भाजपा की मदद करना वीआईपी व निषाद पार्टी का मकसद-चौ0लौटनराम निषाद

वीआईपी व निषाद पार्टी का मकसद आरक्षण दिलाना नहीं,प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से भाजपा की मदद करना है।

विकासशील इंसान पार्टी(वीआईपी) व निषाद पार्टी का मकसद निषाद जातियों को आरक्षण दिलाना नहीं,बल्कि प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से भाजपा की मदद करना है।उक्त आरोप वीआईपी पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चौ.लौटनराम निषाद ने लगाते हुए कहा कि दोनों दलों के मुखिया अमित शाह के ही रिमोट कंट्रोल से संचालित हो रहे हैं।समाज को हक़ अधिकार दिलाना इनके एजेंडे में नहीं है बल्कि अपने परिवार की भलाई व राजनीतिक सौदेबाज़ी है।संजय निषाद तो अपने को जेल जाने से बचाने के लिए भाजपा के इशारे पर चलने को मजबूर हैं,वही मुकेश सहनी भाजपा से बड़ा पैकेज का सौदेबाजी किये हैं।भाजपा के चाणक्य अमित शाह मुकेश सहनी को यूपी में इसलिये लगाए हैं कि भाजपा से नाराज निषाद सपा व कांग्रेस के साथ न शिफ्ट हो जाएं, इसलिए वीआईपी के उम्मीदवार लड़ाकर उस वोट को बीच मे रोक दिया जाय।


निषाद ने कहा कि निषाद पार्टी के मुखिया संजय निषाद व वीआइपी संस्थापक मुकेश सहनी कत्तई नहीं निषाद समाज को आरक्षण दिलाना व राजनीतिक उत्थान करना चाहते।राजनीतिक सौदेबाजी कर व टिकट बेचकर मालदार बनना इनका लक्ष्य है।निषाद पार्टी संजय निषाद एन्ड फैमिली की प्रा. लि.कम्पनी है।जिसके राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद, महासचिव इनके सांसद पुत्र हैं।प्रदेश अध्यक्ष इनके साले,प्रभारी इनके दूसरे पुत्र श्रवण निषाद हैं।महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष इनकी पत्नी मालती निषाद, निषाद पार्टी के सहयोगी संगठन के भी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद, महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष इनकी पत्नी मालती निषाद हैं।संजय व मुकेश बिना पैसा के 2,3 टिकट भी अपने पदाधिकारियों को नहीं देंगे बल्कि अपराधियों,बाहुबलियों से मोटी रकम लेकर उम्मीदवार बनाएंगे।


निषाद ने निषाद पार्टी-भाजपा संयुक्त रैली को निराशाजनक बताते हुए कहा कि संजय निषाद ने निषाद समाज को आरक्षण के नाम पर बुलाकर बेवकूफ बनाया। विगत 4 महीने से संजय निषाद बयानबाजी कर रहे थे कि आरक्षण की कानूनी प्रक्रिया पूरी हो गयी है।गृहमंत्री व मुख्यमंत्री लखनऊ रैली में घोषणा कर निषाद समाज को बड़ी सौगात देंगे,लेकिन रैली में आयोजक व अतिथि गण ने आरक्षण शब्द का नाम तक नहीं लिए।गृहमंत्री व मुख्यमंत्री सिर्फ निषाद समाज के रामभक्त होने व राममंदिर पर ही बोलते रहे।मुख्यमंत्री व गृहमंत्री द्वारा निषादों के अधिकार के सम्बंध में झूठ पर झूठ बोला गया।भाजपा ने निषादों, पिछडों,वंचितों को क्या दिया और क्या छीना,इस पर मीडिया के सामने इनसे बहस की मेरी चुनौती है।मुख्यमंत्री ने आरजीआई को पत्र भेजकर झूठा दिलासा देने का काम किये हैं।अब निषाद समाज बिना आरक्षण राजपत्र व शासनादेश के निषाद समाज भाजपा जाल व झांसे में नहीं फँसेगा।

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