
मई दिवस पर चाय पर चर्चा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जुटे एलजेए के पत्रकार साथी। 30 मई को लखनऊ में होगा एलजेए का भव्य पत्रकार सम्मेलन, तैयारियां तेज। पत्रकार लोकतंत्र का सशक्त स्तंभ हैं।
लखनऊ। मई दिवस के अवसर पर आज बर्लिंगटन (हुसैनगंज) चौराहे पर स्थित होटल हेरिटेज ब्लू इन में लखनऊ जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन की बैठक में वक्ताओं ने मजदूर दिवस पर प्रकाश डालते हुए चाय पर चर्चा के दौरान आगामी हिंदी पत्रकारिता दिवस पर राजधानी लखनऊ में एलजेए का एक वृहद स्तर सम्मेलन आयोजित किए जाने को लेकर अपने विचार रखे।
इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक त्रिपाठी ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली की सराहना करते हुए उन्हें संवेदनशील और प्रभावी नेतृत्व का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जनहित के मुद्दों को गंभीरता से लेते हैं, किन्तु पत्रकारों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण समस्याएं कुछ अधिकारियों की गलत कार्यशैली के चलते उचित स्तर तक नहीं पहुंच पातीं। यदि ये मुद्दे सीधे मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाए जाएं, तो उनका त्वरित समाधान संभव है।आलोक त्रिपाठी ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ हैं और समाज की आवाज़ के रूप में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए पत्रकारों को सुरक्षा, सम्मान और आवश्यक अधिकार मिलना अनिवार्य है। उन्होंने सरकार और पत्रकारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर देते हुए संगठन की एकजुटता, सक्रियता और आर्थिक स्वावलंबन को आवश्यक बताया।
उन्होंने जानकारी दी कि 30 मई को लखनऊ में एक विशाल पत्रकार सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रदेशभर के पत्रकार भाग लेंगे। इस सम्मेलन में पत्रकारों की प्रमुख समस्याएं,सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा, पेंशन और आवास को सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने सभी सदस्यों से सम्मेलन को सफल और ऐतिहासिक बनाने हेतु सक्रिय सहयोग की अपील की। वक्ताओं ने श्रमिक अधिकारों, संगठन की मजबूती तथा पत्रकारों की सामाजिक जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला। डॉ. अर्चना जी ने मजदूर दिवस का महत्व बताते हुए श्रमिक अधिकारों और पत्रकारों की स्थिति पर प्रकाश डाला। डॉ. बंदन जी ने पत्रकारों के हितों के लिए संगठित होना अत्यंत आवश्यक है।अर्जुन द्विवेदी ने एकजुट रहकर बड़े मुद्दों पर संघर्ष करने का संकल्प लेने की अपील की। संजय पांडेय ने भी संगठन के विस्तार और मजबूती के लिए नई रणनीतियों पर बल दिया।
रवि शर्मा ने कहा कि संगठन की मजबूती के लिए आर्थिक संसाधन जरूरी, हर सदस्य को आत्मनिर्भर बनना होगा। फहीम जी पत्रकार भी श्रमिक वर्ग का हिस्सा हैं, इसलिए उनके अधिकारों की रक्षा जरूरी है।
विजय आनंद वर्मा जी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पत्रकार की पहचान उसकी लेखनी से होती है, पत्रकारों में एकता जरूरी है। अतुल जी ने मजदूर दिवस के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए पत्रकारों के दायित्वों को विस्तार से समझाया। बैठक में लखनऊ इकाई के प्रभारी अध्यक्ष दीपक गुप्ता, कार्यवाहक उपाध्यक्ष एडवोकेट अतुल कुमार मिश्रा, सदस्य शैफ खान शारिक एवं आबिद आदि ने भी संबोधित किया। बैठक में कई नए सदस्य भी जुड़े तथा अश्विनी जी ने पत्रकार साथियों को कलम भेंट की। बैठक में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मो. इनाम खान, सदस्य अनिल चौधरी, अशोक मिश्र, रवि उपाध्याय, प्रवीण उपाध्याय, आशीष यादव, अमित श्रीवास्तव, जगदीश मौर्या, जितेन्द्र निषाद, रामकृष्ण मिश्र, सौरभ श्रीवास्तव, शफीक अहमद, सुनील पांडेय, निहाल अहमद, राजेश चंद गुप्ता, प्रवीण सिंह, रंजीत सिंह, के एन सैनी एवं मो. शुएब आदि मौजूद रहे।
























