महार्षि वाल्मीकि ने भगवान श्रीराम के चरित्र और सनातन मूल्यों को आगे बढ़ाया-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि जयन्ती के अवसर पर जनपद चित्रकूट स्थित वाल्मीकि आश्रम में असावर माता का पूजन, आरती तथा महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा का पूजन तथा वाल्मीकि रामायण पाठ का शुभारम्भ किया। राष्ट्र ऋषि नानाजी देशमुख ने ग्राम स्वराज्य की संकल्पना को साकार रूप प्रदान किया। अर्वाचीन काल में भारत के विकास के मार्ग का अनुसरण करते हुए देश को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया जा सकता है।भगवान राम का चित्रकूट आगमन राम-राज्य की स्थापना का शुभारम्भ था,महर्षि वाल्मीकि जयन्ती और शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर आज से कल तक हर देव मन्दिर में रामायण पाठ का कार्यक्रम आयोजित कर हम सभी महर्षि वाल्मीकि के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का कार्य करेंगे।राम-राज्य की परिकल्पना को साकार करते हुए राज्य सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मूल मंत्र पर कार्य कर रही है।

गरीबों एवं जरूरतमन्दों को राशन कार्ड, पेंशन, आवास, शौचालय आदि सुविधाओं का लाभ विभिन्न योजनाओं के तहत प्रदान किया जा रहा है। बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे विकास की धुरी बनेगाहर घर नल पाइप पेयजल योजना से घर-घर में शीघ्र पाइप पेयजल पहुंचेगा।चित्रकूट को देश और दुनिया से जोड़ने के लिए शीघ्र ही हवाई सेवा प्रारम्भ होगी।वाल्मीकि आश्रम तथा चित्रकूट का प्राकृतिक सौन्दर्य अद्भुतवाल्मीकि आश्रम तथा तुलसीदास जी की जन्मभूमि के संरक्षण व संवर्द्धन की जिला प्रशासन कार्य योजना बनाये, जिससे अधिक से अधिकपर्यटक यहां के प्राकृतिक सौन्दर्य तथा सनातन मूल्यों से परिचित हो सकें।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत आज विश्व की एक आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसरमहर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण लौकिक भाषा में दुनिया का सर्वप्रथम महाकाव्यहजारों वर्षाें की विरासत समेटे हुए, यह क्षेत्र भारत की रामायणकालीन, पौराणिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का स्मरण कराता,चित्रकूट में रामायण तथा रामचरितमानस पर शोध का कार्य भी किया जाए। राष्ट्रऋषि नाना जी देशमुख की ग्राम स्वावलम्बन की अवधारणा पूरे बुन्देलखण्ड क्षेत्र में लागू की जाए। 


लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महार्षि वाल्मीकि जी की जयन्ती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने भगवान श्रीराम के चरित्र और सनातन मूल्यों को आगे बढ़ाने का कार्य किया। मुख्यमंत्री जी ने राष्ट्र ऋषि नानाजी देशमुख को भी श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने ग्राम स्वराज्य की संकल्पना को साकार रूप प्रदान किया। उन्होंने कहा कि अर्वाचीन काल में भारत के विकास के मार्ग का अनुसरण करते हुए देश को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया जा सकता है। एक ऐसा आत्मनिर्भर भारत, जो प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की संकल्पना का आत्मनिर्भर भारत है।

    मुख्यमंत्री आज जनपद चित्रकूट स्थित वाल्मीकि आश्रम में असावर माता के पूजन, आरती तथा महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा के पूजन, हवन तथा वाल्मीकि रामायण पाठ के शुभारम्भ अवसर पर श्रद्धालुओं को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि चित्रकूट जनपद की धरती का दर्शन करने का सौभाग्य आज प्राप्त हुआ है, जहां पर हजारों वर्ष पूर्व भगवान श्रीराम ने महार्षि वाल्मीकि से आशीर्वाद प्राप्त किया था। भगवान राम का चित्रकूट आगमन राम-राज्य की स्थापना का शुभारम्भ था। उन्होंने कहा कि हजारों वर्षाें की विरासत समेटे हुए यह क्षेत्र भारत की रामायणकालीन, पौराणिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का स्मरण हम सबको कराता है।

उन्होंने कहा कि हजारों वर्ष पूर्व इस धरती को अपनी साधना स्थली बनाने वाले महर्षि वाल्मीकि की जयन्ती के अवसर पर प्रदेश के संस्कृति विभाग द्वारा वाल्मीकि रामायण का पाठ हर देव मन्दिर में प्रारम्भ किया जा रहा है। राम-राज्य की ही परिकल्पना को साकार करते हुए राज्य सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मूल मंत्र पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य के गरीबों एवं जरूरतमन्दों को राशन कार्ड, पेंशन, आवास, शौचालय आदि सुविधाओं का लाभ विभिन्न योजनाओं के तहत प्रदान किया जा रहा है। समाज के सभी वर्गाें के उत्थान व कल्याण के लिए कार्य लगातार किये जा रहे हैं। इस वर्ष वैश्विक महामारी कोविड-19 से संघर्ष करते हुए विकास कार्य किये जा रहे हैं।

