

प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले संगठनात्मक स्तर पर भाजपा ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। पार्टी नेतृत्व कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक सक्रिय करने, जनसंपर्क को मजबूत बनाने और समन्वय बढ़ाने पर विशेष जोर दे रहा है। बैठकों के माध्यम से जिम्मेदारियों का स्पष्ट विभाजन करते हुए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कार्यक्रम सफल और प्रभावशाली बने। खासतौर पर महिला सहभागिता और स्थानीय इकाइयों की भूमिका को मजबूत कर, संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने रविवार को वाराणसी में 28 अप्रैल को प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर वाराणसी महानगर एवं जिला इकाइयों की महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित किया। बैठक में महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष, भाजपा महानगर अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। महिला सशक्तिकरण को समर्पित इस कार्यक्रम की जिम्मेदारी मातृशक्ति को सौंपते हुए विशेष रूप से महिला सहभागिता को केंद्र में रखा गया। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, व्यापक जनसंपर्क अभियान, बूथ स्तर तक की जिम्मेदारियों एवं व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा सभी महिला मोर्चा की पदाधिकारियों को अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ करने का मंत्र देते हुए जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं।
प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने महिला मोर्चा की पदाधिकारियों से संवाद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का प्रत्येक कार्यक्रम राष्ट्र के लिए प्रेरक होता है। उन्होंने आह्वान किया कि मातृशक्ति संगठनात्मक शक्ति और परिश्रम के साथ तैयारियों में जुटें, ताकि यह कार्यक्रम नारी सामर्थ्य का उदाहरण बन सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने केंद्र सरकार की योजनाओं और नीतियों को महिलाओं की आर्थिक समृद्धि एवं सामाजिक उत्थान के लिए समर्पित किया है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को सुनिश्चित करने का संकल्प भी संसद में प्रस्तुत किया। जिस संकल्प को सपा और कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दलों दलों ने अपने महिला विरोधी एजेंडे के कारण साकार नहीं होने दिया। प्रदेश महामंत्री (संगठन) ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री जी के इस कार्यक्रम की कमान जब मातृशक्ति संभालेगी, तब यह आयोजन महिला सशक्तिकरण का जीवंत उदाहरण बनेगा। यह कार्यक्रम इस सत्य को भी स्थापित करेगा कि भारत की नारी नेतृत्व करने में पूर्णतः सक्षम है।





















