Friday, March 13, 2026
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यूपी में शिक्षा पर बड़ा अभियान:संदीप सिंह

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यूपी में शिक्षा पर बड़ा अभियान:संदीप सिंह
यूपी में शिक्षा पर बड़ा अभियान:संदीप सिंह

योगी सरकार का ‘स्कूल चलो अभियान 2026’ 1 अप्रैल से शुरू, हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ने का लक्ष्य। ड्रॉपआउट और आउट ऑफ स्कूल बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करेगा अभियान। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने डीएम को दिए निर्देश, 6 से 14 वर्ष के बच्चों को अनिवार्य शिक्षा से जोड़ें। अभियान दो चरणों में चलेगा, 1–15 अप्रैल और 1–15 जुलाई तक विशेष नामांकन अभियान। आंगनवाड़ी से इंटर तक छात्रों का 100 प्रतिशत ट्रांजिशन सुनिश्चित करने पर जोर। बालिकाओं, दिव्यांग और वंचित वर्ग के बच्चों के नामांकन पर विशेष फोकस।

समन्वय के साथ प्रभावी ढंग से चलाया जाएगा अभियान – अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा

लखनऊ। प्रदेश में प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से योगी सरकार ने शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए “स्कूल चलो अभियान” को व्यापक स्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि योगी सरकार प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। “स्कूल चलो अभियान” इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि अभियान के माध्यम से विशेष रूप से ड्रॉपआउट तथा आउट ऑफ स्कूल बच्चों की पहचान कर उनका नामांकन सुनिश्चित कराया जाएगा, ताकि प्रत्येक बच्चा शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ सके।

मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के प्रत्येक बच्चे को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। अभियान का पहला चरण 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक तथा दूसरा चरण 1 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक संचालित किया जाएगा।

मुख्य सचिव द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि 3 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले सभी बच्चों का आंगनवाड़ी/बालवाटिका में नामांकन तथा 6 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले सभी बच्चों का कक्षा-1 में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही 7 से 14 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे सभी बच्चों का चिन्हीकरण किया जाए जो किसी कारणवश विद्यालय से बाहर हैं और उन्हें विद्यालयों में नामांकित कराया जाए। अभियान के तहत आंगनवाड़ी से कक्षा-1, कक्षा-5 से कक्षा-6, कक्षा-8 से कक्षा-9 तथा कक्षा-10 से कक्षा-11 में छात्रों का शत-प्रतिशत ट्रांजिशन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है।

निर्देशों में कहा गया है कि “स्कूल चलो अभियान” प्रारंभ होने से पहले प्रत्येक जनपद में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग और संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक आयोजित कर विस्तृत रणनीति और कार्ययोजना तैयार की जाए। जिला विद्यालय निरीक्षक तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और अध्यापकों को आवश्यक निर्देश जारी कर अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।

अभियान को सफल बनाने के लिए समाचार पत्रों, स्थानीय मीडिया, सोशल मीडिया, पोस्टर, बैनर, दीवार लेखन, रैलियों, प्रभात फेरियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। साथ ही सांसदों, विधायकों, जिला पंचायत सदस्यों, ब्लॉक प्रमुखों, ग्राम प्रधानों, स्कूल मैनेजमेंट कमेटियों और स्वयंसेवी संस्थाओं को भी अभियान से जोड़कर जनसहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

निर्देशों में बालिकाओं की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। घरेलू कार्यों, सामाजिक कारणों या विद्यालय की दूरी के कारण शिक्षा से वंचित रहने वाली बालिकाओं को विद्यालयों में नामांकित करने तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में प्रवेश दिलाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। इसके साथ ही दिव्यांग एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों का चिन्हांकन कर उनका नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा और उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप पठन-सामग्री तथा उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।

अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा कि “स्कूल चलो अभियान” को इस वर्ष और अधिक सुनियोजित एवं प्रभावी ढंग से संचालित किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग के साथ-साथ स्वास्थ्य, बाल विकास, पंचायत राज और अन्य विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर व्यापक स्तर पर कार्य किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिलों में अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से अभियान की प्रगति की समीक्षा की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी बच्चे को दस्तावेजों के अभाव में प्रवेश से वंचित न किया जाए। सभी विद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि नए शैक्षिक सत्र के पहले दिन बच्चों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया जाए और विद्यालय परिसर को आकर्षक एवं स्वच्छ बनाया जाए।