
राजेन्द्र चौधरी
अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार ने पीडीए आरक्षण में घोटाला किया है। भाजपा पीडीए का आरक्षण खा गयी। 69 हजार शिक्षक भर्ती में पिछड़े वर्गों को 27 फीसदी आरक्षण के बजाय सिर्फ 3.80 फीसदी आरक्षण मिला। एससी वर्ग को 21 फीसदी आरक्षण की जगह 16.2 फीसदी आरक्षण मिला। भाजपा सरकार ने पिछड़े, दलितों के आरक्षण की लूट की है। भाजपा निजीकरण करके आरक्षण को समाप्त करने की साजिश कर रही है। युवा पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि सुविधा, सम्मान, आरक्षण और सामाजिक न्याय का राज समाजवादी पार्टी की सरकार में ही सम्भव है।
समाजवादी पार्टी की स्थापना का लक्ष्य ही तमाम तरह की विशमता को मिटाना है। भाजपा की आर्थिक नीतियों से विषमता बढ़ी थी। भाजपा ने अमीरी-गरीबी की खाई को बढ़ाकर आर्थिकी केन्द्रीकृत किया। यह भ्रष्टाचार का तरीका है। भारत की आर्थिक ताकत कुछ हाथों में संग्रहित की जा रही है। महंगाई से आम जन तबाह है। देश के करोड़ों बेरोजगारों को कोई पूछने वाला नहीं है। भाजपा सरकार जनता के लिए नहीं बड़े उद्योगपति और पूंजीपतियों के हित में काम करती है। भाजपा ने चंद पंूजीपतियों के लिए किसानों की किस्मत गिरवी रख दी है। भाजपा गरीबों, किसानों के लिए काम नहीं करती है बल्कि भाजपा गरीबों और किसानों की दुश्मन है।
2027 के चुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए पार्टी के सभी नेताओं की सामूहिक जिम्मेदारी है। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता और बूथ प्रहरी सतर्क रहें। भाजपा अभी भी मतदाता सूची में हेराफेरी की साजिश कर सकती है। भाजपा राजनीति को गैंग बनाकर काम कर रही है। चौतरफा लूट मचा रखी है। लूट की पराकाष्ठा है। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की भाषा व्यवहार ऐसा हो जिससे किसी को शिकायत का मौका न मिल सके। भाजपा का एजेंडा समाजवादी पार्टी को बदनाम करने का है। भाजपा समाजवादी पार्टी पर झूठे आरोप लगाएगी। जनता को भ्रमित करेगी लेकिन इस बार भाजपा की कोई चाल सफल नहीं होगा।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी सबको साथ लेकर चलती है। समाजवादी पार्टी दूसरे के दुःख को अपना दुःख समझती है। दुखों का समाधान वही कर सकता है जो दुख और पीड़ा समझता है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का रास्ता विकास का रास्ता है। समाजवादी पार्टी की सरकार ने यूपी को विकास का रास्ता दिखाया था। जनता का भरोसा समाजवादी पार्टी और पार्टी नेतृत्व पर है। जनता समाजवादी पार्टी के साथ है। 2027 समाजवादी पार्टी की सरकार बनने जा रही है।
अखिलेश यादव ने कहा है कि असली शस्त्र के तो लाइसेंस बनते हैं लेकिन कुछ अदृश्य शस्त्र भी हैं, जो गुप्त रूप से देश, समाज और आपसी प्रेम पर अंदर से बेहद घातक हमला कर रहे हैं। वकील कह रहे हैं कि लगे हाथों भाजपाइयों के घर, दुकान, कार्यालय, प्रतिष्ठान के काग़ज़-नक्शे मँगाकर उनकी वैधता की भी जाँच ली जाए। साथ ही भाजपा और उनके संगी-साथियों द्वारा निर्माणों, आयोजनों व आपदाओं के नाम पर ‘जगह-जगह’ से बटोरे गये ‘तरह-तरह’ के चंदे-फ़ंड का हिसाब भी माँगा जाए और उनका ऑडिट हो। जनता ये भी पूछ रही है कि इस बात का भी क़ानूनी पहलू समझाया जाए कि ‘अनरजिस्टर्ड’ लोग ज़मीन किसके नाम से लेकर अपना निर्माण करते हैं और ये संपत्तियाँ कैसे बेनामी नहीं हैं?
श्री यादव ने कहा कि इसके अतिरिक्त जनता की जिज्ञासा ये भी है कि गुप्त-गतिविधियों में संलिप्त भाजपाई संगी-साथियों के ऐसे निर्माणों को ‘कार्यालय’ कहा जाए या ‘अड्डा’? इन ‘संगी-साथी’ अवैध लोगों का खर्चा-पानी कौन उठाता है? इसका कच्चा चिट्ठा तलाशकर खोला जाए। ये तथाकथित स्वदेशी ‘संगी-साथी’, विदेश भ्रमण करने क्यों जाते हैं? ये ‘संगी-साथी’ औपनिवेशिक समय से किसकी कठपुतली हैं? इन ‘संगी-साथियों’ का इतिहास मुख़बिरी का क्यों रहा है। ये ‘संगी-साथी’ सामाजिक सौहार्द क्यों बिगाड़ते हैं? वकील ये भी पूछ रहे हैं कि अब ये ‘संगी-साथी’ किस नई साज़िश के तहत ‘मानस के मान’ पर लाठियाँ चलवा रहे हैं?

