‘जब तक दवाई नहीं तब तक ढिलाई नहीं’, ‘दो गज की दूरी मास्क है जरूरी’ के सिद्धान्त को अपनाते हुए आगे बढ़ना होगा। जब तक कोविड-19 की वैक्सीन नहीं आ जाती तब तक सबको हर-हाल में बचाव का रास्ता अपनाना है। बचाव ही उपाय है। कोरोना को परास्त करते हुए प्रधानमंत्री जी के मूल मंत्र को अपनाते हुए, ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज’ को जन-जन तक पहंुचाने का कार्य किया जा रहा है।

  मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों/कामगारों के हित व कल्याण के कार्य रहे हों या फिर आत्मनिर्भर पैकेज के अन्तर्गत रोजगार उपलब्ध कराने के प्रयास रहे हों, राज्य सरकार द्वारा सभी पर सफलतापूर्वक कार्यवाही की गयी है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर की स्थापना के निर्माण कार्य का शुभारम्भ हुआ है, जिससे लोगों की वर्षांे की अभिलाषा पूर्ण हो सकेगी।

बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे यहां के विकास की धुरी बनने जा रहा है। हर घर नल पाइप पेयजल योजना से घर-घर में शीघ्र पाइप पेयजल पहुंचेगा उन्होंने कहा कि डिफेंस काॅरीडोर के अंतर्गत चित्रकूट में शीघ्र हथियार निर्मित होंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान राम के साथ साक्षात्कार कराने वाले कोई त्रिकालदर्शी ऋषि हंै, तो वह महर्षि वाल्मीकि हैं। उनके द्वारा रचित रामायण लौकिक भाषा में दुनिया का सर्वप्रथम महाकाव्य है। इसीलिए वे आदि कवि भी कहलाए। दुनिया में भगवान श्रीराम को पहुंचाने का श्रेय यदि किसी को जाता है तो वह हैं महर्षि वाल्मीकि। महर्षि वाल्मीकि ने रामायण की रचना कर राम के चरित्र से जन सामान्य को अवगत कराया। उनके इस कार्य को गोस्वामी तुलसीदास जी ने आगे बढ़ाया।

वाल्मीकि आश्रम तथा चित्रकूट का प्राकृतिक सौन्दर्य और अध्यात्मिकता अद्भुत है। वाल्मीकि आश्रम तथा तुलसीदास जी की जन्मभूमि के संरक्षण व संवर्द्धन की जिला प्रशासन कार्य योजना बनाये, जिससे अधिक से अधिक पर्यटक यहां के प्राकृतिक सौन्दर्य तथा सनातन मूल्यों से परिचित हो सकें। उन्होंने कहा कि चित्रकूट में रामायण तथा रामचरितमानस पर शोध का कार्य भी किया जाए।

चित्रकूट को देश और दुनिया से जोड़ने के लिए शीघ्र ही हवाई सेवा प्रारम्भ करायी जायेगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रऋषि नाना जी देशमुख की ग्राम स्वावलम्बन की अवधारणा पूरे बुन्देलखण्ड क्षेत्र में लागू की जाए। आदरणीय नाना जी देशमुख ने जो विकास कार्य जनपद चित्रकूट के लिए किए, वह अद्भुत है। उन्होंने ग्राम स्वराज्य के सपने को साकार किया। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्वावलम्बन के पथ पर अग्रसर किया। इन कार्याें को और तेजी के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। यह माॅडल केवल चित्रकूट और उसके आस-पास के क्षेत्रों तक सीमित न रहे बल्कि उसे पूरे बुन्देलखण्ड में लागू करना है।

भारत ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर आधारित एक राष्ट्र है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत आज विश्व की एक आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है। इसका जो सपना राष्ट्र ऋषि नाना जी देशमुख ने देखा था, उस सपने को साकार करने के लिए हम सबको परस्पर जुड़ना होगा। महर्षि वाल्मीकि जयन्ती और शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर आज से कल तक हर देव मन्दिर में रामायण पाठ का कार्यक्रम आयोजित कर हम सभी महर्षि वाल्मीकि के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का कार्य करेंगे। इस अवसर पर लोक निर्माण राज्यमंत्री चन्द्रिका प्रसाद उपाध्याय, सांसद आर0के0सिंह पटेल, विधायक आनन्द शुक्ला ने अपने-अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम के प्रारम्भ में मुख्यमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि व राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख के चित्र पर माल्यार्पण किया।

     लोक निर्माण राज्यमंत्री चन्द्रिका प्रसाद उपाध्याय, सांसद आर0के0 सिंह पटेल तथा विधायक मऊ-मानिकपुर ने स्मृति चिन्ह प्रदान कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर प्रेमलाल वाल्मीकि ने वाल्मीकि समाज की ओर से पुष्प गुच्छ भेंटकर मुख्यमंत्री जी का स्वागत किया। कार्यक्रम के अंत में चन्द्र प्रकाश खरे ने आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री जी के आगमन पर हैलीपैड पर पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा  गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button