
भाजपा द्वारा महिला आरक्षण को लेकर जिस तरह का प्रचार किया जा रहा है, उसमें कई बार तथ्यों से ज्यादा भ्रम और राजनीतिक संदेश हावी नजर आते हैं। महिला सशक्तिकरण जैसे गंभीर और संवेदनशील मुद्दे को भी राजनीतिक लाभ के नजरिए से प्रस्तुत करने की कोशिश की जा रही है, जिससे आम जनता के बीच गलतफहमियां पैदा हो रही हैं। जरूरी है कि इस विषय पर स्पष्ट, पारदर्शी और तथ्य आधारित संवाद हो, ताकि महिलाओं के अधिकारों और उनके प्रतिनिधित्व को लेकर सही जानकारी समाज तक पहुंच सके और लोकतांत्रिक प्रक्रिया मजबूत हो।
राजेन्द्र चौधरी
समाजवादी पार्टी का व्यवहार भाजपा की तरह नहीं हो सकता है। लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक में हार के बाद भाजपा में बौखलाहट और हताशा है। भाजपा विपक्ष विशेषकर उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी का विरोध प्रायोजित षड्यंत्र के तहत कर रही है। भाजपा के दूषित और भ्रामक प्रचार तंत्र के जवाब धरना प्रदर्शन के बजाय समाजवादी पार्टी की महिलाओं और कार्यकर्ताओं को संयम से काम लेना चाहिए और धरना-प्रदर्शन से बचना चाहिए। अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को उक्त निर्देश देते हुए उनसे भाजपा की साजिश और षडयंत्र से सावधान रहने को भी कहा है।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा महिला आरक्षण पर भ्रांतियां और झूठ फैला रही है। आधी आबादी में 66 प्रतिशत आबादी पिछड़ों की है। समाजवादी चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया पिछड़ों में महिलाओं की भी गिनती करते थे। भाजपा पिछड़ांे, महिलाओं, अल्पसंख्यकों को कोई स्थान नहीं देना चाहती है। 33 प्रतिशत महिला आरक्षण के नाम पर वह अपनी मनमानी करना चाहती है।
अखिलेश यादव ने कहा कि हमारा ध्यान अब पूरी तरह उत्तर प्रदेश पर होना चाहिए। यह देश का सबसे बड़ा प्रदेश है। सन् 2027 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा के चुनाव होने है। लोकतंत्र के लिए ये चुनाव बहुत महत्वपूर्ण साबित होंगे। उत्तर प्रदेश के चुनाव परिणामों में भाजपा के हारने का मतलब केन्द्र की भाजपा सरकार का अस्थिर हो जाना होगा। अतः उत्तर प्रदेश को भाजपा के शिकंजे से बचाना जरूरी है।
भाजपा की राज्य और केन्द्र की सत्ता हटाने के लिए जनता प्रतिबद्ध है। महंगाई, बेरोजगारी भाजपा राज में बेलगाम है। शिक्षा-स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था चौपट है। खाद-बीज, कीटनाशक का संकट है। लोगों की जिंदगी में सिर्फ परेशानियां है। भाजपा सत्ता से जाएगी, तभी खुशहाली आएगी। महिलाओं, किसानों, नौजवानों को तभी राहत मिलेगी।





















