
योगी आदित्यनाथ ने मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर में 144 छात्राओं के लिए महिला छात्रावास निर्माण हेतु भूमि पूजन और साइबर फॉरेंसिक रिसर्च सेंटर का उद्घाटन कर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा और तकनीकी विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों को सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर वातावरण देना समय की सबसे बड़ी जरूरत है, ताकि वे नए भारत के निर्माण में अपनी प्रभावी भूमिका निभा सकें। गोरखपुर में महिला छात्रावास का शिलान्यास, वर्ल्ड क्लास फॉरेंसिक लैब का उद्घाटन।पावरग्रिड के CSR फंड से तैयार हो रहा यह छात्रावास और वर्ल्ड क्लास फॉरेंसिक लैब न केवल छात्राओं के लिए सुविधाएं बढ़ाएगा, बल्कि प्रदेश को साइबर सुरक्षा और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में भी मजबूत बनाएगा।
गोरखपुर। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए विशेष सुविधाएं समय की आवश्यकता हैं। वासंतीय नवरात्रि के पावन अवसर पर मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में पावरग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के CSR फंड से 144 छात्राओं के लिए महिला छात्रावास निर्माण का भूमि पूजन और शिलान्यास किया गया, साथ ही साइबर फॉरेंसिक रिसर्च सेंटर का उद्घाटन भी हुआ।यह पहल न केवल छात्राओं को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराएगी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी सशक्त करेगी। उन्होंने पावरग्रिड द्वारा प्रदेश में विभिन्न संस्थानों के लिए किए जा रहे योगदान की सराहना की और बताया कि CSR फंड से मेडिकल कॉलेजों, कैंसर संस्थानों और एम्स गोरखपुर में भी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में केवल 02 साइबर थाने थे। प्रदेश में तेजी से इनका विस्तार किया गया है। आज सभी 75 जनपदों में साइबर थाने हैं। समस्त 1,681 थानों में एक-एक साइबर हेल्प डेस्क भी है, जिसमें साइबर अपराध को कण्ट्रोल करने, आमजन को व्यापक जानकारी देने तथा उनकी सहायता के लिए एक स्किल्ड मैनपावर उपलब्ध रहता है। प्रदेश के साइबर थानों ने लोगों के करोड़ो रुपये साइबर अपराधियों से बचाने में सफलता प्राप्त की है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और अब बेटियां बिना भय के शिक्षा और रोजगार के लिए आगे बढ़ रही हैं। पिछले वर्षों में महिला वर्कफोर्स की भागीदारी 12 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत तक पहुंची है, जो सामाजिक बदलाव का संकेत है।
मुख्यमंत्री ने तकनीकी प्रगति पर जोर देते हुए कहा कि आधुनिक समय में साइबर अपराध, डीपफेक और डिजिटल सुरक्षा से निपटने के लिए अत्याधुनिक फॉरेंसिक लैब बेहद जरूरी हैं। उन्होंने बताया कि 2017 से पहले प्रदेश में केवल 2 फॉरेंसिक लैब थीं, जबकि अब ‘ए’ ग्रेड की 12 लैब संचालित हैं और 6 निर्माणाधीन हैं। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में साइबर थाने स्थापित किए जा चुके हैं और हर थाने में साइबर हेल्प डेस्क बनाई गई है, जिससे आम जनता को त्वरित सहायता मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश को तेजी से विकसित होते राज्य के रूप में बताते हुए कहा कि आज प्रदेश आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, एमएसएमई, स्टार्टअप और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में अग्रणी बन रहा है। गोरखपुर में प्रस्तावित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें उद्योग के लिए तैयार करेगा।प्रदेश सरकार गोरखपुर में टाटा टेक्नोलॉजीज़ के साथ मिलकर एक सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस प्रारम्भ कर रही है, जिसको महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी आगे बढ़ा रहा है। इसमें ए0आई0 लैब्स, ड्रोन, साइबर क्राइम व स्पेस टेक्नोलॉजी के साथ-साथ रोबोटिक्स, थ्रीडी प्रिन्टिंग से जुड़ी लैब्स का निर्माण हो चुका है। यह सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस पूर्वी उत्तर प्रदेश के युवाओं की स्किलिंग का एक बेहतरीन केन्द्र बनकर आज की आवश्यकता के अनुरूप देश और प्रदेश के उद्योगों को स्किल्ड मैनपावर उपलब्ध कराने में सहभागी बनेगा।
यह नये उत्तर प्रदेश की वह तस्वीर है, जिसमें टैलेण्ट को टेक्नोलॉजी के साथ जोड़कर इण्डस्ट्री के हब के रूप में स्थापित करने में सफलता प्राप्त हुई है। आज आई0टी0 एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, ए0आई0, सेमी कण्डक्टर, स्टार्टअप और डाटा सेण्टर से लेकर एम0एस0एम0ई0 और डिफेंस सेक्टर के कार्य उत्तर प्रदेश में हो रहे हैं। साइबर, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल, एग्रीटेक, फिनटेक, डीपटेक, हेल्थटेक, टूरिज्म, हॉस्पिटलिटी और स्पोर्ट्स जैसे क्षेत्रों में भी उत्तर प्रदेश तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी पर आधारित 02 सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस की कार्ययोजना को आगे बढ़ाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान के पास ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी की एडवान्स टेक्नोलॉजी है। इससे सम्बन्धित जापान की टीम उत्तर प्रदेश में आ रही है। इस दिशा में कार्य करने के लिए प्रदेश सरकार ने मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का चयन किया है। प्रदेश में उर्वरा भूमि के साथ-साथ सबसे अच्छा जल संसाधन भी है। जल में हाइड्रोजन का अनुपात 2ः1 है। इस दो हिस्से को ऊर्जा में परिवर्तित कर उत्तर प्रदेश दुनिया में ऊर्जा के केन्द्र के रूप में स्थापित होगा। इसके उपरान्त लोगों को पेट्रोल और डीजल पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। एथेनॉल और ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी को रिन्युएबल एनर्जी के साथ जोड़ने से यह बहुत बड़ी भूमिका का निर्वहन करेगा।
इस अवसर पर प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल, सांसद रवि किशन शुक्ल सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अंत में प्रदेशवासियों को रामनवमी की शुभकामनाएं भी दीं।






















