और काली कमाई का कुचक्र शुरू होता है। फर्जी एनकाउण्टर मानवाधिकार की हत्या करता है। उन्होंने कहा कि कस्टोडियल डेथ भी एक तरह का फर्जी एनकाउण्टर है, जिसमें भाजपा सरकार उत्तर प्रदेश में नम्बर एक पर है। ये भाजपा राज की बेहद शर्मिंदा करने वाली करतूतों का नतीजा है जो बेहद चिंतनीय भी है और निंदनीय है।
लोकतंत्र का इतिहास गवाह है कि जो सरकारें एनकाउण्टर करवाती हैं। मौका आने पर जनता एक न एक दिन चुनावी तरीके से उसका एनकाउण्टर कर देती है। इसीलिए लोकतंत्र आज तक जिंदा है और फर्जी एनकाउण्टर और अत्याचार करने वाली सरकारें काले इतिहास में दम तोड़ देती है। उन्होंने कहा कि इतिहास फिर दोहराया जाएगा और फर्जी एनकाउण्टर वाली भाजपा सरकार को हराया जाएगा और हमेशा के लिए हटाया जाएगा।


फर्जी एनकाउण्टर करके भाजपा ने प्रदेश की छवि धूमिल की है। उत्तर प्रदेश में एनकाउंटर वर्चस्व की धाक जमाने के लिए किए जाते हैं। फ़र्जी एनकाउंटर से भाजपा सरकार आम जनता पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाना चाहती है। फ़र्जी एनकाउंटर से लॉ एंड आर्डर संभलता नहीं बल्कि और बिगड़ता है क्योंकि इससे पुलिस में भ्रष्टाचार फैलता है। फ़र्जी एनकाउंटर को सही साबित करने के लिए कुछ भ्रष्ट वकील मनगढ़ंत कनपुरिया किस्सा बनाते हैं और फिर वो अधिकारियों और सरकार को ही ब्लैकमेल करते हैं। फर्जी एनकाउंटर में जो मारे जाते हैं उनको मारनेवाले भी आखिर में वैधानिक और सामाजिक रूप से मारे जाते हैं क्योंकि फर्जी एनकाउंटर में संलिप्त पुलिस जब फँसती है, तो भाजपा सरकार उससे मुँह मोड़ लेती है। फर्जी एनकाउंटर में संलिप्त पुलिसवालों को जब जेल होती है तो उनके परिवारवाले सामाजिक अपमान का शिकार होते हैं। जनता उनके मान-सम्मान का सोशल एनकाउण्टर कर देती है। फर्जी एनकाउंटर में संलिप्त पुलिसवालों को जेल की घुटन भरी, कालकोठरी के अंधेरे में जब तक ये समझ आता है कि भाजपा किसी की सगी नहीं है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।


फर्जी एनकाउंटर में संलिप्त पुलिसवालों के परिवारवाले ज़िंदगी भर ये सोचकर अपराध बोध से ग्रस्त रहते हैं कि उनके पति या पिता हत्यारे हैं। ये बात उनके मन-मानस का ही एनकाउंटर कर देती है। वो समाज से कभी आँखें नहीं मिला पाते हैं और पूरी ज़िंदगी कुंठा में गुजारने को मजबूर हो जाते हैं। फर्जी एनकाउंटर में संलिप्त पुलिसवालों को ये ज़रूर सोचना चाहिए कि सरकार अपने फ़ायदे के लिए किस तरह उनका इस्तेमाल कर रही है और उन्हें अधिकारी से अपराधी बना रही है। फर्जी एनकाउंटर में संलिप्त पुलिसवालों को भी ये मालूम होता है कि वो गैरकानूनी तरीके से किसी की हत्या कर रहे हैं, इसीलिए वो अक्सर आत्मग्लानि के शिकार होकर शराब आदि का सहारा लेकर अपना जीवन बर्बाद कर लेते हैं क्योंकि हत्या करते समय का दृष्य हमेशा उसका पीछा करता है। ऐसे फ़र्जी एनकाउंटर करनेवाले कई पुलिसकर्मी मानसिक रोगी तक बन जाते हैं। फर्जी एनकाउंटर में संलिप्त पुलिसवाले दूसरे को तो एक पल में मार देते हैं लेकिन खुद सारी ज़िंदगी तिल-तिल करके मरते हैं। फर्जी एनकाउंटर के डर से प्रदेश में निवेश नहीं आता है, भाजपा राज में ऐसे कई उदाहरण है जब पुलिस ने व्यापारियों से फर्जी एनकाउंटर का डर दिखाकर पैसे वसूले हैं या उनको होटल के कमरों में मार दिया है।


अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार के फ़र्जी एनकाउंटर का एक बेहद निंदनीय पहलू ये भी है कि भाजपा सरकार इससे अपने समर्थकों को खुश करती है लेकिन साथ ही अपने समर्थकों को वो मानसिक रूप से हिंसक भी बनाती है और नफ़रत के ज़हर से भरकर उनका मानसिक शोषण अपनी राजनीतिक सत्ता बनाए रखने के लिए करती है। भाजपा अपनों को ही डसती है। पक्षपाती फर्जी एनकाउंटर का एक बहुत बुरा असर ये भी होता है कि लोगों का क़ानून के ऊपर से विश्वास उठ जाता है और बेकसूर लोग अत्याचार होने पर कानून की शरण में न जाकर न्याय में विश्वास खो देते हैं। जनता का क़ानून में विश्वास होना किसी भी लोकतंत्र की कामयाबी की बुनियादी शर्त होती है।


अखिलेश यादव ने कहा कि फर्जी एनकाउण्टर हमारे देश की संस्कृति, संविधान, विधान और स्वस्थ सामाजिक सोच के लिए एक चुनौती बन गया है। जिस देश की सदियों पुरानी संस्कृति ने मुठभेड़ की जगह मेलजोल की बात की हो और पूरी वसुधा को कुटुंब माना हो, वहाँ ऐसी हिसंक और आपराधिक गतिविधियों के लिए तब तक कोई जगह नहीं हो सकती है, जब तक कोई इसका जानबूझकर अपने स्वार्थ के लिए दुरुपयोग न करे। उन्होंने कहा कि फ़र्जी एनकाउंटर के माध्यम से मेंटल साफ्टवेयर को सेट किया जाता है लेकिन ये अपग्रेड नहीं किया जाता है बल्कि आउटडेटेड और डाउनग्रेडेड बनाया जाता है। इससे मानस में हिंसा को भरा जाता है, हत्या को जायज़ ठहराया जाता है और जंगल के जमाने की उस रूढ़िवादी मानसिकता को वापस लाया जाता है जो कहती है, शक्ति ही अधिकार है। मतलब (Might is Right) जबकि लोकतंत्र कहता है कि (Right is Might) इसी कारण फ़र्जी एनकाउंटर लोकतांत्रिक व्यवस्था के विरुद्ध एक बहुत बड़ा षडयंत्र है जो संविधान में दिये गये न्याय के राज और सामाजिक न्याय के राज को भी सिरे से नकारता है। फ़र्जी एनकाउंटर एक दशमलव के भी दसवें हिस्से मतलब .1 प्रतिशत लोगों को मिली अपनी सरकारी शक्ति का आपराधिक इस्तेमाल करना है।


अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार भेदभाव और अन्याय करने के साथ ही डेटा छिपाती है। 2020 में जो अन्याय और अत्याचार हाथरस की बेटी के साथ हुआ था। वहीं 2026 में गाजीपुर की विश्वकर्मा समाज की बेटी और हरदोई में कुशवाहा समाज की बेटी के साथ हुआ। भाजपा सरकार हर अन्याय की गुनहगार है। अब जनता को न्याय तभी मिलेगा जब भाजपा सरकार हमेशा के लिए सत्ता से हटेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने महिलाएं और बेटियां सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं। देशभर में महिलाओं के साथ सबसे ज्यादा अपराध उत्तर प्रदेश में हो रहे हैं। एक सवाल के जवाब में अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया। 10 साल में भाजपा की डबल इंजन सरकार का धुआं निकल रहा है। मंहगाई चरम पर है। डीजल-पेट्रोल की कीमत हर दिन बढ़ रही है। डालर ऊपर जा रहा है और रुपया लगातार गिर रहा है। अगर सरल भाषा में समझा जाए तो डॉलर जितना ऊपर जाएगा चाय उतनी ही महंगी होती जाएगी। इस अवसर पर एडवोकेट गजेन्द्र सिंह ने उत्तर प्रदेश में फर्जी एनकाउण्टर को लेकर मानवाधिकार रिपोर्ट की विस्तृत जनकारी साझा की। इसके साथ ही गाजीपुर के समाजवादी पार्टी के नेता सत्या यादव ने जेल में पुलिस द्वारा उनके साथ किये गये जुल्म, ज्यादती और अत्याचार के बारे में जानकारी दी।


इसके साथ ही गाजीपुर के समाजवादी पार्टी के नेता रमाशंकर राजभर ने प्रदेश में राजभर समाज के साथ हो रहे अन्याय और राजभर समाज के युवाओं के फर्जी एनकाउण्टर के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कई युवाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इस सरकार में राजभर समाज के कई युवा मारे गये लेकिन भाजपा सरकार और उसके सहयोगी दल ने किसी को न्याय नहीं दिलाया। हरदोई के बीरेन्द्र कुशवाहा ने अपनी बहन शिल्पी कुशवाहा की हत्या और दबंगों के द्वारा उनके परिवार का किये जा रहे उत्पीड़न की आपबीती बताई और न्याय दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि उनके परिवार को न्याय नहीं मिल रहा है।