
स्वंय सहायता समूहों की दीदियां अब सिर्फ घर-परिवार तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि समाज में बदलाव की मजबूत धुरी बनकर उभर रही हैं। गांव-गांव में सिटीजन इनफार्मेशन बोर्ड (CIB) तैयार कर वे न सिर्फ सूचना का सशक्त माध्यम बना रही हैं, बल्कि पारदर्शिता और जागरूकता की नई इबारत भी लिख रही हैं। इन बोर्डों के जरिए सरकारी योजनाओं, विकास कार्यों और जनहित की जानकारियां आम लोगों तक पहुंच रही हैं, जिससे ग्रामीणों का भरोसा और भागीदारी दोनों बढ़ रहे हैं।आधी आबादी की यह पहल महिला स्वावलंबन की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रही है। अपनी मेहनत और लगन से दीदियां न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि सामाजिक नेतृत्व की भूमिका भी निभा रही हैं। सिटीजन इनफार्मेशन बोर्ड बनाकर वे यह साबित कर रही हैं कि अगर अवसर मिले, तो महिलाएं समाज के विकास की सबसे मजबूत कड़ी बन सकती हैं।स्वंय सहायता समूहों की दीदियां बना रही हैं सिटीजन इनफार्मेशन बोर्ड। सीआईबी बोर्ड बनाकर, आधी आबादी प्रशस्त कर रहीं है महिला स्वावलंबन की राह।
लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन में ग्राम्य विकास विभाग द्वारा महिला सशक्तिकरण व स्वावलंबन की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।स्वयं सहायता समूहों की दीदियों द्वारा प्रदेश में मनरेगा ( वीबी- जी राम जी) के अभिसरण से सीआईबी बोर्ड बनाये जा रहे हैं ।मनरेगा का कार्य आरंभ होने से पूर्व सभी कार्यस्थलों पर स्थापित किए जाने वाले सीआईबी बोर्ड का निर्माण स्वयं सहायता समूह की महिलाएं करती हैं। इस कार्य से स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं की आय में बढ़ोतरी होती है, जिससे महिलाएं अब आत्मनिर्भर बन रहीं हैं और उनका आत्मसम्मान भी बढ़ रहा है।प्रति वर्ष स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा वृहद स्तर पर सीआईबी बोर्ड का निर्माण किया जा रहा है ।ग्रामीण महिलाएं अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में सक्रिय सहभागिता कर रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से मनरेगा( वीबी-जीरामजी) योजनांतर्गत निर्मित होने वाले परिसम्पत्तियों पर नागरिक सूचना पट्टिका ( सिटीजन इनफार्मेशन बोर्ड) का निर्माण किया जा रहा है, इससे स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की आजीविका में संवर्धन हो रहा है।
जब एक महिला आत्मनिर्भर होती है, तो पूरा परिवार आत्मनिर्भर होता है। एक परिवार आत्मनिर्भर होता है, तो समाज की महत्वपूर्ण कड़ी आत्मनिर्भर होती है। जब यह कड़ियां आपस में जुड़ती हैं, तो राष्ट्र निर्माण की इकाई सशक्त होती है और विकसित भारत की संकल्पना साकार होती है। विकसित भारत के लिए महिलाओं का आत्मनिर्भर ही नही, विकसित होना जरूरी है। राज्य ग्रामीण से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्वय सहायता समूहो से जुड़ी 22,170 महिलाओं द्वारा मनरेगा से अभिसरण करते हुए सी आई बी बोर्ड के निर्माण का कार्य किया गया है | वर्तमान समय तक कुल 555681 सी आई बी बोर्ड का निर्माण किया जा चुका है।
इससे ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि के साथ उद्यमिता की भावना भी विकसित हो रही है। मनरेगा योजनान्तर्गत परिसंपत्तियों के सृजन में प्रयुक्त होने वाले सीआईबी बोर्ड की आपूर्ति महिला स्वयं सहायता समूह के माध्यम से करने के निर्देश हैं। सिटीजन इनफार्मेशन बोर्ड में ग्राम पंचायत का नाम, विकास खण्ड, जनपद का नाम,कार्य की आई डी,कार्य की अनुमानित लागत,कार्य प्रारंभ करने की तिथि,कार्य पूर्ण होने की तिथि,मानव दिवस, मजदूरी आदि का उल्लेख किया जाता है। मनरेगा (वीबी- जीरामजी) कार्यस्थल पर लगने वाले सीआईबी बोर्ड के निर्माण हेतु संबंधित समूह को समय से आर्डर दिया जाता है, ताकि कार्य आरंभ होने से पूर्व सभी कार्य स्थलों पर निर्धारित मानकों के अनुसार सीआईबी बोर्ड स्थापित किया जा सके।






















