Sunday, April 19, 2026
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भाजपा की नीति और नीयती कभी सही नहीं रही:प्रमोद तिवारी

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भाजपा की नीति और नीयती कभी सही नहीं रही:प्रमोद तिवारी
भाजपा की नीति और नीयती कभी सही नहीं रही:प्रमोद तिवारी

भाजपा की नीतियों और नीयत को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है, यह आरोप लगाते हुए कि सरकार के फैसलों में पारदर्शिता और जनहित की कमी दिखाई देती है। कई अहम मुद्दों पर लिए गए निर्णयों को लेकर यह धारणा बनी है कि राजनीतिक लाभ को प्राथमिकता दी जाती है, जबकि आम जनता से जुड़े मूल प्रश्न पीछे छूट जाते हैं। यही वजह है कि सरकार की मंशा पर बार-बार बहस छिड़ती है और नीतियों की वास्तविक दिशा को लेकर संदेह बना रहता है।

लखनऊ। राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी एवं प्रदेश कांग्रेस विधान मण्डल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर रविवार को प्रधानमंत्री को आड़े हाथों लिया है। सांसद प्रमोद तिवारी एवं विधायक मोना ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक को लेकर संविधान संशोधन का प्रधानमंत्री मोदी का प्रयास देश की जनता के साथ छल व धोखा तथा राजनीतिक ड्रामा है। सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि पीएम को अगर महिलाओं को न्याय दिलाने की इतनी चिन्ता है तब वह देश को बतायें कि भाजपा किसी महिला को प्रधानमंत्री क्यों नहीं बना पा रही है। उन्होंने कहा कि स्पीकर और पार्टी अध्यक्ष के साथ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में प्रधानमंत्री को चुनौती है कि वह इसका प्रमुख किसी सक्षम महिला को बनायें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने महिला आरक्षण विधेयक के नाम पर सबसे बड़ा झूठ बोलकर देश की जनता को गुमराह किया है। सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि इस विधेयक को लेकर भाजपा की नीति और नीयती कभी सही नहीं रही है।

उन्होंने सवाल उठाया कि महिला आरक्षण विधेयक की आड़ में परिसीमन पर संशोधन को लेकर आखिर संसद सत्र के पूर्व सरकार ने सर्वदलीय बैठक क्यों नहीं बुलायी। सांसद प्रमोद तिवारी ने चुनौती पूर्ण अंदाज में कहा कि जिस महिला आरक्षण विधेयक में प्रधानमंत्री पचास प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षण की बात कर रहे हैं आखिर विधेयक में इस पर एक भी लाइन क्यों नहीं हैघ् सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि 2023 में महिला आरक्षण विधेयक पर कांग्रेस समेत सम्पूर्ण विपक्ष ने समर्थन देकर पारित करा दिया। उन्होंने पीएम से पूछा कि पास हुए विधेयक को तीन साल तक आखिर वह अमल में क्यों नहीं ला सके। सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि संविधान को समझने वाला हर देशवासी आज विपक्ष का आभारी है कि उसने संविधान संशोधन के जरिये सत्ता में बने रहने के लिए भाजपा के षड़यंत्र को विफल कर दिया है। उन्होंने कहा कि संघीय ढांचे में केन्द्र एवं राज्य के रिश्ते निर्धारित हैं। सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि परिसीमन संशोधन के जरिये मोदी सरकार संघीय ढांचे पर चोट पहुंचाना चाहती थी।

सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि कडवी सच्चाई यह है कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनाव को देखकर मोदी सरकार ने महिला आरक्षण विधेयक के नाम पर सिर्फ राजनैतिक स्टंट खड़ा करने का प्रयास किया है। वहीं प्रदेश कांग्रेस विधान मण्डल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि विपक्ष ने एक जुट होकर संविधान की रक्षा की है। सीएलपी नेता मोना ने कहा कि पीएम मोदी को उत्तर प्रदेश की महिलाओं से फौरन क्षमा मांगना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्नाव पीड़िता को भाजपा द्वारा संरक्षण देने और हाथरस की बेटी को इंसाफ दिलाने में विफलता को लेकर पीएम मोदी को क्षमा याचना करनी चाहिए। विधायक आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि पीएम मोदी की नियत में खोट न होती तो वह 2023 में पारित महिला आरक्षण विधेयक को लागू कर चुके होते। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने यदि ऐसा किया होता तब आज संसद और देश की कई विधानसभाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व सशक्त होता। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने पंचायत में महिलाओं को आरक्षण का कानून पेश किया तब भाजपा ने ही उस समय इस आरक्षण का विरोध किया था। कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा मोना ने विपक्षी गठबंधन को लेकर प्रधानमंत्री की बयानबाजी पर तगड़ा पलटवार करते हुए कहा कि बैसाखी पर जिनकी सरकार चल रही है उन्हें इस प्रकार का बयान खासकर प्रधानमंत्री पद को शोभा नहीं दिया करता।