Monday, May 4, 2026
Advertisement
Home लाइफ स्टाइल पच्चीस बरस का साथ…

पच्चीस बरस का साथ…

27
पच्चीस बरस का साथ...
पच्चीस बरस का साथ...

पच्चीस बरस का साथ है,खुशियों की सौगात,
तेरे संग हर एक पल, लगता नई शुरुआत॥

रूठे-रूठे दिन गए, हँसती बीती रात,
संग तुम्हारे मिल गई, जीवन को सौगात॥

सुख-दुख के हर मोड़ पर, थामा तेरा हाथ,
पच्चीस बरस में बन गया, अटूट हमारा साथ

तेरी मेरी प्रीत है, जैसे गंगा धार,
जितना बहती ये,उतना बढ़ता प्यार॥

छोटे-छोटे पलों में, खुशियों का विस्तार,
तेरे संग जीवन बना, सुंदर सा संसार॥

वक्त बदलता रोज है, बदलें दिन और रात,
पर ना बदला आज तक, अपना ये जज़्बात॥

बातों में मिठास है, आँखों में विश्वास,
पच्चीस बरस का सफर, बना खास एहसास

थोड़ी खट्टी याद हैं, थोड़ी मीठी बात,
इन्हीं से महका सदा, अपना ये हर साथ॥

सपनों की इस राह में, थामा तेरा हाथ,
तू ही मेरी मंज़िल है, तू ही मेरी बात॥

तेरी हँसी की रोशनी, करती मन उजियार,
तेरे संग ही मिल गया, जीवन को आकार॥

साथ तुम्हारा मिल गया, किस्मत का उपहार,
पच्चीस बरस में और भी, गहरा हुआ ये प्यार॥

हाथों में जब हाथ हो, क्या डर, क्या अंधियार,
तेरे संग ही जीत है, तेरे संग ही हार॥

हर साँस तक यूँ ही रहे, अपना ये साथ,
जीवन की हर राह में, तुम ही मेरा साथ॥